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राष्ट्रीय

गाँवों में लाल डोरा ख़त्म करने की दिशा में बढे कदम

April 24, 2020 05:31 PM

चंडीगढ, फेस2न्यूज:
हरियाणा के बाद अब देशभर के हजारों गाँवों में रहने वाले करोडों ग्रामीणों को बडा तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई एक योजना को देशभर में लागू करते हुए गाँवों से लाल डोरा को ख़त्म करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज इस महत्वपूर्ण 'स्वामित्व योजना' की शुरुआत की। हरियाणा के पूर्व राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सरकार के इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब देशभर के करोडों ग्रामीणों को इस योजना का लाभ मिलेगा और वे गॉंवों में लाल डोरा के अंदर स्थित अपनी प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।
हरियाणा के पूर्व राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि लाल डोरा सिस्टम को अंग्रेजों ने सन 1908 में बनाया था। उस समय रेवेन्यू रिकॉर्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ गाँव की आबादी को अलग-अलग दिखाने के मकसद से नक़्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खींच दी जाती थी. चूँकि इस जमीन के कागज़ तो होते नहीं इसलिए लाल डोरे के अंदर जमीन या घर पर जिसका कब्ज़ा वही उसका मालिक होता है जबकि लाल डोरे से बाहर की जमीन के अलग अलग नंबर होते हैं और वह किसी न किसी के नाम रजिस्टर्ड भी होती है। उनके राजस्व मंत्री रहते हुए हरियाणा सरकार ने लाल डोरा खत्म करने की योजना पर लगातार कार्य किया था।
कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने करीब तीन साल पहले उनकी अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी। इस सब कमेटी की कई बैठकों और विचार विमर्श के बाद एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी जिसकी सिफ़ारिशों के बाद हरियाणा की तत्काल कैबिनेट ने गांवों की तमाम जमीनें लाल डोरे के दायरे से बाहर निकालने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने गांवो को लाल डोरा से मुक्त करने के लिए ड्रोन कैमरों और नई तकनीक से ग्रामीणो के मकान व प्लाटों की मैपिंग कर उसका डिजीटल नक्शा तैयार करने का काम भारत सरकार की संस्था सर्वे जरनल ऑफ इंडिया को अपने कार्यकाल में दे दिया था. लाल डोरा खत्म होने से हरियाणा के बाद अब देश भर की गॉंवों में बसने वाली करीब 60 प्रतिशत आबादी को सीधा फायदा होगा. लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट क़ीमत में इजाफा होगा. कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि गॉंवों की प्रोपर्टी की रजिस्टी होने से जहॉं ग्रामीण इस प्रोपर्टी पर लेन ले सकेंगे वहीं इस पर बेजह होने वाले झगडे भी खत्म होंगे. उन्होंने उम्मीद जताई की योजना जल्द देश भर में लागू कर दी जाएगी।

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