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राष्ट्रीय

कृषि विधेयक परित होने पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'बधाई हो'

September 20, 2020 04:19 PM

  कृषि विधेयक के रूप में सरकार ने किसानों के ख़िलाफ़ मौत का फ़रमान निकाला: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने टवीट कर कहा, जो किसान धरती से सोना उगाता है, मोदी सरकार का घमंड उसे ख़ून के आँसू रुलाता है।राज्यसभा में आज जिस तरह कृषि विधेयक के रूप में सरकार ने किसानों के ख़िलाफ़ मौत का फ़रमान निकाला, उससे लोकतंत्र शर्मिंदा है।  आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, लोकतंत्र की हत्या करके, गैर संवैधानिक तरीके से भाजपा ने इस बिल को पास किया है। ये काला कानून किसान के पेट पर लात मारने वाला कानून है।हरसिमरत की मौजूदगी में केंद्रीय कैबिनेट में ऑर्डीनैंस के पास होने पर प्रकाश सिंह बादल क्यों चुप रहे - सुखजिन्दर सिंह रंधावा: कांग्रेसी मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री को अकाली दल की पीठ थपथपाने पर आड़े हाथों लिया प्रकाश सिंह बादल बताएं कि 15 दिनों के अंदर ऑर्डीनैंस बारे दिए दोनों बयानों में से किस पर यकीन करें सिखी और किसानी के सिर पर पाँच बार मुख्यमंत्री बनने वाले बुजुर्ग अकाली नेता ने दोनों पक्षांे  के साथ विश्वासघात किया

चंडीगढ़,फेस2न्यूज:  

  हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने रविवार को राज्यसभा में पास हुए कृषि बिलों को लेकर कहा कि देश के इतिहास में आज के दिन को काले दिन के रूप में गिना जाएगा। कृषि प्रधान भारत देश में अन्नदाताओं के खिलाफ षड्यंत्र रचकर भाजपा सरकार ने हमारे देश की आत्मा पर प्रहार किया है। यह बिल कृषि क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रखने वाले हैं। यह किसानों को गुलाम बनाने वाले बिल हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि मंडी व्यवस्था न होने का मतलब न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होना है। छोटे किसान बाजार की प्रतिस्पर्धा में कैसे टिकेंगे? कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का मतलब है कि पूंजीपति फसलों के लिए मूल्य निर्धारित करेंगे। यह हमारे देश के किसानों पर एक क्रूर हमला है कि नए कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में मंडियों को खत्म कर दिया था। जिस कारण बिहार में किसान की हालत बद से बदतर हो गई है। वर्तमान भाजपा सरकार भारतीय इतिहास की पहली ऐसी सरकार है जो किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकार छीनने के लिए यह बिल लाई है। ये बिल किसानों को बर्बाद करने वाले हैं।

प्रधानमंत्री ने किसानों को बधाई दी 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने को भारतीय कृषि के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए किसानों को बधाई दी है। इस सबंध में कई ट्वीट करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा, "भारतीय कृषि के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने पर हमारे मेहनती किसानों को बधाई! इससे न केवल कृषि क्षेत्र का कायाकल्प होगा बल्कि करोड़ों किसानों का सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा।”

  

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह सरकार सिर्फ अपने कुछ चुनिंदा चहेते पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। पहले लोकसभा और फिर अब राज्यसभा में बहुमत का दुरुपयोग कर पास करवाए गए यह बिल अन्नदाता की आत्मा पर प्रहार हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरे देश के किसान, मजदूर, आढ़ती इन बिलों के खिलाफ सड़कों पर थे वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा जल्दबाजी में लोकसभा और राज्यसभा में पास करवाए गए यह बिल भाजपा सरकार के किसान, मजदूर और आढ़तियों को खत्म करने के षड्यंत्र को उजागर करते हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की आय दोगुणी करने का झूठा ढोंग पीटने वाली भाजपा सरकार के पहले के फैसलों ने भी किसानों की कमर तोड़ने का काम किया था। भाजपा सरकार के फैसलों की वजह से किसान की लागत में बढोतरी हुई। कीटनाशक से लेकर कृषि उपकरण तक, सब कुछ महंगा कर दिया गया।

कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का अन्नदाता भाजपा सरकार को कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस सरकार आते ही यह बिल खारिज कर दिए जाएंगे। 21 सितंबर को हरियाणा प्रदेश के हर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा इन बिलों के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। वह खुद जींद में मौजूद रहकर धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी। 

 उधर, पंजाब के  सीनियर कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सवाल किया है कि किसान विरोधी कृषि बिलों के पास होने पर ढोंग का सहारा लेकर शहीद बनने का राग अलापने वाली हरसिमरत बादल के इस्तीफे पर वह गर्व करने से पहले यह बताएं कि जब हरसिमरत की मौजूदगी में केंद्रीय कैबिनेट ने ऑर्डीनैंस पास किये थे तो वह उस समय क्यों चुप थे। प्रकाश सिंह बादल यह भी बता दें कि अब नाखुन (अकाली दल) और मांस (भाजपा) कब अलग-अलग होंगे, क्योंकि अकाली दल अभी भी किसान विरोधी बिल लाने वाली भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार का अटूट अंग बना हुआ है।

रंधावा ने कहा कि अकाली दल के सरपरस्त अपनी ही पार्टी की पीठ थपथपाने से पहले यह भी स्पष्ट कर देते कि 15 दिनों के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री के आए दोनों बयानों में से राज्य के लोग किस पर यकीन करें। उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले ऑर्डीनैंसों का गुणगान करने वाले बड़े बादल ने आज अपने पुत्र और बहु की तरह यू टर्न लेते हुए ऑर्डीनैंसों का विरोध शुरू कर दिया है।

कांग्रेसी मंत्री ने कहा कि किसानी और सिखी के सिर पर पाँच बार मुख्यमंत्री बनने वाले प्रकाश सिंह बादल ने अपनी कुर्सी की खातिर दोनो ही पक्षों के साथ विश्वासघात किया है। बादल के राज्य में मुख्यमंत्री रहते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र सरूपों की बेअदबी हुई और फिर निहत्थी सिख संगत पर गोलियाँ चलाई गईं। अब केंद्रीय सरकार में अकाली दल की हिस्सेदारी के दौरान किसान विरोधी कृषि कानून बनाए गए। पंजाब के लोग बादलों के इस विश्वासघात के लिए उनको कभी भी माफ नहीं करेंगे। 

प्रधानमंत्री ने किसानों को बधाई दी : प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने को भारतीय कृषि के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए किसानों को बधाई दी है। इस सबंध में कई ट्वीट करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा, "भारतीय कृषि के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। संसद में कृषि संबंधित विधेयकों के पारित होने पर हमारे मेहनती किसानों को बधाई! इससे न केवल कृषि क्षेत्र का कायाकल्प होगा बल्कि करोड़ों किसानों का सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा।”

“दशकों से भारतीय किसान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करने के लिए विवश रहे और बिचौलियों के हाथों परेशान होते रहे। संसद द्वारा पारित विधेयक किसानों को ऐसी विपत्तियों से मुक्त कराएंगे। ये विधेयक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों में तेजी लाएंगे और उनके लिए अधिक समृद्धि सुनिश्चित करेंगे।”

“हमारे कृषि क्षेत्र में ऐसे नवीनतम तकनीक की सख्त जरूरत है जो मेहनती किसानों की सहायता कर सके। इन विधेयकों के पारित होने के साथ ही हमारे किसानों के लिए भविष्य की आधुनिक तकनीक तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा जिसके बेहतर परिणाम होंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।”

“मैं पहले भी कह चुका हूं और आज फिर से कह रहा हूं,“न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम उनकी मदद करने और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ”

 
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