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पंजाब

कोरोना से बिना हथियार सीधी लड़ाई लड़ रहे योद्धा सेहत कर्मियों को आज मिलीं बचाव किट्टें

April 07, 2020 08:33 PM

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार:
कफ्र्यू के शुरु होने से लेकर सोमवार की रात तक आम लोगों को तो क्या फील्ड में काम करते सेहत विभाग के डाक्टरों, हेलपरों, नर्सों, फरमासिस्टों व सफाई सेवकों तक को पीपीई किटें उपलब्ध करवाना तो दूर की बात मास्क व सेनेटाईजर भी मुहैया नहीं हो सके थे। जिससे कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रहे दो डाक्टरों और तीन हेल्परों के टैस्ट जांच के लिए भेजने पड़े थे। जिस बाबत सोमवार को संबंधित अधिकारियों से बात करने के बाद नींद से जागे प्रशासन द्वारा मंगलवार को सेहत विभाग को पीपीई किटट्टें और आवश्यक सामान मुहैया करवाया गया। उसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टोरों में छिपा कर रखे हुए सरकारी मास्क और सेनेटाईजरों का वितरण भी शुरु हो गया।
अधिकारियों ने डीसी के पास किए थे बड़े-बड़े दावे:
मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर बरनाला तेज प्रताप सिंह फुलका स्वयं सेहत विभाग को पीपीई किट्टें बांटने सिविल अस्पताल पहुँचे। उन्होंने सेहत विभाग से संबंधित डाक्टरों, हेल्परों व सफाई सेवकों से बातचीत की। उन्हें पेश आ रही मुश्किलें सुनी और उन्हें मौके पर ही 200 पीपीई किट्टें, 200 एन-25 मास्क और 500 सेनेटाईजर भेंट किए। जबकि उससे पहले जिला के सेहत विभाग ने दावा किया था कि उनके पास पुख्ता प्रबंध हैं। वर्णननीय है कि डिप्टी कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा कि इस समान की खरीद जिला प्रशासन की ओर से की गई है। इस मौके अधिक डिप्टी कमिश्नर (जन) मैडम रूही दुग्ग, एसडीएम अनमोल सिंह धालीवाल, सिविल सर्जन डा. गुरिन्दरबीर सिंह, एस.एम.ओ. डा. तपिन्दरजोत कौशल, एसपी (हैडक्वाटर) गुरदीप सिंह भी उपस्थित थे।
इन सवालों के मांगे गए थे जवाब:
विदेश से लौटे कितने लोगों के टैस्ट हो चुके हैं, जब सेहत विभाग के पास सभी पुख्ता प्रबंध हैं तो कोरोना वायरस संदिग्ध मरीजों का ईलाज कर रहे दो डाक्टरों व तीन हेल्परों के टैस्ट जांच के लिए भेजने की क्यूं जरूरत पड़ी। डाक्टर, सहयोगी, सफाई सेवक, समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता व फील्ड के पत्रकार कोविड-19 के खिलाफ सीधा युद्ध कर रहे हैं उनके बचाव लिए क्या किया जा रहा है । कोरोना से पहले डेंगू का प्रकोप का नतीजा भुगतने के बावजूद नगर परिषद की ओर से शहर को सैनेटाईज करने के लिए ठोस कदम क्यूं नहीं उठाया गया।   


ग्राउंड रिपोर्ट असलियत के विपरीत:
राज्य सरकार की ओर से प्रदेश को कोरोना वायरस से मुक्त रखने के लिए सभी जिला केंद्रों पर बड़ी तादाद में सेनेटाईजर व मास्क उपलब्ध करवाए गए थे। जिला बरनाला के सेहत विभाग को भी 50 हजार मास्क और 80 लीटर सेनेटाईजर व अन्य समान पहुंचा था। जिला के रेडक्रॉस विभाग को करीब दो सो मिली लीटर युक्त 500 शीशियां पहुंची थी। अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी भारी संख्या में सैनेटाइजर और मास्क पहुंचे थे। जिन्हें शहरवासियों से छिपाए रखा। मेडीसन की दुकानों के मालिकों की ओर से सेनेटाईजर व मास्क की कालाबजारी की गई। जानते हुए भी प्रशासन खामोश रहा। आलम यह है कि शहर का आधा हिस्सा अभी तक सेनेटाईजर व मास्क का इस्तेमाल करने से वंचित है।
यह कहते हैं अधिकारी:
डिप्टी कमिश्नर तेज प्रताप सिंह फूलका ने कहा है कि कोरोना वायरस का युद्ध स्तर पर मुकाबला किया जाएगा। फील्ड में काम करते हर व्यक्ति समेत जिस किसी को भी सेनेटाईजर, मास्क, दवा, राशन समेत किसी भी तरह की जरूरत पड़ेगी उन्हें घर बैठे पहुंचाई जाएगी।

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