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पंजाब

नवरात्रे शुरु, मंदिरों की बजाए घरों से हुए पूजा पाठ

March 26, 2020 08:08 AM

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार कपिल:
भले ही 25 मार्च का दिन हिन्दु नववर्ष एवं नवरात्रों का शुरुआती दिन है लेकिन पचास साल बाद ऐसा दिन आया है। जिस वक्त ना तो कोई नववर्ष की खुशी मना सका है और ना ही नवरातों में हिमाचल के मंदिरों में जाना तो दूर की बात शहर के मंदिर जाकर भी पूजा अर्चना नहीं कर सका है। यहां तक कि देशभर में लोगों को किसी शहर से मंदिरों में से घंटियां बजने की गूंज सुनाई नहीं दी। लोगों ने अपने परिवार के साथ ही घर में बने पूजा स्थलों पर बैठ मां शैलपुत्री का ध्यान किया और दुर्गा स्तुती का पाठ शुरु किया।
कंजक पूजन को लेकर चिंतित:
आदि शक्ति दुर्गा माता मंदिर, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर, माता चिंतपूर्णी माता मंदिर, मंदिर माता छिन्नमस्तिका, श्री गीता भवन समेत समस्त मंदिर प्रबंधकीय कमेटियों के पदाधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लोग नवरातों की पूजा तो घर में बैठकर कर लेंगे लेकिन अष्टमी के मौके एवं नौंवी रात्री का कार्यक्रम कैसे करेंगे। इसके अलावा नवरातों में जो कंजक पूजन का विशेष महत्व होता है उसे कैसे करेंगे। गौरतलब हो कि कंजक पूजन को लेकर पूरे विश्व में उत्साह होता है। लोग अपने अपने घर देसी घी से पुरी-हलवा की कड़ाही बनाते हैं, कंजकों को खुश करने के लिए नाना प्रकार के उपहारों की खरीददारी करते हैं। नन्ही नन्ही कंजकें लोगों के घरों में जाती हैं, घर वाले उनकी श्रद्धा पूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें भोजन करवाते हैं उनका आर्शीवाद प्राप्त करते हैं। यह खुशी इस वर्ष लोगों को नसीब होगी या नहीं इस प्रश्न को लेकर आस्था रखने वाले लोगों ने ईश्वर पर छोड़ दी है, साथ ही अपने अपने जिला प्रशास्निक अधिकारियों से कुछ वक्त के लिए छूट देने की भी उम्मीद लगा रहे हैं।

 
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