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धर्म

मानवता का महाकुंभ: 73वां वार्षिक संत निरंकारी समागम 5 दिसंबर से

December 04, 2020 08:28 AM

बरनाला, अखिलेश बंसल:
संत निरंकारी मिशन का 73वां वार्षिक निरंकारी संत समागम पिछले 72 वर्षों में आयोजित हुए समारोह से भिन्न होगा। विश्व में फैली कोरोना संक्रमण बीमारी की परिस्थिति को देखते हुए समारोह वर्चुअल रुप में आयोजित किया जायेगा। जिसका शुभारंभ 5 दिसंबर, 2020 को होने जा रहा है। यह जानकारी बरनाला ब्रांच के संजोयक जीवन गोयल जी ने देते हुए बताया कि देश एवं विदेश की विविधता से परिपूर्ण संस्कृति एवं संप्रभुता की बहुरंगी छठा इस वर्चुअल संत समागम में देखने को मिलेगी। इस समागम का मुख्य उद्देश्य सत्य, प्रेम एवं एकत्व पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व से युक्त मानव समाज का निर्माण करना एवं अपने स्वभाव में स्थिरता को अपनाकर जीवन को सहज व सरल बनाना है।
वार्षिक निरंकारी संत समागम में सम्मिलित प्रतिभागियों द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सेनेटाइजेशन एवं सोशल डिसटेंनसिंग (दो गज़ दूरी, मास्क है ज़रूरी) के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करवाने के पुख्ता प्रबंध होंगे।
समागम का प्रारंभ 5 दिसम्बर को सायः 4.30 बजे होगा, जिसमें सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ‘मानवता के नाम संदेश’ प्रेषित करेंगे। रात्रि 8.30 से 9.00 बजे तक सद्गुरु सुदीक्षा जी अपने दिव्य प्रवचनों द्वारा आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
समागम का प्रसारण तीनों दिन मिशन की वेबसाईट पर 4:30 से रात्रि 9:00 बजे तक तथा संस्कार टी.वी. चैनल पर भी 5;30 से रात्रि 9:00 बजे तक प्रसारित किया जायेगा।
समागम के दूसरे दिन 6 दिसम्बर को दोपहर 1.00 बजे से 3.00 बजे तक सेवादल रैली, एक मुख्य आकर्षण के रूप में मिशन की वेबसाईट पर इसके अतिरिक्त संस्कार टी.वी. चैनल पर भी दोपहर 1.00 से 3.00 बजे तक प्रसारित की जायेगी।
रैली में भारतवर्ष तथा दूर देशों से सेवादल के भाई-बहन शारीरिक व्यायाम, खेलकूद, विभिन्न करतब तथा मिशन की सिखलाई पर आधारित लघुनाटिकाओं (Skits) को कार्यक्रम के रूप में दर्शायेंगे। इसी दिन सायं 4.30 बजे से सत्संग कार्यक्रम आयोजित होगा और रात्रि 8.30 से 9.00 बजे तक सद्गुरु माता सुदीक्षा जी अपने दिव्य प्रवचनों द्वारा समस्त संतों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
समागम के तीसरे दिन 7 दिसम्बर को सायः 4.30 से रात्रि 8.30 बजे तक सत्संग कार्यक्रम होगा। जिसका मुख्य आकर्षण एक ‘बहुभाषी कवि सम्मेलन’ होगा। जिसमें मुख्य शीर्षक ‘स्थिर से नाता जोड़ के मन का, जीवन को हम सहज बनाएं।’ इस विषय पर विश्वभर के कवि सज्जन विभिन्न भाषाओं में अपने शुभ भावों को कविताओं के माध्यम द्वारा प्रस्तुत करेंगे। समागम का समापन रात्रि 9.00 बजे होगा।

 
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