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पंजाब

बच्चों को तनावमुक्ती की नि:शुल्क काउंसलिंग सेवाएं दे रहे हैं द्रोणाचार्य अवार्ड हासिल प्राचार्य मित्तल

May 31, 2020 11:57 AM

अखिलेश बंसल, बरनाला:
वैश्विक कोरोना (कोविड-19) महामारी के कारण बच्चों व उनके परिवारों में तेजी से बढ़ रहे मानसिक तनाव एवं बेचैनी से मुक्त दिलाने के लिए पंजाब के जिला बरनाला निवासी सेवामुक्त प्राचार्य चरनजीत मित्तल नि:शुल्क काउंसलिंग सेवाएं देने में जुटे हुए हैं। उनका लक्ष्य समाज व देश के बच्चों को मानसिकरोग से संक्रमित होने से दूर रखना है। श्री मित्तल ने देश के प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी के डिजिटल इंडिया एवं प्रदेश के के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मिश्न तंदरुस्त पंजाब के सपने को साकार करने को लेकर बरनाला में तीन वर्ष पहले नि:शुल्क काउंसलिंग सेंटर शुरु किया हुआ है, जिसके लिए अपनी पेंशन का आधे से ज्यादा हिस्सा ऐसी जनकल्याणकारी सेवाओं में इन्वेस्ट कर रहे है। गौरतलब हो कि चरनजीत मित्तल अध्यापन क्षेत्र में सर्वोत्म प्रबंधक तथा बच्चों में नैतिक गुण लाने के तौर पर भारत सरकार की मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी, वर्ष 2017 के दौरान तत्कालीन आफिशिएटिंग कमांडेंट एवं चेयरमैन केंद्रिय विद्यालय बार्डर सिक्योर्टी फोर्स केंपस जलालाबाद (पश्चिमी) ऐ.के.सिंह और मानवाधिकार आयोग हरियाणा के तत्कालीन जस्टिस (रिटा.) के. सी. पुरी द्वारा द्रोणाचार्य अवार्ड हासिल कर चुके हैं।
चार राज्यों में दे चुकें हैं अध्यापन सेवाएं:
केंद्रिय विद्यालय से सेवामुक्त प्रिंसीपल चरनजीत कुमार मित्तल जिन्होंने अध्यापन सेवा पंजाब के पटियाला से वर्ष 1985 से शुरु की थी। जो हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-काश्मीर में अध्यापन सेवाएं देते हुए पंजाब के जलालाबाद से वर्ष 2017 के दौरान सेवामुक्त हुए थे। उन्होंने मौजूदा हालातों में परिवारों की अनदेखी का शिकार हो रहे तनावग्रस्त (स्कूल स्तर से लेकर कालेज स्तर के) छात्र-छात्राओं को मानसिक तौर पर मजबूत करने का फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि बच्चों में नैतिक गुणों को विकसित करने तथा समाज में फैली कुरीतियों से दूर करने से संबंधित चरनजीत मित्तल द्वारा लिखे 80 लेख राष्ट्रस्तर के विभिन्न समाचार पत्र प्रमुखता से प्रकाशित कर चुके हैं।
समय व तजुर्बा व्यर्थ ना करें सेवामुक्त अधिकारी व मुलाजिम:
सेवामुक्त प्रिंसीपल चरनजीत कुमार मित्तल जो कि शिक्षा क्षेत्र के इलावा भारत सरकार के गृह मंत्रालय से संबंधित सिविल डिफेंस में बतौर वार्डन सेवाएं निभा रहे हैं। रोजाना गौशाला जाकर घायल गोवंश, पक्षियों के लिए दाने का प्रबंध और जरूरतमंद लोगों की सेवा करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी व गैर सरकारी विभिन्न पदों से सेवामुक्ति होते अधिकारियों व मुलाजिमों को राष्ट्रीयता का प्रमाण देना चाहिए।

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