Sunday, 06 September 2026
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सामाजिक बुराइयों को उजागर करती हिंदी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘गेस्ट अनवांटेड’ ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज को तैयार

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आर के शर्मा /चंडीगढ़

रेड आई प्रोडक्शंस ने हिन्दी संस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘गेस्ट अनवांटेड’ को सेक्टर 27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस कल्ब में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रिलीज किया। परविंदर सिंह वड़ैच द्वारा लिखी और निर्देशित फिल्म का आधार ‘रेप एंड रिवेंज’ है जो कि इसी वर्ष ओटीटी और विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म पर रिलीज होने जा रही है।

फिल्म की महिला प्रोडयूसर स्वर्णजीत कौर वड़ैच ने बताया कि महिलाओं के प्रति बढ़ रही हिंसा विशेषकर बालात्कार के मामलों से वे इस फिल्म बनाने के लिये प्रेरित हुई। उनका मानना है कि फिल्म का फोकस समाजिक कुरुतीयों को उजागर होने में चाहिये और फिल्म मैकर्स में लोगों को अपनी इस कला के माध्यम से प्रभावित करने की शक्ति है।(SUBHEAD)

वे मानती है कि समाज में कुकर्म कर रहे दोषियों को कभी नहीं बख्शा नहीं जाना चाहिये जो कि इस फिल्म में बखूबी दर्शाया गया है। फिल्म इंडस्ट्री में गत 15 सालों से विभिन्न प्रोजेक्ट्स को अंजाम दे चुके परविंदर सिंह वड़ैच ने बताया कि इस फिल्म में उन्होंनें कड़ी मेहनत की है। फिल्म में एक संदेश है कि पाप कभी माफ नहीं किया जाना चाहिये चाहे व कानून की दृष्टि से हो या फिर बदले की दृष्टि से। पीड़िता और उसका परिवार किस तरह मानसिक और शारीरिक मनोस्थिति से गुजरता है उसकी कल्पना सोच से भी परे है।

हरकिरन कौर वड़ैच इस फिल्म की सैकेंड एंड क्र्रिऐटिव डायरेक्टर हैं और उन्होंनें फिल्म को दर्शकों के साथ जोड़ने का प्रयास किया है ताकि अधिक से अधिक लोग फिल्म के रुप में इस विषय को जाने और इस पर आवाज उठायें।

फिल्म में निर्देशक ने कई नामचीन कलाकारों को काम करने का मौका दिया है जिसमें विनम्रजोत सिंह वड़ैच, संजीव कलेर, संजीव दीवान, अमन भोगल, तनिष्का आनंद, हैप्पी बनमाजरा व अन्य शामिल हैं। टिंकू गुप्ता इस फिल्म के डायरेक्टर आफ फोटोग्राफी है जबकि अनुराग शर्मा और हिमांशु ने तकनीकी सहयोग दिया।

क्या है स्टोरी 

चार अपराधी एक लड़की का बालात्कार कर उसका कत्ल कर देते हैं। यह लड़की एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी की बेटी है जो दृष्टि और सुनने की शक्ति से अपंग है। जब लड़की की मां को इस दुखद घटना के बारे में पता चलता है तो वह इसका बदला लेने के लिये खुद उतरती है। उसके रिश्तेदार सलाह देते हैं कि वे कानून का सहारा लेकर दोषियों तक पहुंचें परन्तु लड़की का पिता अपनी शारीरिक बंधनों को तोड़कर बालात्कारियों तक अपनी पहुंच बना उनसे बदला लेता है।