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कोविड आइसोलेशन वार्डों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल, ड्राइवरों को कोरोना पीरियड के दौरान वेतन दोगुना मिलेगा  

April 10, 2020 01:20 PM

मुख्यमंत्री की स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस 

चंडीगढ़, फेस2न्यूज

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल और ऐसे सभी कर्मचारी जो कोविड अस्पतालों, कोविड आईसीयू और कोविड आइसोलेशन वार्डों में कार्यरत हैं तथा कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लाने वाले एंबुलेंस ड्राइवर इत्यादि का वेतन दोगुना करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री यहां विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला आयुर्वेदिक अधिकारियों, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधिकारियों और राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के निदेशकों, भारतीय चिकित्सा संघ के जिला अध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने चंडीगढ़ से और गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल के निदेशक डॉ० नरेश त्रेहन दिल्ली से बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पीपीई किट से लेकर दवाईयां और वैंटिलेटर तक सभी प्रबन्ध संतोषजनक हैं और चाहे कोई मेडिकल कॉलेज केन्द्र सरकार या राज्य सरकार का हो, निजी या सरकारी सहायता प्राप्त हो, इनमें कोरोना के मरीजों के ईलाज के लिए सभी प्रबन्ध जैसे कि मॉस्क, पीपीई किटस, दवाईयां, वैंटिलेटर इत्यादि हरियाणा सरकार द्वारा किये जाएंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री को इस बात की भी जानकारी दी गई कि उपरोक्त संस्थानों में इस समय 22,800 पीपीई किट, 1,02,857 एन-95 मॉस्क तथा 28,02,406 गलब्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 502952 पीपीई किट तथा 103200 एन-95 मॉस्क के आर्डर की सप्लाई आगामी तीन-चार दिनों में प्राप्त हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में और रोग विभागों में यह सुनिश्चित करें कि कोरोना और गैर कोरोना रोगियों का कोई परस्पर संबंध न हो। इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को अस्पतालों में स्वयं मौके पर जाकर हालात का जायजा लें और अस्पतालों में कर्मचारियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों के साथ बिंदुवार चर्चा की और उन्हें अपने-अपने अस्पतालों में संपूर्ण स्थिति की बारीकी से समीक्षा करने का निर्देश दिया। कोविड रोगियों के उपचार में शामिल सभी लोगों को सभी तरह के सुरक्षा उपकरण प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार 24 घंटे कार्य करने वाले डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल और अन्य स्टाफ के साथ-साथ सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की इच्छा शक्ति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि हम निश्चित रूप से इस महामारी को हराएंगे।
अस्पताल किसी भी प्रकार से हॉटस्पॉट न बनें, इसके लिए कोविड ब्लॉकों को अलग करने के संबंध में डॉक्टरों द्वारा व्यक्त की गई चिंता पर संज्ञान लेते मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि क्रॉस-संक्रमण को रोकने के लिए कोविड अस्पतालों और अस्पताल परिसर में कोविड ब्लॉकों को अलग किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण कुशल तरीके से किया जाना चाहिए ताकि अस्पताल किसी भी प्रकार से संभावित हॉटस्पॉट में परिवर्तित न हो सकें।

स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने बताया कि रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है और इन टीमों के प्रभावी कार्यन्वयन के लिए राज्य को अलग-अगल जोन में विभाजित कर दिया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस, चिकित्सा शिक्षा तथा नगर निकाय विभाग के कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि हरियाणा शीघ्र ही कोरोना से छुटकारा पा लेगा।

बैठक के दौरान आईएमए के अध्यक्ष ने बताया कि सामान्य मरीजों के लिए अधिकांश निजी अस्पताल खुले हैं। उन्होंने कहा कि रुटीन ओपीडी के बजाय टेलीमेडिसिन और मोबाइल ओपीडी की सुविधा निजी डॉक्टरों के पास पहले से ही है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार भी किया जाना चाहिए।

आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है और इसे केंद्र सरकार द्वारा भी अनुमोदित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ आयुर्वेदिक दवाएं उन रोगियों को दी जाएंगी जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं है या हल्के लक्षण हैं।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, श्री राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री राजीव अरोड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का लाईव संबोधन
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने  नॉवेल कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए कोविड-19 बीमारी के इलाज में लगे डाक्टरों, नर्सों, पैरामैडिक्स स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, एंबूलेंस के स्टाफ और टेंस्टिंग लैब के स्टाफ के साथ-साथ देखभाल में लगे स्टाफ के कर्मियों को कोरोना पीरियड के दौरान दोगुणा वेतन देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं आज यहां लाइव टेलीविजन पर डाक्टरों, सिविल सर्जनों, विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के पदाधिकारियों के साथ-साथ इंडियन मैडीकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वीडियो कान्फे्रंसिंग के माध्यम से की।
एक्स-ग्रेशिया स्कीम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कार्यरत ऐसे सभी व्यक्ति, जो केन्द्र सरकार की घोषित स्कीम में पात्र नहीं होते हैं तो उन सभी को भी राज्य सरकार द्वारा कवर किया जाएगा जिसके तहत डाक्टरों को 50 लाख, नर्स को 30 लाख, पैरामैडिक्स को 20 लाख ए और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को 10 लाख रूपए की एक्स-ग्रेशिया का लाभ दिया जाएगा। गत दिनों श्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि राज्य के निजी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और अन्य कर्मचारियों को भी सरकारी क्षेत्र में काम करने वालों की तर्ज पर उपलब्ध एक्सग्रेशिया मुआवजे का लाभ दिया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने डाक्टरों को आहवान करते हुए कहा कि इस महामारी के दौरान डाक्टर सेनापति के रूप में इस महामारी से लड रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मैनेजमेंट, पैरामैडिक्स, टेस्ंिटंग लैब, एंबूलेंस के कार्य में लगे लोग भी अपनी और अपने परिवार की परवाह किए बिना समाज को अपना परिवार मानते हुए दिन-रात इस महामारी से संघर्ष कर रहे है। उन्होंने इस महामारी से लड रहे सभी लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि इस कठिनाई और संकट के समय में हम सभी को उत्साह व जोश के साथ कोविड-19 के प्रकोप को फेलने से रोकना हैं और एक टीम के रूप में काम करना है। उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिलकर इस लडाई को लडेंगें तो अवश्य अपने उद्देश्य को प्राप्त कर लेंगें।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से लडने के लिए जनता भी हर दृष्टि से अपना योगदान व सहयोग दे रही हैं, चाहे इनमें धार्मिक, सामाजिक संगठन हो, सभी का एक ही मत है और इसके अलावा, हजारों की संख्या में स्वयंसेवक भी गरीब व असहाय लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हर संभव कदम इस महामारी से निपटने के लिए उठा रही है और हमने सारी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद कर रखी है।

इस दौरान हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग जल्द ही हर जिले में रैंडम सैंपलिंग करेगा ताकि इस महामारी से संबंधित सही-सही रिपोर्ट प्राप्त हो सकें। ये समय एक प्रकार से युद्ध का समय हैं और एक सूक्ष्म दुश्मन ने देश/प्रदेश और दुनिया पर प्रहार किया है और हमारी सभी मैडीकल जगत के वार-हिरोज इस लडाई को लडने के लिए अपनी अहम भूमिका निभा रहे है। इसके अलावा, योजनाएं तैयार करने वाले लोग भी दिन-रात अर्थात 24 घंटे अपने योद्धाओं (मैडीकल जगत के लोगों) को उपकरण इत्यादि मुहैया करवाने के लिए कार्य कर रहे हैं।  हालांकि शुरू में कुछ दिक्कत आई थी, परंतु अब हमने दिन-रात मेहनत करके पीपीई किट, एन-95 मास्क, थ्री प्लाई मास्क, हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा, वैंटीलेटर्स, टेस्टिंग लैब इत्यादि की व्यवस्था की है।

