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पंजाब

लापरवाही: पीजीआई जाते एंबूलेंस वाहनों एवं टोल प्लाजा को नहीं किया जा रहा सैनेटाईज

March 28, 2020 09:14 PM

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार:
भले ही पंजाब देश के बाकी प्रांतों के मुकाबले काफी हद तक कोरोना वायरस से दूर है, लेकिन प्रदेश में 39 केस पॉजीटिव पाए जाने के बावजूद सेहत विभाग ने पीजीआई जाते एंबूलेंस वाहनों और राष्ट्रीय राज मार्ग पर बने टोल प्लाजा को संबंधित विभागों द्वारा सैनेटाईज नहीं किया जा रहा। जिनसे कभी भी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के सवार होने के बाद वाहन चालक व उस वाहन में दूसरा बैठने वाला व्यक्ति इस बीमारी का शिकार हो सकता है। जिसकी तरफ किसी अधिकारी ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है।   

नशे की आपूर्ती नहीं होने से सडक़ों पर दौड़ रहे नशेड़ी कभी भी कर सकते हैं किसी को भी कोरोना संक्रमित।


गौरतलब है कि पटियाला, बरनाला, संगरूर, मानसा, बठिंडा आदि जिलों से संबंधित ज्यादातर शहरों के अस्पतालों से सीरीयस मरीजों को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई या सेक्टर-32 के सरकारी अस्पताल रेफर किया जाता है। उधर रायकोट, जगरावां, खन्ना, आदि शहरों के अस्पतालों द्वारा मरीजों को डीएमसी रेफर किया जाता है। वहाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो रही जानकारियां सेहत विभाग की लापरवाही का खुल्लासा कर रही हैं। वायरल हो रहे समाचारों में बताया जा रहा है कि रेफर करने से पहले सरकारी अस्पताल के प्रबंधकों द्वारा एंबूलेंस को सैनेटाईज नहीं किया जा रहा।
टोल प्लाजा के मुलाजिम असुरक्षित:
कफ्र्यू के दौरान देशभर के लोगों को सही वक्त पर विभिन्न किस्म का राशन, दवाईयां, फल, पैट्रोल समेत सामान पहुंचाने के लिए हजारों ट्रक व अन्य वाहन गुजरते हैं। टोल प्लाजा के मुलाजिम इस बात से चिंतित हैं कि उनक संबंधित विभाग ने टोल प्लाजा को सैनेटाईज करने के व्यापक प्रबंध नहीं किए हैं। ज्यादातर मुलाजिमों को तो अभी तक मास्क भी उपलब्ध नहीं करवाए सके। पैसे के लेन-देन के वक्त कोई प्रबंध नहीं है। वाहन चालक संक्रमित है या किसी संक्रमित मरीज के पास से उठ कर टोल प्लजा से गुजर रहा है के बारे में किसी टोल प्लाजा पर डाक्टरों की टीम तैनात नहीं की गई। जिससे खतरा होने से पहले ही वाहन को रोका जा सके।
नशेडिय़ों की भी नहीं की जांच:
राज्य के सेहत विभाग द्वारा शायद ही कोई किसी ऐसे क्षेत्र के प्रति दावा किया होगा जहां उन्होंने कोई मेडीकल शिवर लगाया हो। बरनाला में तीन लाख से ज्यादा की आबादी है। लेकिन अभी तक मात्र साढे तीन सौ लोगों का ही निरीक्षण किया जा सका है। गौरतलब है कि तीन दिनों से लगे कफ्र्यू के दौरान पुलिस की पैनी नजर से छिपे रहे बरनाला के दो नशेड़ी शुक्रवार को रेलवे स्टेशन के बाहर जीआरपीएफ की पुलिस चौकी के पीछे घूमते देखे गए। जिन्होंने वहां खाली जगह में उगी हुई भांग बूटी को तोड़ रगडऩा शुरु कर दिया। उसे नशे के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए हरी भांग की बत्तियां बना फुर्रर हो गए। बताया जा रहा है कि भयानक बीमारी के संक्रमण ऐसे ही लोगों में होते हैं।

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