ENGLISH HINDI Thursday, May 28, 2020
Follow us on
 
पंजाब

पंजाब यूनिवर्सिटी कोंस्टीटूएंट के कॉलेज द्वारा आयोजित किया गया एक दिवसीय राष्ट्रीय वेेेबिनार आयोजन

May 12, 2020 05:04 PM

चंडीगढ, फेस2न्यूज:
बाबा बलराज पंजाब यूनिवर्सिटी कांस्टीट्यूएंट कॉलेज बलाचौर के द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया गया. जिसका विषय था, "ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा के समक्ष चुनौतियां " (चैलेंजेस ऑफ़ ऑनलाइन एजुकेशन इन रूरल एरियाज )जिसके चीफ पेटर्न के रूप में पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार जी के व्याख्यान के द्वारा इस वेबीनार प्रारंभ किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि इस ज्वलंत विषय पर इस संकट की घड़ी में इस प्रकार के वेबीनार का आयोजन निश्चित रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा के समक्ष चुनौतियां उनके समाधान को प्रस्तुत करने का एक उपयुक्त मंच है इसकी समस्त कार्यवाही आने वाले समय में जो भी योजनाएं बनेगी उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है साथ ही उन्होंने इस वेबीनार में सामने आए सुझावों एवं चुनौतियों पर एक किताब प्रकाशित करवाने के लिए भी कहा है जो भविष्य में नीति निर्माताओं के काम आ सके, इस अवसर पर बाबा बलराज पंजाब यूनिवर्सिटी कांस्टीट्यूएंट कॉलेज बलाचौर के प्रिंसिपल डॉक्टर सुनील खोसला द्वारा वेबिनार के लिए चुने गए विषय "चैलेंजिस ऑफ ऑनलाइन एजुकेशन इन रूरल एरियाज" को बहुत उपयोगी और समय की आवश्यकता बताया. उन्होंने इस वेबिनार के लिए इस विषय को बहुत बहुत ही उपयुक्त बताया. साथ ही उन्होंने इसके लिए डॉक्टर सुनील खोसला जी को बधाई भी दी कि इस संकट की घड़ी में इतने उपयुक्त विषय पर पंजाब यूनिवर्सिटी के किसी संस्थान द्वारा पहली बार इस प्रकार के वेबिनार का आयोजन किया गया जो एक बहुत ही प्रशंसनीय कार्य.इस वेबिनार में 12 राज्यों के 26 यूनिवर्सिटी के प्रतिभागियों ने भाग लिया. जिसमें 266 के करीब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ था. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में महिला विश्वविद्यालय सोनीपत की वाइस चांसलर प्रोफेसर सुषमा यादव जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि अभी हमारे देश में ऑनलाइन एजुकेशन के लिए संसाधनों के साथ-साथ खुली सोच की भी बहुत आवश्यकता है खासकर जहां तक महिला शिक्षा की बात आती है मोबाइल से या इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई को भी संदेह की दृष्टि से देखा जाता है जो कि समाज के लिए किसी रूप से सही नहीं है इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने संसाधनों को विकसित करने पर पुरजोर दिया जिससे ऑनलाइन एजुकेशन को सुचारू बनाया जा सके, प्रोफेसर सरोज शर्मा गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्था यूनिवर्सिटी न्यू दिल्ली ने इस अवसर पर कहा कि आईटी को ऑनलाइन एजुकेशन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है साथ ही अध्यापकों और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एजुकेशन से संबंधित वर्कशॉप करवाने तथा ट्रेनिंग संबंधी कार्य को कराने की बात भी कही. उन्होंने बताया कि भले ही वर्तमान में रेडियो, टेलीविजन, पाठशाला, स्वयंप्रभा, आदि अनेक प्लेटफार्म इस समय उपलब्ध है परंतु फिर भी अभी तक इस क्षेत्र में बहुत कुछ करने की आवश्यकता है.डॉक्टर गोपाल कृष्ण ठाकुर हेड एवं डीन डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन केंद्रीय विश्वविद्यालय महाराष्ट्र उन्होंने बताया कि हमारी समक्ष ऑनलाइन शिक्षा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी चुनौतियां समक्ष भारत में शहरों में 44% और ग्रामीण इलाकों में मात्र 15% लोगों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है फिर किस प्रकार से ऑनलाइन शिक्षा के प्रचार-प्रसार को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्याएं क्योंकि बाजारीकरण को भी प्रोत्साहन कर सकती हैं और शिक्षा का व्यवसायीकरण इससे बहुत सरल हो जाता है. जो कि भविष्य की बहुत बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं. हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 8 घंटे बिजली आती है वहां पर ऑनलाइन की शिक्षा किस प्रकार से प्रसारित की जा सकती है, प्रोफेसर हरीश पति दोहल दून विश्वविद्यालय देहरादून उन्होंने बताया कि इंटरनेट की समस्या वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या है क्योंकि तेज इंटरनेट और संसाधनों की कमी ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण चुनौती हैं इनसे पार पाए बिना ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा तब तक मुहैया करवाना संभव नहीं है हालांकि वर्तमान में बहुत कुछ इस क्षेत्र में कार्य हो रहा है परंतु अभी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है, प्रोफेसर सीमा धवन डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन हेमवती नंदन बहुगुणा सेंट्रल यूनिवर्सिटी गढ़वाल श्रीनगर इन्होंने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका इस वेबीनार में निभाई जिसमें संपूर्ण वेबीनार के निष्कर्ष का समायोजन करते हुए प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान का शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा से भाग नहीं सकता यह समय की मांग भी है और जरूरत भी, भले ही यह हमें आज अचानक करना पड़ रहा है परंतु हमारी सरकार अनेक योजनाएं इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमें प्रोत्साहित करती है किस प्रकार ई गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा सके उसने ऑनलाइन एजुकेशन भी एक मुख्य योजना है.प्रोफेसर एमएम सेमवाल हेमवती नंदन बहुगुणा सेंट्रल यूनिवर्सिटी गढ़वाल ने कहा कि इस माय हमें अपने आप को इन विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से लड़ने की आवश्यकता है और एक शिक्षक का यह भी कर्तव्य है कि किस प्रकार से अच्छी से अच्छी शिक्षा अपने विद्यार्थियों तक पहुंचा सकें साथ ही उन्होंने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन के माध्यम से सबसे बड़ी समस्या हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के लिए बहुत ज्यादा आवश्यक है अगर हमने ग्रामीण बच्चों को पढ़ाना है उनकी भाषा में उनके विषयों पर अनेक प्रकार की सामग्री उपलब्ध होना आवश्यक है हालांकि इस दिशा में बहुत ज्यादा कार्य हो रहा है फिर भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के रजिस्ट्रार प्रोफेसर करमजीत सिंह जी ने इस अवसर पर कहां की हमें क्रोना वायरस के अलावा माइंड वायरस से भी लड़ना होगा उनका कहने का तात्पर्य यह था कि हमें अपनी छोटी सोच को त्यागना होगा कि हम इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन नहीं पढ़ा सकते यहां में यह नहीं आता है यह हम यह नहीं करेंगे, भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हमें इस प्रकार की शिक्षा आगे देनी ही पड़ेगी जिसमें बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी है और हो भी रहा है. उन्होंने इस विषय को एक ज्वलंत विषय एवं समय की आवश्यकता बताया. इस अवसर पर बाबा बलराज पंजाब यूनिवर्सिटी कांस्टीट्यूएंट कॉलेज बलाचौर के प्रिंसिपल डॉक्टर सुनील खोसला जी द्वारा सभी इंटरनेट से जुड़े हुए मेहमानों का स्वागत एवं धन्यवाद किया गया और उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के ज्वलंत विषय से संबंधित सेमिनार, वेबीनार यूनिवर्सिटी प्रशासन के सहयोग से आगे भी होते रहेंगे खासकर उन्होंने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार जी एवं रजिस्टर प्रोफेसर कर्मजीत सिंह जी का शुक्रगुजार किया जिनके सहयोग से इस विषय पर वेबीनार करवाने में सफल हो सके. इस अवसर पर उन्होंने अपने कॉलेज के सभी प्रोफेसरों और विद्यार्थियों को भी धन्यवाद दिया . इस वेबिनार की सचिव प्रोफेसर रूबी एवं कार्यक्रम संयोजक सदस्यों मे डॉक्टर कमल प्रीत कौर, डॉक्टर हरिकिशन, प्रोफेसर दाक्षि जैन, आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जिसमें इस विषय पर बहुत ही महत्वपूर्ण चर्चा की गई और भविष्य में इसकी चुनौतियों को सामने रखा गया और उनसे निपटने के समाधान भी विभिन्न प्रकार के विद्वानों प्रस्तुत की गई. निश्चित रूप में यह वेबिनार ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और पंजाब ख़बरें
.अब पत्रकारों ने छाती पर लिखना शुरु किया मैं भी हूं पत्रकार पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पंजाब चैप्टर ने की मीडिया उद्योग को राहत देने की मांग पंजाब राज्य में दाखि़ल होने वाले सभी यात्रियों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी चंडी माता मंदिर पर अधिग्रहण के विरोध की आग पहुंची पंजाब राणेवाल कत्ल कांड की ‘आप’ ने की जोरदार निंदा वैश्विक कोरोना संकट होने के बावजूद लोग नहीं ले रहे सबक पुलिस और मनोचिकित्सक करेंगे घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं की समस्याओं का हल 45 पुलिस अधिकारियों के तबादले हॉकी स्टार पद्म श्री बलबीर सिंह सीनियर का पूरे राजकीय सम्मान सहित अंतिम संस्कार पंजाब में आपातकालीन चिकित्सा ई-पास एक भ्रम: क्या कोई कार्रवाई करेगा?