हमने हरियाणा की जनता पर निगरानी रखते हुए 15 हजार से अधिक लोगों को क्वारंटीन किया और हम अभी तक इस बीमारी को ज्यादा फैलने से रोक पाएं हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए हरियाणा में अलग से 14 अस्पताल तैयार किए गए हैं ताकि यह महामारी ज्यादा फैल न सकें।
इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी नवीनतम हिदायतों के तहत पीसीआर टेस्टिंग को अगले चार-पांच दिनों में बढाया जाएगा और हिदायतों के अनुसार अब राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि गैर-प्रभावित जिलों में 125 टेस्ट प्रति जिला और प्रभावित जिलों जैसे कि गुरूग्राम, पलवल, फरीदाबाद और नूंह में 450 टेस्ट प्रति जिला किए जाएँगें। उन्होंने कहा कि अगले 4 व 5 दिनों में सैंपलिंग की मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने अब तक पूरे देश में एक लाख सेंपल लिए हैं और आगामी 14 अप्रैल तक 2.5 लाख सैंपल लिए जाएंगें। इसी अनुरूप, हरियाणा में भी परसों तक 2500 सैंपल लिए गए थे और आगामी 14 अप्रैल तक 6500 सैंपल लिए जाएंगें।
इसी प्रकार, श्री अरोडा ने बताया कि जल्द ही रैपिड डायग्नोस्टिक किट भी आने वाली हैं और इस किट का इस्तेमाल हॉटस्पॉट में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज की परिभाषा के अनुसार जिस क्षेत्र में 15 से ज्यादा पोजिटिव मामले होते हैं उन्हें हॉटस्पॉट श्रेणी में लिया जाता है और ऐसे क्षेत्रों में रैपिड डायग्नोस्टिक किट को इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज सायं से कल्पना चावला मैडीकल कालेज में सैंपलिंग शुरू हो जाएगी और इसके साथ ही हिसार में आईसीआर लैब को भी अगले एक से दो दिन में चालू किया जाएगा। इसी प्रकार, पंचकूला में भी एक लैब को इस सप्ताह के अंत तक चालू करने पर विचार किया जा रहा है।

उपायुक्तों को कंटेनमेंट प्लान तैयार करने निर्देश 
सूक्ष्म स्तर पर लडऩे की सरकार की पहल का राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा सराहना की गई है। सरकार ने इस कड़ी में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अब सभी जिला उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों का कंटेनमेंट प्लान तैयार करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों की कमेटियां गठित कर इसे जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, एहतियात के तौर पर सभी जिलों का मॉडल जिला कंटेनमेंट प्लान तैयार करवाया गया है। 

 जिन गांवों, मोहल्लों और क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित पॉजिटिव केसों की पुष्टिï हुई है वहां कंटनमेंट जोन घोषित किया गया है जबकि उसके आस-पास के गांवों व क्षेत्रों को प्रतिबन्धित क्षेत्र (बफर जोन) घोषित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य इस महामारी के फैलाव को रोकना, लोगों को सचेत करना है ताकि संक्रमण पर नियंत्रण रखा जा सके। इन क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा तथा आशा वर्करर्स व एएनएम की टीमें इन क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग-स्कैनिंग करेंगी और पूरे क्षेत्र को सैनेटाइज किया जाएगा। इस कार्य में लगाए जाने वाले स्टाफ को जरूरी उपकरणों के साथ फेस मास्क, दस्तानें, टॉपी, सैनीटाईजर व जूते उपलब्ध करवाए गए हैं। 

प्रवक्ता ने बताया कि कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में लोगों की राशन, दूध, करियाना, दवाईयां व सब्जी जैसी आवश्यक जरूरतें पूरी करवाई जाएंगी। इस काम के लिए पर्याप्त स्टाफ लगाया जाएगा। डिलीवरी करने वाला कर्मचारी अपनी सुरक्षा के लिए हाथो में सुरक्षा उपकरण का प्रयोग करेगा, वह घर के अंदर व किसी व्यक्ति से फिजिकल कॉटेक्ट नहीं करेगा। कंटेेनमेंट व बफर जोन में निबार्ध बिजली व पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हरियाणा परिवहन की बसों को कर्मचारियों को लाने-ले जाने के कार्य में लगाया गया है। 

