ENGLISH HINDI Friday, April 10, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
30 अप्रैल तक सरचार्ज या ब्याज सहित सभी बकायों पर नहीं लगेगा विद्यार्थियों को तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए हेल्पलाइन लांचरात को कहीं भी बिजली नहीं काटी जाएगी: रणजीत सिंहकोविड आइसोलेशन वार्डों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल, ड्राइवरों को कोरोना पीरियड के दौरान वेतन दोगुना मिलेगा  रबी फसल खरीद के दौरान किसानों की सुविधा के लिए, 24&7 टोल-फ्री हेल्पलाइन सुविधा जिला बरनाला में कोरोना वायरस से हुई पहली मौतकोरोना का करंट! औसत बिजली बिल आने से भड़के शहर वासी, जब काम धंधा नहीं कहा से भरेंगे बिलप्राईवेट स्कूलों को कफ्र्यू दौरान स्टाफ को पूरा वेतन जारी करने के निर्देश
हरियाणा

कोरोना वायरस भगाने के लिए जनता कफर्यू जरूरी: मनोहर

March 21, 2020 11:10 PM

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को हम सबको मिलकर रोकना है और यहीं से वापस भगाना है लेकिन इसके लिए हम सबको कल होने वाले जनता कफर्यू को सफल बनाना होगा और अपने-अपने घरों में रहना होगा।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रदेशवासियों के नाम नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर संदेश दे रहे थे। इस वायरस का दूसरे से तीसरा चरण और चौथा चरण बहुत खतरनाक चरण है इसलिए हमको चुनौती के रूप में इसका मुकाबला करना होगा और इस लड़ाई को लडऩे के लिए हम लोग सामूहिक रूप से इसका मुकाबला करेंगे। इतिहास में भी ऐसी बहुत सी चुनौतियां हमारे सामने आई हैं जिस समय हमने सामूहिक रूप से लड़ा है और अब भी सामूहिक रूप से हमें लडऩा है लेकिन एक बड़ा अंतर यह है कि पहले हम इक_े होकर एक समूह बनाकर यह सामूहिक लड़ाई लड़ते थे लेकिन अब यह बहुत एक अलग प्रकार की लड़ाई है कि सामूहिक रूप से नहीं रहना है बल्कि इसमें तो अकेले अकेले रहकर अपने आपको अलग करक,े जिसको सोशल डिस्टेंसिंग कहा गया है, इस लडाई को जीतना है।

सरकार ने लगभग 2400 आईसोलेशन वार्ड (पृथक वार्ड) और 6000 से अधिक क्वारनटाईन कमरों (संगरोधक कमरों) को तैयार किया जा चुका हैं और इस प्रकार की व्यवस्था को बढाने की कार्यवाही लगातार जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देेते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों व क्षेत्रों में आईसोलेशन वार्ड (पृथक वार्ड) और क्वारनटाईन कमरों (संगरोधक कमरों) की व्यवस्था पर बल दें ताकि किसी भी आपात स्थिति में निपटने में दिक्कत न हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में धारा 144 लगाई गई है और इसके मदेनजर किसी भी जगह पर 20 से ज्यादा व्यक्तियों को एकत्रित न होने दें।

 

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस प्रकार से अपना व्यवहार दिखाकर हम एक दूसरे से संपर्क किए बिना अलग अलग रहकर भी सामूहिकता दिखा सकते है और इस लड़ाई को लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि जैसा हम सभी को मालूम है देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च, 2020 को ही देशवासियों से आहवान किया था कि 22 मार्च, 2020 यानि रविवार को जनता कर्फ्यू लगाना है अत: हमें अपने घर से बाहर नहीं निकलना है और घर में रहकर ही सारे काम करने हैं, केवल आवश्यक सेवाओं जैसे मैडीकल स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे हुए, मीडिया कर्मी, पुलिस कर्मी व सफाई कार्य में कार्यरत लोगों को ही निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार ही वाहन व्यवस्था चलेगी।
उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में बताया कि इसकी लाइफ कुल मिलाकर 8 से 12 घंटे तक होती है लेकिन यदि हमने जनता कफर्यू प्रयोग सफल किया तो यह चक्र टूट सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर हम यह चक्र तोड़ देंगे तो हमारा सुरक्षा चक्र मजबूत हो जाएगा इसलिए हमें इस प्रयोग को सफल प्रयोग करना है। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा रोग है जिसके संवाहक हम खुद हैं और हम अगर चाहेंगे तो इसे लेकर अपने घर पहुंच जाएंगे और हम अगर नहीं चाहेंगे तो इसको अभी भी आगे बढऩे से रोक सकते हैं। उन्होंने बताया कि व्यक्ति-व्यक्ति का संपर्क ना बने इसलिए हमें दूरी बनाई रखनी होगी।

