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ट्रूनाट और रैपिड एंटीजेन टेस्ट तकनीक कोविड-19 की लड़ाई में बनी गेम चेंजर: सीएमओ

September 18, 2020 08:35 PM

धर्मशाला, (विजयेन्दर शर्मा) मुख्य चिकित्सा अधिकारी गुरूदर्शन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के बढ़ते हुये मामलों को देखते हुये ओर भी अधिक एहतियात की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में कोविड नियंत्रण कक्ष से पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों को बहुत हल्के में ले रहे हैं और बीमारी के बारे में गंभीर नहीं हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए देर से रिपोर्ट कर रहे हैं जिससे उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग ने रोगियों की 55886 नमूनों को संग्रहित किया है, जिनमें से अब तक 1743 (3.1 प्रतिशत) नमूने संक्रमित पाये गये हैं जबकि कोविड-19 के कारण 23 लोगों (1.3 प्रतिशत) की दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षण को बढ़ाने के लिए परीक्षण विभाग ने ट्रूनाट और रैपिड एंटीजेन टेस्ट परीक्षण की तकनीक शुरू की है। परीक्षण के ये दो नए और तीव्र रूप कोविड-19 के विरूद्व लड़ाई में गेम चेंजर बन गए हैं। ये परीक्षण कुछ मिनटों से लेकर एक घंटे में सक्रिय केस रोगियों को पहचानने और अलग करने के लिए तेज परिणाम प्रदान करते हैं जिससे संक्रमण श्रृंखला रोकने में मदद मिलती है।
जिला कांगड़ा में अब तक 51595 आरटी-पीसीआर टेस्ट किये गये जिसमें 1486 लोगों 2.9 प्रतिशत मामले संक्रमित पाये गये जबकि ट्रूुनाट के 2563 टेस्ट में 94 लोगों के 3.7 प्रतिशत संक्रमित पाये गये। इसके अलावा 163 आरएटी के 1728 टेस्ट में 163 लोगों के 9.4 प्रतिशत मामले संक्रमित पाये गये।
सीएमओ ने कहा कि सरकार के नवीनतम दिशा निर्देशों के अनुसार रोगियो को स्थानीय आशा और चिकित्सा अधिकारी के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण के तहत घर में संगरोध में रखने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। गंभीर लक्षणों वाले मध्यम और सह-रुग्णता वाले रोगियों को बैजनाथ, डाढ़, पौंग बांध और डीसीएचसी एवं डीसीएच केन्द्र धर्मशाला में भर्ती किया जा रहा है। इन स्थानों पर नवीनतम मानकों के अनुसार दवा और अन्य सुविधायें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। डीसीएचसी और डीसीएच जैसे विशेष केंद्र ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, वेंटिलेटर और डायलिसिस जैसी नवीनतम मशीनों से सुसज्जित हैं। उन्होंने बताया कि रोगियों को संशोधित डिस्चार्ज नीति के अनुसार छुट्टी दी जाती है, जिसके तहत पात्र रोगियों का फिर से परीक्षण नहीं किया जाता है और 07 दिनों के सख्त गृह संगरोध की सलाह के साथ छुट्टी दे दी जाती है।
गुप्ता ने कहा कि सभी नागरिकों को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जारी रखनी चाहिए और यदि उनमें खांसी, बुखार, नाक बहने, गले में खराश आदि के लक्षण हैं, तो उन्हें निकटतम स्वास्थ्यम संस्थान को सूचित करना चाहिए या टोल-फ्री नम्बर-104 या 1077 के माध्यम से कोविड कंट्रोल रूम को सूचित करना चाहिए।

 
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