प्रवक्ता ने बताया कि नूंह जिले के 36 गांवों को कंटेनमेंट जोन तथा 104 गांवों को बफर जोन घोषित किया गया है ताकि लोगों की जांच की जा सकें और इस कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकें। जिले के 36 गांव जो कंटेमेन्ट जोन में है उनमें बिसरू, खानपुर घाटी, उमरा, देवला, भोंड, अखनका, सिधरावट, अगोन, कमेड़ा, नई, मलाब, दिहाना, महू चोपड़ा, चितोदाडा, रानियाला, मदापुर, पुन्हाना, रहीड़ा, रायपुर, रंगड़ बास, निजामपुर तावडू़, ढिढारा, सेवका, सिकारपुर, नूंह, उंटाका, मुरादबास, बाई, चारोरा, रिटठ, शाहपुर, पिनगवां, पापड़ी, गंगवानी, अकबरपुर और घासेड़ा शामिल हैं। 
इसी प्रकार 104 गांव जो बफर जोन में है उनमें बडका, आंधकी, फरदरी, गुब्बहेरी, गुलालता, झिमरावत, डाढोला डाढोली कलां, मरोड़ा, बालई, बसई खानजादा, खान मोहम्मदपुर, दानीबस, प्रतापबास, बजहेरडा, भापावली, ठेकरा, कालिंजर, शहरी फिरोजपुर-झिरका, धोंड़ कलां, रिगंर, अलीपुर, तिगरा, हिरवाड़ी, घाटा शमशाबाद, माहोली, दडोली खुर्द, साहपुर, पथराली, बडोपुर, सोलापुर, खेरला कलां, अखनका, नंगली, तिरवाडा, बिछौर, झारोकरी, हथनगांव, निजामपुर, आकेड़ा निजामपुर, लाटूरबास, बीरसिका, नहारिका, शेखपुर, दुगरी, रावा, रानियाली, बघोला, बावनथेरी, शमसाबाद खेतान, पटकपुर, ठेक, पेमा खेडा, मुबारिकपुर, लहरवाड़ी, गोधोला, नहापुर, जाढोली, हिंगनपुर, कटपुरी, औथा, गुरनावट, चुंडिका, कलपुरी, सुबाहेड़ी, रानियाकी, धुलावट, पढेनी, मालाका, सालका, जोगीपुर, अडबर, शाहापुर नंगली, सलहेडी, पल्ला, पालडी, मेवली खुर्द, मेवली कलां, खोरी, शेखपुर, बडोजी, गुंडबास, गहबर, पंचगवां, सिलको, चिल्ला, उमरी हसनपुर, रहपुवा, शाहचोखा, तेड, लहाबास, सटकपुरी, मामलिका, जाख, बुबलहडी, धाना, झारपुरी, सलम्बा, फिरोजपुर नामक, बाजडका को बफर जोन में शामिल किए गए है।

