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पंजाब

हाईकोर्ट के आदेशों पर 100 मीटर क्षेत्र में 13 गोदामों पर चला पीला पंजा

February 20, 2020 08:58 PM

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को दिया अंजाम ,-लोगों की पुलिस और प्रशासनिक आधिकारियों के साथ की झड़प

जीरकपुर, जेएस कलेर
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर चंडीगढ़ एअरफोरस स्टेशन के नज़दीक 100 मीटर क्षेत्र में बने मकानों के मामलें में पंजाब सरकार को 19 फरवरी को लगी कड़ी फटकार बाद में आज गुरूवार सुबह 9 बजे ही प्रसाशनिक अधिकारियों ने 2 फायर ब्रगेड की गाड़ीयाँ, एक क्रेन 5 जेसीबी मशीनों सहित भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध ऐलानी गई 81 इमारतों में से 13 गोदामों के बाहर नोटिस लगा कर मुनियादी करवाने के बाद तोड़ फोड़ के लिए विशेष मुहिम चलाई गई।

100 मीटर क्षेत्र में रहते अन्य लोग इन 13 निर्माणों को तोड़ने की कारवाई अपनी छतों पर चढ़ कर देख रहे थे और हर एक को अपनी ज़िंदगी भर की कमाई के साथ बनाऐ आशियाने के टूटने और बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही थी। लोगों में हाईकोर्ट के फ़ैसले प्रति रोष व्याप्त था और लोग सवाल कर रहे थे कि यदि सरकार को हवाई अड्डे के 100 मीटर क्षेत्र की जमीन की यदि ज़रूरत थी ही तो जिस समय पर एयरफोर्स के लिए पभात गाँव की ज़मीन एक्वायर की गई थी उस समय पर ही जमीन एक्वायर क्यों नहीं कर ली गई या फिर उस समय पर इस क्षेत्र में काँटो वाली तार क्यू नहीं लगाई गई ताकि लोगों की जिंदगी भर की कमाई मिट्टी होने से बच जाती। 

  
  
 
 
इस दौरान वर्जित क्षेत्र में बने 13 गोदामों को जे.सी.बी. की सहायता से गिराया गया। 19 फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को कारवाई के लिए पुलिस बल और ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाने के लिए फटकार लगाई गई थी। लंबे समय से घरों का निर्माण करके बसे लोगों में निर्माण तोड़ने की कारवाही दौरान डर और प्रशासन प्रति नाराज़गी का माहौल देखने को मिला।

100 मीटर क्षेत्र में रहते अन्य लोग इन 13 निर्माणों को तोड़ने की कारवाई अपनी छतों पर चढ़ कर देख रहे थे और हर एक को अपनी ज़िंदगी भर की कमाई के साथ बनाऐ आशियाने के टूटने और बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही थी। लोगों में हाईकोर्ट के फ़ैसले प्रति रोष व्याप्त था और लोग सवाल कर रहे थे कि यदि सरकार को हवाई अड्डे के 100 मीटर क्षेत्र की जमीन की यदि ज़रूरत थी ही तो जिस समय पर एयरफोर्स के लिए पभात गाँव की ज़मीन एक्वायर की गई थी उस समय पर ही जमीन एक्वायर क्यों नहीं कर ली गई या फिर उस समय पर इस क्षेत्र में काँटो वाली तार क्यू नहीं लगाई गई ताकि लोगों की जिंदगी भर की कमाई मिट्टी होने से बच जाती। लोगों यह भी आरोप लगाया कि तोड़फोड़ की इस कारवाई में प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रसूखदार व्यक्तियों द्वारा उनके बाद बनाए निर्माणों ख़िलाफ़ कोई कारवाई नहीं कर रहा।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डो के 100 मीटर के क्षेत्र में अवैध निर्माणों के मामले में नगर काउंसिल जीरकपुर को 19 फरवरी से पहले 81 निर्माणों को तोड़ कर स्टेटस रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। 2011 के बाद बने 81 अवैध घोषित निर्माणों को तोड़ने के लिए डीसी मोहाली की ओर से निर्देश दिए गए थे जो जिसमें हाईकोर्ट की ओर से इस मामले की आगामी सुनवाई के 3 मार्च को मुकर्रर की गई है पर इस कारवाई की रिपोर्ट संलग्न करने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में डीसी मोहाली ने नायब तहसीलदार वरिन्दर धुत को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और मयूसीपल इंजीनियर मुकैश राय को नोडल अफ़सर नियुक्त किया था।

