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पंजाब

डेराबस्सी में निर्माणाधीन दो मंजिला बिल्डिंग धराशाही, चार की मौत

September 24, 2020 11:05 AM

डेराबस्सी, पिंकी सैनी

 यहां वीरवार को मेन बाजार में सवेरे 9:30 बजे एक निर्माणाधीन दो मंजिला बिल्डिंग धराशाही हो गई, जिसके मलबे में आठ लोग दब गए, जिसमें बिल्डिंग मालिक समेत चार श्रमिकों की मौत हो गई जबकि चार को बचा लिया गया।  बताते हैं कि बिल्डिंग केे मालिक हरदेव सिंह के सिर में चोट लगी है, जिसे डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अभी एक और मलबे के नीचे दबा हुआ है, जिसे निकालने के प्रयास जारी हैं। मौके पर पुलिस पहुंच गई है और मामले की जांच की जा रही है। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
बताते हैं कि दो श्रमिकों की मौत दीवार के नीचे दबकर हुई है। बिल्डिंग का निर्माण कार्य अभी चल ही रहा था कि यह हादसा हो गया। इस दो मंजिला बिल्डिंग का लैंटर डल चुका था।  डीसी मोहाली गिरीश दयालन ने बताया कि डेराबस्सी उपमंडल के रामलीला ग्राउंड के पास वार्ड नंबर 14 में निर्माणाधीन एक व्यावसायिक इमारत गुरुवार सुबह 9.30 बजे पहली मंजिल के निर्माण के दौरान ढह गई। जैसे ही उन्हें सूचना मिली वह स्थानीय एसडीएम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

लगभग चार घंटे के बचाव अभियान के दौरान, दो लोगों को एक घंटे से भी कम समय में बाहर निकाला गया, जबकि एनडीआरएफ की टीमों ने मलबे में फंसे अन्य लोगों को बचाने के लिए दो और घंटे का समय लिया। दुर्भाग्य से चारों की मौत हो गई। मृतकों में इमारत में काम करने वाले तीन प्रवासी कामगार और इमारत का मालिक भी शामिल हैं।
मृतकों की पहचान गोपी चंद (60 वर्ष), राजू (लगभग 46 वर्ष) और रमेश (लगभग 45 वर्ष) के रूप में की गई है और इमारत के मालिक 72 वर्षीय हरदेव सिंह हैं। इस बीच, चार अन्य श्रमिक जो इमारत के पास काम कर रहे थे, लेकिन इमारत की छत के अचानक गिरने के बावजूद बच गए।
कुलदीप बावा, एसडीएम डेरा बस्सी, जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी बचाव कार्यों का निरीक्षण किया, ने कहा, “सिविल, पुलिस, चिकित्सा, आग और एनडीआरएफ की टीमें समय पर घटनास्थल पर पहुंच गईं। सूचना मिलते ही बचाव अभियान चलाया गया। बिजली के झटके और अन्य संबंधित घटनाओं से बचने के लिए इमारत की बिजली की आपूर्ति तुरंत काट दी गई थी। बताते हैं कि बिल्डिंग गिरने का कारण बिल्डिंग में घटिया सैनेटरी फिटिंग थी। मलबे में किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग स्कवायड का भी उपयोग किया गया था और मलबे में किसी अन्य व्यक्ति को खोजने के बाद, चार घंटे के संघर्ष के बाद बचाव अभियान को बंद कर दिया गया था। एसडीएम कुलदीप बावा जिला प्रशासन को अपनी विस्तृत रिपोर्ट दस दिन में देंगे  

 
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