जिला पलवल में 15 गांवों को कंटेनमेंट जोन तथा साथ लगते 36 गांवों को बफर जोन घोषित कर सीमाएं सील कर दी गई हैं ताकि अन्य जिलावासी इस महामारी की चपेट में न आएं। जिले के गांव छांयसा, मठेपुर, दूरैंची, महलूका, हुचपुरी कला, कोट, घुडावाली, लखनाका, बाबूपुर हथीन, जलालपुर, गुराकसर, आलीमेव, पहाड़पुर, उटावड और रूपडाका को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसी तरह, कंटेनमेंट जोन के साथ लगते 36 गांवों को बफर जोन घोषित किया गया है। बफर जोन में गांव पावसर, रनियाला खुर्द, हुचपुरी खुर्द, खेड़ली ब्राह्मïण, स्वामीका, मीरपुर, रनसीका, खिल्लूका, नागल जाट, रूपनगर नाटोली, हुड़ीथल, गोहपुर, कुकरचाटी, बुराका हथीन, बिघावली, धीरनकी, घिंगड़ाका, मीरका, रूपड़ाका, चिल्ली, मालपुरी, मालूका, टोंका, कुमरेहड़ा, मलाई, आली ब्राह्मïण, अंधोप, खाइका, भूडपुर, जराली, मनकाकी, लड़माकी, पहाड़ी, मोहदमका, अंधरोला व पचानका शामिल हैं। 
जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में धर्मपुरा मौहल्ला के वार्ड नम्बर 17 की एक स्टॉफ नर्स को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उन्हें ईलाज के दिल्ली के सफदरजंग कोविड-19 अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा धर्मपुरा मौहल्ला को कंटनमेंट जोन घोषित करके 23 अप्रैल तक सील कर दिया गया है। 
जिला कैथल में महादेव कॉलोनी के वार्ड संख्या-2 को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसमें लगभग 1750 मकान हैं और लगभग पांच हजार लोगों की आबादी है। इसके अलावा, अग्रसेनपुरम, गांव सिरता, अर्जुन नगर और डोगरा गेट को बफर जोन घोषित किया गया है। 
इसी तरह, जिला पंचकूला में खडक़ मंगौली को महामारी केन्द्र मानते हुए नाडा साहिब, नागरिक अस्पताल सेक्टर-6, कमाण्ड हॉस्टिपल और बस स्टैण्ड की कंटेनमेंट जोन जबकि मोगीनंद, सेक्टर-7, एमडीसी-4 और सेक्टर-10 की बफर जोन के लिए मैपिंग की गई है। 
पानीपत जिले में कोरोना संक्रमण के महाराष्टï्र के ओसमानाबाद में दो केस पोजिटिव पाए जाने पर सनौली खुर्द गांव को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि चरखी दादरी जिले के जिले के 35 व्यक्तियों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे, जिनमें 34 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव आई तथा एक व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई थी। जिला प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लेेते हुए हिंडोल गांव के साथ लगते तीन किलोमीटर की परिधि में पडऩे वाले सांवड, फौगाट व सांजरवास गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इसके अलावा, सौंफ, कासनी व सांकरोड गांव को बफर जोन घोषित किया गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद जिले में 13 क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, जिनमें सैक्टर 11, सैक्टर 37, सैक्टर 28, बडख़ल गांव, ग्रीन फील्ड कॉलोनी, ए.सी.नगर, फतेहपुर टागा, खोरी, सैक्टर-16, सैक्टर 3, चांदपुर औरा, मोहना तथा रनहेड़ा गांव शामिल हैं। 
इसी प्रकार, फतेहाबाद जिले के गांव जांडवाला बागड़ में एक कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद गांव जांडवाला बागड़ और ढाबी खुर्द को कंटेनमेंट जोन घोषित किया हैै। इसके साथ लगते गांव दैयड़ और रामसरा को बफर जॉन बनाया गया है। 
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम की 25 टीम बनाई गई है जो घर-घर जाकर थर्मल स्कैन करेंगी। कंटेनमेंट जोन और बफर जोन के पूरे क्षेत्र को पूर्ण रूप से सेनेटाइज किया जाएगा। 
प्रवक्ता ने बताया कि अम्बाला जिले के लिए टिम्बर मार्किट को महामारी केन्द्र मानते हुए इसके पूर्व में टांगरी नदी, पश्चिम में मामा-भांजा पीर दरगाह तथा छावनी क्षेत्र, उत्तर में अम्बाला बस स्टैण्ड तथा दक्षिण में शास्त्री कॉलोनी की मैपिंग कंटेनमेंट जोन के लिए की गई है जबकि गांव कल्हेड़ी और बोह, जुंडली पुल, अम्बाला शहर, बलदेव नगर तथा मोहरा गांव की मैपिंग बफर जोन के लिए की गई है। 
जिला गुरुग्राम के सैक्टर-9 को महामारी केन्द्र मानते हुए इसके पूर्व में रेलवे लाईन एरिया, पश्चिम में सामुदायिक केन्द्र सैक्टर-10, उत्तर में बसई गांव और दक्षिण में सैक्टर चार व सात को कन्टेनमेंट जोन तथा धनवापुर, बसई चौक, पटौदी चौक और सैक्टर-4 व 7 की बफर जोन के लिए मैपिंग की गई है। 
इसी प्रकार, गुरुग्राम के सैक्टर-54/निरवाना कंट्री एरिया को महामारी केन्द्र मानते हुए निरवाना पार्ट-2, साऊथ सिटी-2, मेफिल्ड गार्डन और रोजबुड सिटी की कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन की मैपिंग के लिए की गई है, जबकि पालम विहार एरिया को महामारी केन्द्र मानते हुए गंगा विहार, चंदन नगर, चैमा गांव और सैक्टर-23 की मैपिंग भी कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है। 
प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम के एम्मार पाल्म गार्डन, सैक्टर-83 को महामारी केन्द्र मानते हुए वाटिका, रामपुरा गांव, भांगरोला गांव और कासन गांव की मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है। इसी प्रकार, लेबरमम (यूपीएचसी चंद्रलोक) को महामारी केन्द्र मानते हुए डीएलएफ-5, सैक्टर-43, इफको चौक और हरिजन बस्ती की भी मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।
इसी प्रकार, गुरुग्राम के सैक्टर-39 (यपीएचसी वजीराबाद) को महामारी केन्द्र मानते हुए समसपुर, जयवायु विहार, वजीराबाद और आरडी सिटी की भी मैपिंग कन्टेनमेंट जोन तथा बफर जोन के लिए की गई है।
इसी प्रकार, करनाल जिला के शेखपुरा सुहाना और बिरचपुर गांव से कोविड-19 का एक-एक केस पॉजीटिव पाए जाने पर शेखपुरा सुहाना को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है और इसके साथ लगते गांव रांवर व नगर निगम क्षेत्र के पृथ्वी विहार तथा सूरज विहार क्षेत्रों को बफर जोन घोषित कर दिया गया है। इसी प्रकार, समस्त बिरचपुर गांव को कंटेन्मेंट जोन तथा इसके साथ लगते गांव बड़ौता, समालखा, बीजणा, जाणी व बुडनपुर आबाद गांव भी बफर जोन में रहेंगे।
इसी प्रकार, घरौंडा ब्लॉक के गांव रसीन निवासी एक व्यक्ति में पीजीआई चण्डीगढ़ से प्राप्त कोरोना वायरस की पॉजीटिव रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद ही पूरे गांव को कंटेन्मेंट जोन तथा इसके साथ लगते हसनपुर, उपली तथा अन्य गांवों को बफर जोन घोषित किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि जिला जींद के गांव निडानी में कोविड-19 का मामला आने के बाद इसके भौगोलिक क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है और इसके साथ लगते निदानी, पदाना, राधाना, ढिधाना और सिंधवी खेड़ा गांवों को बफर जोन घोषित किया है। 