आज की कार्यवाही के दौरान डीएसपी डेराबसी गुरबक्शीश सिंह के नेतृत्व में एसएचओ ज़ीरकपुर गुरवंत सिंह, एसएचओ डेराबसी सतीन्द्र सिंह, एसएचओ ढकोली सुमित मोर, एसएचओ लालड़ू गुरचरन सिंह सहित सब डिविज़न की पुलिस फोर्स समेत ज़िला मोहाली से भी भारी पुलिस फोर्स मंगवाई गई थी जिस में महिला पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थीं। इस कार्यवाही के दौरान वार्ड नंबर 28 की महिला पार्षद गुरप्रीत कौर के पति हरप्रीत सिंह और स्थानिय लोगों ने कारवाई रोकने की कोशिश की, जिस पर पुलिस कर्मचारियों की हरप्रीत सिंह के साथ मामूली झड़प भी हुई। पुलिस ने हरप्रीत सिंह को हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया। इस कारवाई दौरान अपने गोदाम गिरते देख कर लोग रोते रहे। इनमें ज़्यादातर गोदाम मालिक और करोड़ों का समान रख किराये पर गोदाम लेने वाले व्यापारी शामिल थे।

इससे पहले अवैध एलाने गए निर्माणों को हटाने के लिए डीसी मोहाली ने वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट 1903 के अंतर्गत नोटिफिकेशन जारी की थी। हवाई अड्डे की दीवार से करीब 100 मीटर क्षेत्र में 398 अवैध निर्माणों की पहचान की गई थी जिनमें से 81 निर्माणों पर हाईकोर्ट के आदेशों और कार्यवाही होनी तय मानी जा रही है।

चंडीगढ़ एअरफोरस स्टेशन की सुरक्षा को देखते इसके 100 मीटर के घेरे में निर्माण करने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगी हुई है। साल 2011 में इस सम्बन्धित नोटिफिकेशन जारी किया गया था जबकि कुछ निर्माण इससे पहले अस्तित्व में आ चुके थे। रोक के बावजूद एअरफोरस स्टेशन के 100 मीटर के घेरे में अवैध निर्माण धड़ल्ले के साथ जारी रहा। पभात क्षेत्र में लोगों की ओर से एअरफोरस स्टेशन की दीवार के साथ अवैध कालोनियां काट निर्माण कर एयरपोर्ट की सुरक्षा को बड़ा ख़तरा पैदा कर दिया है। इसको लेकर एयरपोर्ट अथारटी की ओर से हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया था। हाईकोर्ट ने इसका सख़्त नोटिस लेते नगर काउंसिल को ऐसे निर्माणों की सूची बनाने और भविष्य में कोई भी और निर्माण न होने की बात कही थी परन्तु इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहे जिसके बाद हाईकोर्ट को सख़्त रुख इख्तियार करना पड़ा।

इस कारवाई संबंधित नगर काउंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी मनवीर सिंह गिल ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों और ग्राउंड सर्वेक्षण कर रिपोर्ट बना सौंप दी गई थी। हाईकोर्ट के निर्देशों पर डीसी मोहाली ने नायब तहसीलदार वरिंदर धुत को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और मुकैश राय को नोडल अफसर नियुक्त किया था। आज कार्यवाही के लिए उपयुक्त पुलिस फोर्स उपलब्ध होने पर पहचाने गए 81 अवैध निर्माणों में से 13 गोदामों को मुनियादी करवा उन पर निशानियाँ और नोटिस लगा कर तोड़ने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर चंडीगढ़ एअरफोरस स्टेशन के नज़दीक 100 मीटर क्षेत्र में बने मकानों के मामलें में पंजाब सरकार को 19 फरवरी को लगी कड़ी फटकार बाद में आज गुरूवार सुबह 9 बजे ही प्रसाशनिक अधिकारियों ने 2 फायर ब्रगेड की गाड़ीयाँ, एक क्रेन 5 जेसीबी मशीनों सहित भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध ऐलानी गई 81 इमारतों में से 13 गोदामों के बाहर नोटिस लगा कर मुनियादी करवाने के बाद तोड़ फोड़ के लिए विशेष मुहिम चलाई गई। इस दौरान वर्जित क्षेत्र में बने 13 गोदामों को जे.सी.बी. की सहायता से गिराया गया। 19 फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को कारवाई के लिए पुलिस बल और ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाने के लिए फटकार लगाई गई थी।