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि हमें अपने घर से काम करना चाहिए ताकि जो आवश्यक काम हो उसका निपटारा हम कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के नाते भी हमने आह्वान किया है कि जो 50 वर्ष से ऊपर हैं वह निश्चित रूप से अपने घर से काम करें। 

अगर हम ट्रेवल भी करते हैं तो ट्रैवलिंग के समय भी एक सीट छोड़ कर के बैठे इन सब निर्देश का पालन करेंगे कि एक दूसरे से हमारा संपर्क ना बने इसका जरूर ध्यान रखें। सोशल डिस्टेंसिंग का अर्थ है हम खुद को एक दूसरे से अलग रखें सिर्फ 10 या 15 दिन की बात है और 10 से 15 दिन इन बातों का हमें पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति का कोई सुझाव है तो हमने इसके लिए प्रदेश स्तर पर एक हेल्पलाइन नंबर 8558893911 भी बनाई है ताकि कोई भी मामला हल करने के लिए अथवा कोई बात अपने कहने के या पहुंचाने के लिए हम इस हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं इस प्रकार जिला स्तर पर भी एक हेल्प लाइन बनाई गई है उसका नंबर 108 है।

उन्होंने बताया कि शाम को 5.00 बजे शहरों में सायरन की व्यवस्था की गई है और गांव में भी व्यवस्था होगी और सभी लोग अपनी थाली बजाकर, ताली बजाकर जरूरी सेवा में लगे लोगों की प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं विश्वास दिलाता हूं कि इन चीजों की कमी नहीं आने दी जाएगी इसकी सप्लाई पूरी सरकार की सभी व्यवस्थाएं बाजार की सभी व्यवस्थाएं सतर्क है इस काम के लिए आप संग्रह ना करें बल्कि यथार्थ समय आपको यह चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी ऐसा आपको आश्वासन भी देता हूं कोई इसका संग्रह ना करें’’। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं विश्वास कर सकता हूं कि हम इस लड़ाई के अंदर जीतेंगे इस लड़ाई में मानव जाति इसकी जीत होगी हम सब मिलकर इसका मुकाबला करेंगे और विशेष तौर पर कल के जनता कफर्यू को हम सफल बनाएंगे यही निवेदन करने के लिए आप लोगों के सामने में आया हूं’’।

गुरूग्राम व फरीदाबाद के लिए 5 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित न होने दें : हरियाणा सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते प्रकोप को कम करने व इस संकट को खत्म करने के लिए राज्य के विभिन्न भीडभाड वाले स्थानों पर कीटाणुशोधन (स्टरलाईजेशन) करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में 20 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित न होने दें तथा गुरूग्राम व फरीदाबाद के लिए 5 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित न होने दें, ताकि राज्य में इस वायरस को अधिक फेलने से रोका जा सकें। यह निर्देश आज यहां हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से आयोजित एक बैठक में राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि कीटाणुशोधन (स्टरलाईजेशन) के दौरान नगरपालिका के कर्मचारियों को पूरा प्रोटोकोल अपनाना होगा और सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे सभी कर्मचारियों को वर्दी, टोपी, दस्ताने, मास्क इत्यादि मुहैया करवाना सुनिश्चित करना होगा ताकि हम इस बीमारी से लड सकें। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से गांवों में पंचायतों की मदद से कीटाणुशोधन (स्टरलाईजेशन) किया जाना चाहिए और इस सारे कार्य को संबंधित उपायुक्त सुनिश्चित करेंगें। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड व क्वारनटाईन कमरों का निरीक्षण करें।

