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राष्ट्रीय

मन को शक्तिशाली बनाते हैं सकारात्मक संकल्प

March 06, 2021 08:45 PM

राज सदोष

अबोहर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने कहा कि अध्यात्म से परिपूर्ण, विवेकवान मनुष्य हर प्रकार की परिस्थिति में स्वयं को व समाज को सुरक्षित रखने की क्षमता रखता है। नकारात्मक संकल्प अग्नितुल्य हैं जो मन, बुद्धि को अंधकार में धकेल देते हैं जिससे आंतरिक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं। अध्यात्म का चिंतन करने से प्राप्त होने वाले सकारात्मक संकल्प मन को शक्तिशाली बनाते हैं।

वे शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर माउंट आबू, में कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी पूर्णशांता ने कहा कि अज्ञान अंधकार की कालिमा से मुक्ति के लिए ईश्वरीय ज्ञान का नियमित अनुसरण करना चाहिए।

ज्ञान सरोवर निदेशिका डॉ. निर्मला ने कहा कि अंधकार भगाने से नहीं भागता बल्कि वहां एक लौ की जरूरत होती है।
मीडिया प्रभाग प्रमुख बीके करूणा ने कहा कि संकुचित व नकारात्मक सोच से मन की शक्तियों का विकास अवरूद्ध हो जाता है। श्रेष्ठ संकल्पों की शक्ति का मनन चिंतन करने से मन शक्तिशाली बनता है।

ज्ञान सरोवर निदेशिका डॉ. निर्मला ने कहा कि अंधकार भगाने से नहीं भागता बल्कि वहां एक लौ की जरूरत होती है।
मीडिया प्रभाग प्रमुख बीके करूणा ने कहा कि संकुचित व नकारात्मक सोच से मन की शक्तियों का विकास अवरूद्ध हो जाता है। श्रेष्ठ संकल्पों की शक्ति का मनन चिंतन करने से मन शक्तिशाली बनता है।

राजनीतिक प्रभाग अध्यक्ष बीके बृजमोहन आनंद ने कहा कि जीवन उसका धन्य होता है जो अनेकों के जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।

शिक्षा प्रभाग अध्यक्ष बीके मृत्युजंय ने कहा कि अधिक इच्छाएं प्रसन्नता की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। अपने हित की अपेक्षा जब परहित को अधिक महत्व देंगे तो ही समाज श्रेष्ठ बनेगा। महिला प्रभाग मुख्यालय संयोजक डॉ. सविता अरोड़ा, शिक्षा प्रभाग उपाध्यक्ष शीलू बहन, विज्ञान व तकनीकी प्रभाग अध्यक्ष मोहन सिंहल, राजयोग प्रशिक्षिका मंदाकिनी बहन, जेमिनी बहन, हंसा बहन, गोपी बहन आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

 
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