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आगे बढ़ें, बहुत कुछ है करने को, लेकिन नींद करें पूरी

February 11, 2021 12:42 PM

बैंगलूरू, फेस2न्यूज ब्यूरो:

आई टी कम्पनी में नौकरी कर रहे युवा शिवानन्द की आंखें कमजोर हो चली हैं। यही हाल कम्प्यूटर पर 5 घंटे काम करने वाले धर्मेन्द्र तोमर का है। घर में बच्चे छोटे हैं, रात में उन्हें संभालने, रात में बच्चे के रोने पर पुचकार के उसे सुलाने में ही रात गुजर जाती है। नींद पूरी होती नहीं, ऑफिस में विवाद के मौके भी जाते हैं। जहां एक ओर लॉक डाउन में शहर की आई टी व अन्य कम्पनियों से जुड़े युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा ा मीडिया, जनसंचार संस्थाओं को अपने कार्यालय बन्द करने का मौका मिला, बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की नौकरियां चलh गई। शहर में आडियो उपकरणों के निर्माण से जुड़े 10 हजार कर्मियों की रोजी रोटी से जुड़ी कम्पनी में आधे ही कर्मचारी हैं, अन्य घर से ही काम कर रहे।
इधर, कॉविड काल के साथ साथ वेतनमान से जुड़े मामले भी इस प्रक्रिया में कारण बने। तनाव ने घर लिया। वेतन मिला मिला नहींा
लॉकडाउन के बाद माहौल सुधरने लगा तो नौकरी की सिक्योरिटी नहीं, न वेतन का पूरा भुगतान, सो पार्ट टाइम जॉब करना लाजिमी हो गया, लेकिन नींद का क्या करें।
वरिष्ठ पत्रकार बाला कृष्ण शेखर कहते है कि हमें सब कुछ करने से पहले अपनी नींद व स्वास्थ्य को वरीयता देनी होगी। शहर के डॉक्टर आशुतोष भी बताते हैं कि नींद पूरी न होने पर मेटाबॉलिजम प्रभावित होता है। शरीर ढीला पड़ जाता है, उत्साह में कमी आ जाती है।
इधर, खबर है कि अब अपने कर्मचारियों को रेस्ट कर व नींद 6घंटे लेकर आने के आदेश दे रही हैं।
कोविड-19 महामारी में लोगों को तमाम मुश्किलों व कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में चैन से सुकून की नींद लेना काफी नामुमकिन सा लगने लगा था क्योंकि करियर, सेहत जैसी कई चिंताएं लोगों के दिमाग में मंडराने लगी थीं। इसके चलते ठीक एक साल बाद वेकफिट डॉट ने सोने के प्रति लोगों के ध्यान को फिर से आकषिर्त करने और नींद लेने को अधिक ग्लैमरस बनाने के लिए दोबारा हमारे सामने दस्तक दी है।
कंपनी ने अपने स्लीप इंटर्नशिप प्रोग्राम के साथ अपनी वापसी की है और सीजन 2 के पहले से भी और अधिक बेहतर होने की बात कही जा रही है।
पहले सीजन के लिए 1.75 लाख लोगों ने आवेदन किया था। दुनिया भर से लोगों ने इस पर दिलचस्पी दिखाई थी और 30 से अधिक देशों से लोगों ने इस पर अपना इंटरेस्ट दिखाया था।
अपने ‘ड्रीम जॉब को पाने की चाहत में प्रतिभागियों ने वीडियोज, टेक्स्ट मैसेज, खुद के बनाए गाने, डांस और कविताओं के माध्यम से नींद लेने के प्रति अपने प्यार का इजहार किया था। यह इतना मजेदार इसलिए भी था क्योंकि इसमें सोने के लिए एक लाख रुपये का भुगतान किया जाना था।
वेकफिट डॉट को में कंटेंट हेड और साल 2020 के सबसे वायरल कैम्पेन में अहम भूमिका निभाने वाली सजनी मस्तूरलाल ने कहा, ‘‘बीते साल के स्लीप इंटर्नशिप की सफलता ने हम सबको हैरान कर दिया। यह देखना वाकई में काफी गजब का रहा कि किसी ऐसी गतिविधि को लेकर लोगों में कितना पागलपन और जुनून है, जिसे काफी लंबे समय से अनदेखा किया जाता रहा है। हम कई ऐसे लोगों से भी मिले, जो इंटरव्यू के फाइनल राउंड के लिए पजामा और स्लीपर्स पहने आए हुए थे। इससे पता चलता है कि अपने ड्रीम जॉब को लेकर वे कितने सीरियस हैं।
इस साल चुने गए स्लीप इंटर्न्‍स को न केवल एक लाख रुपये कमाने का मौका मिलेगा, बल्कि इसमें उन्हें एक-दूसरे के साथ मुकाबला भी करना होगा और विजेता दस लाख रुपये के ग्रैंड प्राइज का हकदार बनेगा। इसके साथ भी उन्हें ‘इंडियाज स्लीप चैंपियन’ के खिताब से भी नवाजा जाएगा।
स्लीप इंटर्न बनने के लिए अब तक करीब 80,000 लोग अब तक अपना आवेदन जमा करा चुके हैं।
इस पहल में जान डालने का काम करने वाले स्प्रिंग मार्केटिंग कैपिटल के पार्टनर (ब्रांडेड कंटेंट) संदीप बालन कहते हैं, ‘‘पिछले साल जब हमने स्लीप इंटर्नशिप के कार्यक्रम को पेश किया था, तो उस वक्त लोग इसे समझ नहीं पा रहे थे। यह असली है भी या नहीं, इसे लेकर उनके मन में शंकाए थीं। इस साल आवेदक पहले से ही इसके बारे में जानकारी लेकर इसमें दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। यहां बात सिर्फ पैसे की नहीं है, बल्कि हम चाहते हैं कि लोगों को ‘इंडियाज बेस्ट एंड मोस्ट डेडिकेटेड स्लीपर’ कहलाने का भी गर्व हो। हम चाहते हैं कि लोग अपने सोने की क्षमता को जगाए और हमारे स्लीप मूवमेंट में हमारी मदद करें।’’
सीजन 2 में प्रतिभागियों को अपने घरों में 100 दिनों तक लगातार रात में नौ घंटे की नींद लेनी होगी और इसके लिए कंपनी द्वारा उन्हें वेकफिट डॉट को मैट्रेस और एक स्लीप ट्रैकर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कंपनी द्वारा इस दौरान इंटर्न्‍स के लिए स्लीप एक्सपर्ट्स, फिटनेस एक्सपर्ट्स, चिकित्सकों से काउंसिलिंग सेशन्स की भी व्यवस्था कराई जाएगी ताकि वह सोने के वैज्ञानिक पहलुओं को समझ सके।
वेकफिट डॉट को के सह-संस्थापक और निदेशक चैतन्य रामलिंगेगोड़ा ने इस अनोखे इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए कहा, ‘‘स्लीप इंटर्नशिप के दूसरे सीजन के साथ हमने अपनी वापसी की है ताकि लोगों को यह याद दिला सके कि नींद लेने को अपनी प्राथमिकता की सूची से न हटाए। हम लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि सोना भी किसी अन्य जॉब की ही तरह एक सीरियस जॉब है। सुकून दिलाने के साथ-साथ इसमें पैसे भी हैं। साल 2020 में हमारे स्लीप इंटर्नशिप को मिली शानदार प्रतिक्रियाओं को देखते हुए हमने इसके दूसरे सीजन को पेश करने के बारे में सोचा।

 
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