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राष्ट्रीय

गैर मुस्लिम लोगों के साथ होती जादती से निजात दिलाता है सीएए: इंद्रेश कुमार

February 16, 2020 12:52 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के संबंध में कांग्रेस सहित समूह विरोधियों द्वारा किया जा रहा प्रचार झूठा है। उन्होंने कहा कि यह कोई नया कानून नहीं बल्कि पहले से ही बने कानून का ही शोध किया हुआ रूप है। वह आज स्थानीय सैक्टर-37 के लॉ भवन में जोशी फाऊंडेशन द्वारा भारत-तिब्बत सहयोग मंच तथा फेनस के सहयोग से करवाए गए एक सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस कानून में संशोधन करके मुस्लिम देशों से आकर भारत में बसने वाले शरणार्थियों को नागरिकता देने के नियम सरल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहने की शर्त लाजमी थी, जिसमें अब कटौती कर के 5 साल कर दी गई है।    

सीएए कोई नया कानून नहीं, बल्कि संशोधित रूप, शरणार्थियों को नागरिकता देने में सहायक होगा सीएए: खन्ना


उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर शोर मचा रहे राजनीतिक विरोधियों को यह समझना चाहिए कि मुस्लिम देशों में हिन्दू-सिख, पारसी, बौद्धिक आदि धर्म के लोगों के साथ कितनी जाहदती हो रही है। उन्होंने कहा कि इस कानून के शोध से मुस्लिम देशों में बसते गैर मुस्लिम लोगों को सुरक्षा मिलेगी तथा उन पर होता जुल्म खत्म होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि ऐसे मुस्लिम देशों में गैर मुस्लिम लोगों की कितनी खस्ता हालत है। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए की। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की कार्यगुजारी का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को उसके अंदाज में ही उसके द्वारा मचाए कहर का जवाब दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपनी योगय कार्रवाई द्वारा सिर्फ आतंकवाद के अड्डों को तबाह कर के यह साबित कर दिया है कि दुश्मन देश में आम जनता की बजाए आतंकवाद फैलाने वाले लोगों को ही निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की काबलियत ही है कि इसको विश्व भर से सहयोग मिला है, जबकि पाकिस्तान तथा चीन को विश्व ने नकारा है।
इस अवसर पर बोलते हुए भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने कहा कि मोदी सरकार ने शरणाॢथयों को नागरिकता देने का काम पूरी तरह सरल किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास अनेकों ही ऐसी शिकायतें पाई गई हैं, जिनसे साबित होता है कि उक्त कानून में पहले रह गई गलतियों के कारण गैर मुस्लिम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून में हुई शोध की बदौलत अब ऐसे लोग देश में सुरक्षित ढंग से रह सकेंगे, जो मुस्लिम देशों में प्रताडि़त होकर आए हैं।
इस अवसर पर पूर्व जस्टिस एस.एन. अग्रवाल ने भी इस कानून की शोध संबंधी अपने विचार रखे। इससे पहले आए मेहमानों का स्वागत करते हुए जोशी फाऊंडेशन के चेयरमैन विनीत जोशी ने कहा कि जोशी फाऊंडेशन का यह प्रयत्न रहता है कि वह समाजिक गतिविधियों में इजाफा करके जरूरतमंद लोगों को जरूरी सहायता दें।

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