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राष्ट्रीय

मॉनसून ऋतु (जून–सितम्बर) की वर्षा दीर्घावधि औसत के 96 से 104 प्रतिशत होने की संभावना

June 01, 2020 07:01 PM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
समूचे देश के लिए वर्ष 2020 की दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ऋतु (जून–सितम्बर) की वर्षा सामान्य (दीर्घावधि औसत के 96 से 104 प्रतिशत) होने की संभावना है। मात्रात्मक रुप से, समूचे देश के लिए मॉनसून ऋतु की वर्षा दीर्घावधि औसत (LPA) के 102 प्रतिशत होने की संभावना है।
क्षेत्रवार, मॉनसून ऋतु की वर्षा उत्तर पश्चिम भारत में दीर्घावधि औसत के 107 प्रतिशत,मध्य भारत में 103 प्रतिशत,दक्षिणी प्रायद्वीप में 102 प्रतिशत तथा पूर्वोत्तर भारत में 96 प्रतिशत होने की संभावना है।
वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में शीत एनसो (ENSO) तटस्थ स्थितियां और हिंद महासागर में तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव स्थितियां प्रचलित है। वैश्विक मॉडल दर्शाते हैं कि मॉनसून ऋतु के बाद के भाग में कमजोर ला नीना स्थितियों की कुछ संभावना के साथ मॉनसून के दौरान शीत एनसो स्थितियां जारी रहेगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण पश्चिम मॉनसून ऋतु (जून-सितम्बर) की वर्षा के लिए पहले चरण का प्रचालनात्मक दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया था। पूर्वानुमान के लिए अपडेट तैयार किया है, समूचे देश के लिए जुलाई और अगस्त की मासिक वर्षा का पूर्वानुमान और भारत के चार बृहत भौगोलिक क्षेत्रों (उत्तर पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप) के लिए ऋतु की वर्षा का पूर्वानुमान भी जारी किया जाता है। घरेलु अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से विकसित नवोन्नत अत्याधुनिक सांख्यिकीय मॉडल के आधार पर प्रचालनात्मक पूर्वानुमानों को तैयार किया गया है।
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ऋतु (जून से सितम्बर) के अपडेट पूर्वानुमान के लिए 6 प्राचल वाली सांख्यिकीय एन्सेम्बल पूर्वानुमान प्रणाली का उपयोग किया गया है। देश के लिए 4 बृहत भौगोलिक क्षेत्रों में ऋतु की वर्षा और जुलाई तथा अगस्त के लिए मासिक वर्षा, प्रमुख घटक समाश्रयण (Regression)(PCR) मॉडलों के साथ प्रत्येक मॉडल के लिए अलग-अलग प्राचलों के समुच्चय का उपयोग करके तैयार की गई थी।
मंत्रालय के मॉनसून मिशन युग्मित पूर्वानुमान प्रणाली पर आधारित प्रायोगिक पूर्वानुमान भी प्रस्तुत किया गया है। इस उद्देश्य के लिए उच्च विभेदन MMCFS का नविनतम संस्करण हाल ही में जलवायु अनुसंधान एवं सेवाएँ का कार्यालय, आईएमडी, पुणे में कार्यान्वित किया गया था।
वर्तमान में प्रशांत महासागर के अधिकतर सर्वत्र सामान्य भूमध्यरेखीय समुद्र सतह तापमान देखा गया है । क्षेत्र में कई वायुमंडलीय परिवर्ती क्षेत्र के ऊपर एनसो (ENSO) तटस्थ से शीत एनसो (ENSO) तटस्थ स्थितियों का संकेत देते हैं । MMCFS और अन्य वैश्विक मॉडलों से नविनतम पूर्वानुमान एक साथ मॉनसून ऋतु के अधिकांश भाग के दौरान शीत एनसो (ENSO) तटस्थ स्थितियां प्रचलित रहने का संकेत देते हैं । यद्यपि, कुछ जलवायु मॉडल ऋतु के बाद के भाग में कमजोर ला नीना स्थितियों के विकास की संभावना का संकेत देते हैं ।
वर्तमान में, क्षेत्र में तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) स्थितियां प्रचलित है। एक सकारात्मक (नकारात्मक) आईओडी (IOD) सामान्य मॉनसून की तुलना में मजबूत (कमजोर) के साथ जुड़ा हुआ है । वैश्विक युग्मित मॉडलों के हालिया पूर्वानुमान बताते हैं कि मॉनसून ऋतु के दौरान इन तटस्थ आईओडी (IOD) स्थितियों के जारी रहने की संभावना है।
प्रशांत और हिंद महासागर पर प्रचलित और पूर्वमानित एसएसटी (SST) स्थितियां सामान्य मॉनसून ऋतु के लिए अनुकूल है।
नवीनतम प्रायोगिक पूर्वानुमान से पता चलता है कि 2020 मॉनसून ऋतु (जून से सितम्बर) की वर्षा सामान्य से अधिक (दीर्घावधि औसत का 104% से अधिक) के लिए उच्च संभावना है। मात्रात्मक रुप से, 2020 मॉनसून वर्षा ±4% मॉडल त्रुटि के साथ दीर्घावधि औसत के 107% होने की संभावना है।

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