हालांकि हिसार में एक महिला को कोरोना वायरस से पीडि़त बताया गया था परंतु उक्त महिला की टेस्ट नेगेटिव आने के बाद उक्त रिहायशी क्षेत्र को किसी भी प्रकार से कन्टेन नहीं किया गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि यमुनानगर जिला में नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के तहत अभी तक कोई मरीज नही है। अब तक 93 लोगों के सैम्पल लिए गए है जिनमें से 92 लोगों के सैम्पल रिपोर्ट लैबोरेट्ररी से नेगेटिव प्राप्त हुई है। एक व्यक्ति की रिपोर्ट आनी बाकी है। यमुनानगर जिला में कोई भी कंटेनमैंट जोन व बफर जोन नहीं घोषित किया गया है। हालांकि कंटेनमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि सोनीपत जिले में तीन व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उनके निवास स्थान व उनके क्षेत्र को कोरोना वायरस की रोकथाम हेतू कन्टेनमेंट जोन किया गया है। इनमें मोहन नगर अनाज मण्डी क्षेत्र, गावं बख्तावर पुर, शिव कॉलोनी देवडू रोड, सैनीपूरा, नजदीक सब्जी मण्डी तथा ईदगाह कॉलोनी क्षेत्र शामिल हैं। 
प्रवक्ता ने बताया कि सिरसा जिले में शहर की बंसल कालोनी में कोरोना वायरस का एक पोजिटीव मामला सामने आने के बाद बंसल कोलोनी को कंटनमेंट जोन तथा इसके साथ लगती कोर्ट कालोनी को बफर जोन घोषित किया गया है। 
उन्होंने बताया कि भिवानी जिले के सण्डवा तथा मानहेरु गांव में एक-एक कोरोना का पॉजिटिव मामला आने के बाद इन गांवों के तीन किलोमीटर की परिधि को कंटेनमेंट जोन व उसके बाद सात किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र को बफर जोन घोषित किया गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि रोहतक, महेन्द्रगढ़, कुरुक्षेत्र तथा रेवाड़ी जिलों का भी जिला प्रशासन द्वारा मॉडल कंटेनमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है, जिसे आवश्यकता पडऩे पर क्रियान्वित किया जाएगा। 

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