ENGLISH HINDI Saturday, January 18, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
राष्ट्रीय

बालाकोट एक्शन पर रक्षा विशेषज्ञों द्वारा गंभीर विचार-चर्चा

December 15, 2019 09:23 AM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
विभिन्न माहिरों ने ‘अंडरस्टैंडिंग द मैसेज ऑफ बालाकोट’ विषय पर मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल-2019 के दौरान हुए विशेष सैमीनार के दौरान गंभीर विचार-चर्चा की। एयर चीफ़ मार्शल (सेवामुक्त) बीएस धनोआ, स्कूएडर्न लीडर (सेवामुक्त) समीर जोशी, रक्षा माहिर प्रवीन साहनी और क्रिस्टीन फेयर ने इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। एयर चीफ़ मार्शल धनोआ, स्कूएडर्न लीडर समीर जोशी और रक्षा माहिर प्रवीन साहनी ने कहा कि देश के पिछले 47 सालों के युद्ध इतिहास में अपनी तरह का पहला ग़ैर-सेना बचाव कार्यवाही थी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के पायलटों को पूरी तरह से शिक्षित किया गया था जिससे आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के इस ऑपरेशन में किसी तरह की कोई कमी न रह जाये। उन्होंने कहा कि बालाकोट एक्शन का संदेश साफ़ और स्पष्ट था कि आतंकवादियों को पनाह या प्रशिक्षण देने की किसी भी भारत विरोधी कार्यवाही के साथ सख्ती से निपटा जायेगा।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सब कुछ ख़त्म करने या तबाह करने के लिए नहीं बल्कि कब्ज़े वाले कश्मीर में बने आतंकवादी प्रशिक्षण कैंपों और पनाहगाहों को तबाह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने ‘स्पाईस 2000 स्ट्राईक’ बालाकोट में की और आमने -सामने की लड़ाई में भी अपनी महारत दिखाई। उन्होंने कहा कि एक मुल्क के तौर पर पाकिस्तान ने यह साबित कर दिया कि वह तथ्यों को तोड़ -मरोड़ कर पेश करने में माहिर है परन्तु भारत ने यह जवाब दिया कि वह जहाँ भी जाएंगे, भारतीय वायु सेना उनको मुँह तोड़ जवाब देगी।
अपने संबोधन में रक्षा माहिर क्रिस्टीन फेयर ने इस कार्यवाही के निष्कर्षों को और भी संजीदगी के साथ जाँचने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस मौके पर सेवामुक्त एयर मार्शल केके नोहवार ने सैशन के संचालक के तौर पर शिरकत की।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
क्या मुस्लिम महिलाएँ और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं? बीएमटीसी की प्रबंध निदेशक ने चलाई वाल्वो बस, कहीं प्रशंसा तो कहीं आलोचना जांच के दायरे में करीब 20 हजार लोग, दिल्ली पुलिस कर रही है पड़ताल भारत लहराएगा दुनिया में 5जी इंटरनेट का परचम, इसरो ने ताकतवर संचार उपग्रह किया लॉन्च जनगणना कार्य के लिए प्रारंभिक तैयारियां आरम्भः मुख्य सचिव जल होगा तो सब होगा: स्वामी चिदानन्द सरस्वती चिकित्सक को चिकित्सा ज्ञान के साथ व्यवहार कुशल होना भी जरुरी: प्रो. कांत फरवरी से अयोध्या में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ 100008 कुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ नागरिकता संशोधन विधेयक किसी के भी विरोध में नहीं: स्वामी चिदानन्द सरस्वती गंगा नदी पर अवैध प्लेटफ़ार्म बनाने के विरोध में नगर आयुक्त को ज्ञापन