लंबे समय से घरों का निर्माण करके बसे लोगों में निर्माण तोड़ने की कारवाही दौरान डर और प्रशासन प्रति नाराज़गी का माहौल देखने को मिला। 100 मीटर क्षेत्र में रहते अन्य लोग इन 13 निर्माणों को तोड़ने की कारवाई अपनी छतों पर चढ़ कर देख रहे थे और हर एक को अपनी ज़िंदगी भर की कमाई के साथ बनाऐ आशियाने के टूटने और बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही थी। लोगों में हाईकोर्ट के फ़ैसले प्रति रोष व्याप्त था और लोग सवाल कर रहे थे कि यदि सरकार को हवाई अड्डे के 100 मीटर क्षेत्र की जमीन की यदि ज़रूरत थी ही तो जिस समय पर एयरफोर्स के लिए पभात गाँव की ज़मीन एक्वायर की गई थी उस समय पर ही जमीन एक्वायर क्यों नहीं कर ली गई या फिर उस समय पर इस क्षेत्र में काँटो वाली तार क्यू नहीं लगाई गई ताकि लोगों की जिंदगी भर की कमाई मिट्टी होने से बच जाती। लोगों यह भी आरोप लगाया कि तोड़फोड़ की इस कारवाई में प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रसूखदार व्यक्तियों द्वारा उनके बाद बनाए निर्माणों ख़िलाफ़ कोई कारवाई नहीं कर रहा।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डो के 100 मीटर के क्षेत्र में अवैध निर्माणों के मामले में नगर काउंसिल जीरकपुर को 19 फरवरी से पहले 81 निर्माणों को तोड़ कर स्टेटस रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। 2011 के बाद बने 81 अवैध घोषित निर्माणों को तोड़ने के लिए डीसी मोहाली की ओर से निर्देश दिए गए थे जो जिसमें हाईकोर्ट की ओर से इस मामले की आगामी सुनवाई के 3 मार्च को मुकर्रर की गई है पर इस कारवाई की रिपोर्ट संलग्न करने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में डीसी मोहाली ने नायब तहसीलदार वरिन्दर धुत को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और मयूसीपल इंजीनियर मुकैश राय को नोडल अफ़सर नियुक्त किया था। आज की कार्यवाही के दौरान डीएसपी डेराबसी गुरबक्शीश सिंह के नेतृत्व में एसएचओ ज़ीरकपुर गुरवंत सिंह, एसएचओ डेराबसी सतीन्द्र सिंह, एसएचओ ढकोली सुमित मोर, एसएचओ लालड़ू गुरचरन सिंह सहित सब डिविज़न की पुलिस फोर्स समेत ज़िला मोहाली से भी भारी पुलिस फोर्स मंगवाई गई थी जिस में महिला पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थीं। इस कार्यवाही के दौरान वार्ड नंबर 28 की महिला पार्षद गुरप्रीत कौर के पति हरप्रीत सिंह और स्थानिय लोगों ने कारवाई रोकने की कोशिश की, जिस पर पुलिस कर्मचारियों की हरप्रीत सिंह के साथ मामूली झड़प भी हुई। पुलिस ने हरप्रीत सिंह को हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया। इस कारवाई दौरान अपने गोदाम गिरते देख कर लोग रोते रहे। इनमें ज़्यादातर गोदाम मालिक और करोड़ों का समान रख किराये पर गोदाम लेने वाले व्यापारी शामिल थे। इससे पहले अवैध एलाने गए निर्माणों को हटाने के लिए डीसी मोहाली ने वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट 1903 के अंतर्गत नोटिफिकेशन जारी की थी। हवाई अड्डे की दीवार से करीब 100 मीटर क्षेत्र में 398 अवैध निर्माणों की पहचान की गई थी जिनमें से 81 निर्माणों पर हाईकोर्ट के आदेशों और कार्यवाही होनी तय मानी जा रही है। चंडीगढ़ एअरफोरस स्टेशन की सुरक्षा को देखते इसके 100 मीटर के घेरे में निर्माण करने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगी हुई है। साल 2011 में इस सम्बन्धित नोटिफिकेशन जारी किया गया था जबकि कुछ निर्माण इससे पहले अस्तित्व में आ चुके थे। रोक के बावजूद एअरफोरस स्टेशन के 100 मीटर के घेरे में अवैध निर्माण धड़ल्ले के साथ जारी रहा। पभात क्षेत्र में लोगों की ओर से एअरफोरस स्टेशन की दीवार के साथ अवैध कालोनियां काट निर्माण कर एयरपोर्ट की सुरक्षा को बड़ा ख़तरा पैदा कर दिया है। इसको लेकर एयरपोर्ट अथारटी की ओर से हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया था। हाईकोर्ट ने इसका सख़्त नोटिस लेते नगर काउंसिल को ऐसे निर्माणों की सूची बनाने और भविष्य में कोई भी और निर्माण न होने की बात कही थी परन्तु इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहे जिसके बाद हाईकोर्ट को सख़्त रुख इख्तियार करना पड़ा।

इस कारवाई संबंधित नगर काउंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी मनवीर सिंह गिल ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों और ग्राउंड सर्वेक्षण कर रिपोर्ट बना सौंप दी गई थी। हाईकोर्ट के निर्देशों पर डीसी मोहाली ने नायब तहसीलदार वरिंदर धुत को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और मुकैश राय को नोडल अफसर नियुक्त किया था। आज कार्यवाही के लिए उपयुक्त पुलिस फोर्स उपलब्ध होने पर पहचाने गए 81 अवैध निर्माणों में से 13 गोदामों को मुनियादी करवा उन पर निशानियाँ और नोटिस लगा कर तोड़ने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

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