ENGLISH HINDI Tuesday, August 04, 2020
Follow us on
 
पंजाब

पहलकदमी : बरनाला में घुटनों की तकलीफ के मरीजों का दूरबीन से इलाज

July 08, 2020 10:06 PM

दो मरीजों का किया सफल आप्रेशन, बिना सहारे चलने से असमर्थ मरीज घर लौटेंगे खुद अपनी ही टांगों के बल पर चलकर।

बरनाला, अखिलेश बंसल/करन अवतार।
घुटनों से पीडि़त मरीजों को जिस दूरबीन द्वारा आप्रेशन करवाने के लिए दूर-दराज जाकर महंगे इलाज करवाने पड़ते थे, उस समस्या से निजात मिलेगी। सिविल अस्पताल बरनाला में हड्डियों के रोगों के माहिर दो डाक्टरों की जोड़ी व संबंधित टीम ने घुटनों से पीडि़त दो मरीजों का सफल ऑपरेशन कर नई पहल की है। बरनाला में दूरबीन से पहला घुटनों का पहला सफल ऑप्रेशन होने पर डिप्टी कमिश्नर तेज प्रताप सिंह फुलका और सिवल सर्जन डा. गुरिदरबीर सिंह एवं सीनियर मेडीकल आफिसर डा. तपिन्दरजोत कौशल ने आर्थो विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। वहीं डॉक्टरों ने पंजाब सरकार के मिशन तंदरुस्त पंजाब को मज़बूत भी किया है। बताया जा रहा है कि दोनों मरीजों के ईलाज के लिए आईओएल के एमडी वरिंदर गुप्ता और जेएमडी विजय गर्ग ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं।

 

पैसा व समय दोनों होंगे सुरक्षित:
गौरतलब हो कि घुटनों के दर्द से पीडि़तयहां के मरीजों को चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई और विदेशों में भी जाकर अपना लिाज करवाना पड़ता था। हड्डियों के रोगों के माहिर डा. अंशुल गर्ग और डा. हरीश की टीम की दूरंदेशी विचारधारा ने घुटनों के धागों (आर्थोस्कॉपिक लिगामैंट रिपेयर) की तकलीफ से पीडित दो मरीजों का दूरबीन के द्वारा ऑप्रेशन किया गया। उसके साथ ही डॉक्टरों की जोड़ी ने दावा किया कि आने वाले समय में हड्डियों के रोगों से पीडि़तों को बाहरी अस्पतालों में जाकर पैसा व समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। डाक्टरों ने यह भी कहा कि दोनों मरीजों की फीजियोथ्रेपी भी सिविल अस्पताल में ही होगी। जिसके चंद सप्ताह के बाद दोनों दौडऩे लगेंगे।

आप्रेशन के बाद पीडि़त लौटेंगे अपनी टांगों पर चलकर:
अपने परिजनों का सहारा लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे हड्डियों के रोगों से पीडि़त गांव धौला निवासी धीरज और दियालगढ़ निवासी मनप्रीत सिंह दोनों बिना सहारा कहीं भी जाने और चलने-फिरने में असमर्थ थे। बरनाला में आप्रेशन करवाने से पहले दोनों निजी अस्पतालों में जाकर लाखों का खर्च कर चुके हैं। जबकि बरनाला में हुए दूरबीन आप्रेशन के दौरान उनका मात्र दस हजार रुपए का ही खर्च हुआ है। उल्लेखनीय है कि दोनों को पीजीआई चंडीगढ़ में प्रति मरीज 80 हजार रुपए का खर्च होने का एस्टीमेट बताया था। जबकि निजी अस्पतालों के डाक्टरों ने डेढ़ से दो लाख रुपए का खर्च होना बताया था।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और पंजाब ख़बरें
अध्यापक स्टेट अवार्ड नामांकन की अंतिम तारीख में वृद्धि विश्वास मेडिटेशन सैंटर ने लगाए औषधीय गुणों वाले व छायादार पौधे बासमती की फसल को किया जा सकता है जहरीली स्प्रे से मुक्त: सीएओ सरहद पार से चलते रैकेट का पर्दाफाश— गिरफ्तार किये 3 दोषियों में बीएसएफ का सिपाही शामिल राज्य की 6 जेलों को विशेष जेलों में बदला गया गर्भवती महिलाओं को टेली-मेडिसन सलाह देने के लिए 70 गाइनकालजिस्ट्स को विशेष प्रशिक्षण नकली शराब से 38 संदिग्ध मौतों की न्यायिक जांच के आदेश गाड़ी की टक्कर से मोटरसाईकल सवार की मौत डेराबस्सी: निजी हस्पताल के मुर्दाघर में लाश को चूहों ने कुतरा प्रिंस खुल्लर पंजाब यूथ विकास बोर्ड के सीनियर वाइस चेयरमैन नियुक्त