श्री विज ने कहा कि अभी तक राज्य सरकार ने लगभग 2400 आईसोलेशन वार्ड (पृथक वार्ड) और 6000 से अधिक क्वारनटाईन कमरों (संगरोधक कमरों) को तैयार किया जा चुका हैं और इस प्रकार की व्यवस्था को बढाने की कार्यवाही लगातार जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देेते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों व क्षेत्रों में आईसोलेशन वार्ड (पृथक वार्ड) और क्वारनटाईन कमरों (संगरोधक कमरों) की व्यवस्था पर बल दें ताकि किसी भी आपात स्थिति में निपटने में दिक्कत न हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में धारा 144 लगाई गई है और इसके मदेनजर किसी भी जगह पर 20 से ज्यादा व्यक्तियों को एकत्रित न होने दें।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग ने निर्णय है कि ऐसे सभी अस्पताल, जहां आईसोलेशन वार्ड (पृथक वार्ड) और क्वारनटाईन कमरों (संगरोधक कमरों) हैं और कोरोना वायरस के मरीजों को रखा गया है, वहां पर पीसीआर तैनात रहेगी और पर्याप्त पुलिस कर्मी भी तैनात रहेेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हों। उन्होंने कहा कि अभी भारत में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) चरण-2 में और हम सभी को चाहिए कि हम इसे चरण-3 व चरण-4 तक न पहुंचने दें और इसके लिए लोगों को सोशल डिस्टैसिंग अपनाने के लिए लगातार प्रेेरित करें तथा किसी भी प्रकार का जनसमूह इकटठा न होने दें।

वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोडा, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मैडीकल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव ने भी जिलों के संबंधित अधिकारियों को विभिन्न दिशानिर्देश दिए।

बैठक में खा़द्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पीके दास, केन्द्रीय कृषि एवं सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डा अभिलक्ष लिखी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज सभी जिला उपायुक्तों एवं दवा विक्रेताओं के संगठनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की और विक्रेताओं से अनुरोध किया कि वे सभी प्रकार की दवाईयों, मास्क और सैनिटाइजर की आपूर्ति दुरूस्त रखने में अपनी भूमिका अदा करें। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित थे।
2 प्लाई मॉस्क की 8 रुपये व 3 प्लाई मॉस्क की 10 रुपये तथा सैनिटाईजर की 200 एम.एल. की कीमत 100 रुपये तय

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 प्लाई मॉस्क की 8 रुपये व 3 प्लाई मॉस्क की 10 रुपये तथा सैनिटाईजर की 200 एम.एल. की कीमत 100 रुपये तय कर दी गई है। इसलिए सभी विक्रेता इन वस्तुओं की कालाबाजारी न करें एवं सरकार द्वारा तय की गई दर पर ही बेचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी जिले में यदि सैनिटाईजर की कमी है तो संबंधित जिला उपायुक्त अन्य जिलों के निर्माणकर्ताओं या विक्रेताओं से समन्वय स्थापित करके आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सैनिटाईजर निर्माण के लिए प्रयोग होने वाला कच्चा माल जैसे आइसोप्रोपिल एल्कोहल इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश व अनुरोध पर सभी दवा विक्रेताओं के संगठनों ने आश्वासन दिया कि सैनिटाईजर, मॉस्क और जरूरतमंद दवाईयों इत्यादि की उपलब्धता सरकार द्वारा नियत दरों पर करवाई जाएंगी।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

