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पंजाब

सेना के गुम हुए जवान सतविंदर कुतबा के परिवार को अभी भी वापस आने की उम्मीद

August 10, 2020 07:35 PM

बरनाला, अखिलेश बंसल:
अरुणाचल प्रदेश की नदी में अपने साथी जवान को बचाते वक्त लापता हुए जिला बरनाला से संबंधित जवान सतविंदर सिंह कुतबा के परिवार को अभी वापस लौटने की उम्मीद है। जवान की तालाश के लिए देश की प्रसिद्ध समाज सेवी संस्था ह्यूमन सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऑर्गेनाइजेशन आफ इंडिया (एचएसआरओ) ने भारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद और केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को ई.मेल के द्वारा पत्र लिखकर पीडि़त परिवार की अधिक से अधिक सहायता करने की अपील की है।  

जवान की तालाश के लिए देश की प्रसिद्ध समाज सेवी संस्था एचएसआरओ ने भारत के राष्ट्रपति और केंद्रीय रक्षा मंत्री को ई.मेल द्वारा पत्र लिखकर पीडि़त परिवार की सहायता करने को की अपील।


सेना ने किया सतविंदर का पिट्ठू बैग मिलने का दावा:
जिला के गांव कुतबा निवासी जवान सतविंदर सिंह अपने साथी जवानों समेत अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी एरीए में गत 21 जुलाई को पैट्रोलिंग कर रहे थे। अलग-अलग टोलियों में करीब 30 फौजी जवान थे, जो टोलियां बना कर गहरी नदी पर बने हुए लकड़ी के पुल को पार कर रहे थे। सतविंदर सिंह के बड़े भाई मनजिंदर सिंह ने बताया कि हमें उसकी यूनिट में से 22 जुलाई को फोन आया था कि आपके लडक़े सतविंदर सिंह के साथ गांव बाघापुराना के नज़दीकी गांव डेमरू खुर्द निवासी लखवीर सिंह भी शामिल था। जब लखवीर और सतविंदर दोनों लकड़ी के पुल को पार करने लगे तो अचानक लखवीर सिंह गहरी नदी में गिर गया। जिसे बचाते हए सतविंदर कुतबा ने गहरी नदी में छलांग लगा दी। उसके साथी लखवीर सिंह का शव 26 जुलाई को मिल गया था, जिसका संस्कार उसके गांव में किया जा चुका है। कुछ दिनों बाद फिर सैना के कंट्रोल रूम से फिर फोन आया कि सतविंदर सिंह का पिट्ठू बैग मिल गया है परन्तु सतविन्दर नहीं मिला, जिसकी तलाश की जा रही है।
चाइना बार्डर पर चल रही थी तैनाती:
सतविंदर सिंह का जन्म गांव कुतबा में 7-10-2000 को हुआ था। सतविंदर सिंह ने जैसे ही सीनियर सेकंडरी पास की। उसके तुरंत बाद भारतीय सैना में जवानों की भर्तियां निकली। सतविंदर ने आवेदन किया और उसकी परीक्षा पटियाला में हुई, जहां उसकी सिलेक्शन ह गई और उसको प्रशिक्षण देने के लिए सिक्ख लाईट इनफैंटरी फतेहगढ़ ( यूपी) में भेज दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होते ही सतविंदर सिंह की 4 सिक्ख लाईट इन्फेंटरी यूनिट में पोस्टिंग हुई। घटना के वक्त सतविन्दर की अरुणाचल प्रदेश के चाइना बार्डर पर तायनाती चल रही थी।   
 

कह कर गया था मां तुम्हारा पुत्र भारतीय सेना का जवान है:
परिवार का खर्चा चलाने के लिए जवान सतविंदर की माता सुखविंदर कौर मननरेगा में काम करती आ रही थी। फरवरी और मार्च के महीने दौरान पहली बार छुट्टी काटने गांव पहुंचे सतविंदर सिंह ने मां को नरेगा में मजदूरी करने से रोक दिया था। जवान की माता सुखविंदर कौर ने बताया कि सतविंदर कह कर गया था 'मां तेरा पुत्र भारतीय फौज का जवान है और जवान की मां गरीबी बर्दाश्त कर सकती है, परन्तु पुत्र के होते हुए किसी की नौकरी नहीं'। उसदा कहना है कि उसके पुत्र ने उसको अपने वचनों से बांध दिया है। जिस दिन से उसके पुत्र सतविंदर सिंह के बारे में सूचना मिली है उस दिन से पूरा परिवार सुधबुध खो बैठा है। आलम यह है कि दलित परिवार के से संबंधित सतविंदर सिंह कुतबा के परिवार की हालत बद से बदतर हो गई है।
परिवार को है जवान सतविंदर के आने की उम्मीद:
सतविंदर सिंह के परिवारिक सदस्यों का कहना है कि उनके पुत्र ने तो दूसरे जवान लखवीर सिंह की जान बचाने की कोशिश की थी। यदि उनके जवान पुत्र का थैला मिल सकता है तो जवान पुत्र का मिलना भी संभव है। उनको पूरी उम्मीद है कि उनका सतविंदर घर जरूर लौटेगा।
गांव कुतबा के दलित परिवार पैदा कर रहे देश के रखवाले -
गौरतलब हो कि गांव कुतबा के दलित परिवार देश के रखवाले पैदा कर रहा है। लेकिन सरकारें नजरन्दाज कर रही हैं। इससे पहले शहीद हुआ देश का जवान जसवंत सिंह भी दलित परिवार से संबन्धित था। जो साल 1989 के दौरान श्री लंका में दुश्मन के साथ मुकाबला करते शहीद हो गया था। शहीद जसवंत सिंह भारतीय सेना में सिक्ख लाईट इन्फैंटरी की यूनिट फास्ट सिक्ख का जवान था। जिसकी भारतीय सेना में 4-9-1984 को भर्ती हुई थी।
प्रदेश सरकार ने भुलाए शहीद:-
मंत्रियों और मुख्य-मंत्रियों की ओर से मंचों पर दहाड़ें मार-मार कर दावा किया जाता है कि 'शहीद कौम का सरमाया होते हैं, जो कौम शहीदों को भुला देती हैं उनकी गिणती गद्दारों में होती है'। बताने योग्य है कि पंजाब सरकार की ओर से श्री लंका के शहीदों को कारगिल युद्ध में शहीद हुए शहीदों को दीं सहूलतों की तजऱ् पर आज तक सहूलतें नहीं दीं हैं। यह बात गांव कुतबा के शहीद जवान जसवंत सिंह के परिवार ने कही है।
एचएसआरओ की तरफ से राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री से संपर्क करना शुरु:
ह्यूमन सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्गेनाइजेशन आफ इंडिया (एचएसआरओ) के प्रधान एडवोकेट करन अवतार कपिल ने बताया है कि उनकी संस्था की ओर से भारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविन्द और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को ईमेल पर पत्र भेज कर अपने साथी को बचाते हुए नदी में गुम हुए भारतीय सेना के जवान सतविंदर सिंह के बारे में जानकारी दी है। गोताखोरों द्वारा जवान सतविंदर सिंह की जल्दी से जल्दी तालाश करने और डिफेंस मनिंस्टरी की तरफ से परिवार की अधिक से अधिक सहायता करने के बारे में अपील की है।

 
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