जनता कफ्र्यू के दौरान दैनिक जरूरतों जैसे, करियाने की दुकानें, पैट्रोल पंप, दवाईयों की दुकाने इत्यादि खुली रहेंगी: 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  22 मार्च को जनता कफ्र्यू के दौरान दैनिक जरूरतों जैसे, करियाने की दुकानें, पैट्रोल पंप, दवाईयों की दुकाने इत्यादि खुली रहेंगी। जनता को डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कल यानी रविवार 22 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए जनता कफ्र्यू के आह्वान को सफल बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज सभी जिला उपायुक्तों, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों तथा प्रत्येक जिले के करियाने की वस्तुओं के थोक विक्रेताओं तथा परचून विक्रेताओं के साथ राज्य में आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त स्टॉक व इसकी उपलब्धता बारे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने की आवश्यकता को देखते हुए विभिन्न निर्देश जारी किए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी आवश्यक वस्तु की कोई किल्लत न हो और आवश्यक वस्तुओं के थोक व परचून दरों में कोई अनावश्यक बढ़ोतरी न हो एवं मुनाफाखोरी व जमाखोरी को रोकने के लिये सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके अलावा, यदि आवश्यक हो तो सभी जिला उपायुक्त अपने जिलों में ऐसे प्रतिष्ठान जोकि आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं से जुड़े हुए नहीं हैं, उन्हें बन्द करने बारे आवश्यक कार्यवाही कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य में स्थित सभी प्रकार के व्यवसाय से जुड़े हुए लोग अपने आधीन कार्यरत कर्मचारियों के छुटटी पर होने की अवस्था में उनका विशेष ध्यान रखते हुये व मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये उनके वेतन इत्यादि में कटौती न करें और उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जैसा कि रबी खरीद-2020 अब 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस बारे अनाज मंडियों में भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिये गेहूं की आवक बारे एक बेहतरीन व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में घबराहट में आकर आवश्यकता से अधिक खरीदारी को हतोत्साहित किया जाए, ताकि लोग जरूरत से अधिक सामान न खरीदें और जनता को यह यकीन दिलाएं कि आवश्यक सामान की पूर्ति निरंतर होती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुचिश्चित करेगी कि आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति और परिवहन में किसी भी प्रकार की बाधा न हो और व्यापारियों को सभी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संक्रमण के खतरे को दूर करने के लिये सभी व्यापारी नकद मुद्रा के प्रचलन के स्थान पर कैशलैस सुविधा को बढ़ावा दें जैसा कि राज्य सरकार द्वारा कैशलैस को बढ़ावा देने के लिए पहले ही कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं।मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में जनता को जागरूक करें कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आन्नद अरोड़ा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने हेतू निर्देश जारी: हरियाणा सरकार ने नॉवेल कोरोना वायरस (कोविड -19) के कारण संस्थानों को बंद करने के दौरान छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने हेतू निर्देश जारी किये है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा शिक्षा विभाग के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक और तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखा गया है।

नोवेल कोरोना वायरस (कोविड -19) के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक हित में कुछ निवारक कदम शिक्षा विभागों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों द्वारा उठाए जाने की आवश्यकता है इसलिए इस संबंध में सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी शिक्षा विभाग, संस्थान, विश्वविद्यालय अपने आधिकारिक वेब-पोर्टल और अन्य ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से अपने छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार करेंगे। विभागों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों को अपने स्वयं के संकाय (फैकल्टी) द्वारा वीडियो-ऑडियो पाठ, ट्यूटोरियल तैयार करवाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी संबंधितों को इन आदेशों की अनुपालना करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

सीमित पब्लिक डिलिंग के निर्देश: हरियाणा सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढते प्रभाव को रोकने के लिए राज्य सरकार के सभी विभागों में रोकथाम के कदम उठाते हुए सीमित पब्लिक डिलिंग के निर्देश जारी किए हैं।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलाक्युतों, बोर्ड व निगमों के सभी प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, राज्य के सभी उपायुक्तों सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है।

उन्होंने बताया कि सभी विभागों व कार्यालयों द्वारा राज्य व जिला के सचिवालयों के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में लोगों के आने-जाने को सीमित किया जाना चाहिए और असाधाराण हालातों में ही नियंत्रित और नियमित क्रम अनुसार लोगों के आने-जाने पर स्वीकृति दी जानी चाहिए। प्रवक्ता ने बताया कि विभागों को आम जनता के लिए टेलीफोन नंबर मुहैया करवाना होगा ताकि वे किसी भी प्रकार की जानकारी व सेवा कार्यालय समय के दौरान ले सकें। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के प्रमुखों को इन आदेशों की अनुपालना करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हरियाणा ख़बरें
30 अप्रैल तक सरचार्ज या ब्याज सहित सभी बकायों पर नहीं लगेगा विद्यार्थियों को तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए हेल्पलाइन लांच रात को कहीं भी बिजली नहीं काटी जाएगी: रणजीत सिंह कोविड आइसोलेशन वार्डों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल, ड्राइवरों को कोरोना पीरियड के दौरान वेतन दोगुना मिलेगा   रबी फसल खरीद के दौरान किसानों की सुविधा के लिए, 24&7 टोल-फ्री हेल्पलाइन सुविधा जमाखोरी, कालाबाजारी और मूल्य वृद्धि को नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित मंडी में पहुंचने वाले किसान को मिलेगा मास्क और सैनिटाइजर कोविड-19 संक्रमण की भ्रामक सूचना पर साइबर सेल की पैनी नज़र, गलत पोस्ट पर हो सकती है सजा एक आईएएस अधिकारी स्थानांत्रित निजी विद्यालयों को निर्देश: फीस जमा करवाने पर तत्काल प्रभाव से रोक