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पंजाब

कैप्टन का बड़ा आरोप, कहा-बादल ने दंगे करवाने के लिए रची थी बेअदबी की साजिश

May 16, 2019 06:39 PM

जीरकपुर, जे एस कलेर/पिंकी सैनी
पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने हलके के लोगों से पंचकूला रोड़ पर करवाई गई रैली के दौरान अपील की है कि वे केंद्र में लोक विरोधी सरकार को चलता करने के लिए कमर कस लें। उन्होंने कहा कि फूट डालने वाले लोगों के हाथों में देश का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश का किसान, व्यापारी, मुलाजिम, उद्योगपति और आम नागरिक सहित प्रत्येक वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हाल ही में पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार इस बात का सबूत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जिला परिषद मतदान के बाद अब पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी के समर्थक उम्मीदवारों को मिली बड़ी सफलता पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की पंजाब के लोक समर्थक नीतियों की जीत है।

पटियाला संसदीय सीट कैप्टन का गृह क्षेत्र है। 2014 में आम आदमी पार्टी के डा. धरमवीर गांधी जो अब नया पंजाब पार्टी व पंजाब डेमोक्रेटिक एलायंस से चुनाव लड़ रहे है ने परनीत कौर को शिकस्त दी थी। परनीत कौर को इस बार भी मुख्य चुनौती डा. गांधी से ही मिल रही है। हालांकि इस सीट पर अकाली-भाजपा गठबंधन की ओर से सुरजीत सिंह रखड़ा और आम आदमी पार्टी ने नीना मित्तल को उतारा है। परनीत कौर को पटियाला शहर से भरपूर समर्थन मिल रहा है लेकिन डा. गांधी इस संसदीय सीट के नाभा व साथ लगते ग्रामीण इलाकों में अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं। किसानों को अफीम उगाने की अनुमति दिए जाने की उनकी मांग को किसान व ट्रक यूनियनें बहुत पसंद कर रहे हैं। वहीं गांधी डेराबस्सी, राजपुरा क्षेत्र में मतदाताओं के संपर्क में हैं जोकि अकाली दल का क्षेत्र रहा है।

प्रदेश की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण कांग्रेस सरकार को विरासत में खाली खजाना मिला था परंतु अब मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण राज्य की आर्थिकता को फिर से रास्ते पर लाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार की तरफ से पटियाला जिले को राजनीतिक भेदभाव का शिकार बनाने के कारण यह जिला दूसरे जिलों के मुकाबले विकास पक्ष से पिछड़ कर रह गया था परंतु अब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से भेजे करोड़ों रुपये के प्रोजेक्टों से पटियाला जिले सहित हल्का डेराबसी की नुहार बदलनी शुरू हो गई है।
अपने संबोधन में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल विशेष कर बादल परिवार पर आरोप लगाया कि हिंदू-सिख के बीच विवाद पैदा करने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने का षड्यंत्र रचा गया था। कैप्टन ने कहा कि गांवों में जहां सिखों की घनी आबादी है, वहां पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी अकाली सरकार की योजना का हिस्सा था। उनकी सरकार ने मामले की जांच के लिए रणजीत सिंह आयोग का गठन किया। उसकी रिपोर्ट सदन में रखी। अकालियों ने उसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया। सरकार ने एसआईटी का गठन किया। जिसने 600 से अधिक लोगों से पूछताछ की।

  उन्होंने नरेन्द्र मोदी पर उनके राष्ट्रवाद के बयानों को लेकर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री कैसे इस पर ‘डींग मार सकते'हैं जब उन पर और भाजपा पर ‘धर्म के आधार पर देश को बांटने' का ‘भूत सवार' है। पटियाला लोकसभा सीट से अपनी पत्नी और कांग्रेस प्रत्याशी परनीत कौर के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि वह (मोदी) राष्ट्रवाद का मुद्दा उठा रहे हैं। आप इस बारे में कैसे डींग मार सकते हैं जब आप देश को धर्म और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी धर्मनिरपेक्षता एवं विविधता की ताकत को नष्ट कर रहे हैं। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक देश कभी भी इस मानसिकता से नहीं चल सकता है कि मेरे बिना कुछ भी संभव नहीं है। सिंह ने मतदाताओं से चुनाव में मोदी और कांग्रेस के बीच चुनाव करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उन्हें निर्णय करना है कि कौन देश और उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रख सकता। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मोदी सरकार ने पंजाब में कांग्रेस की सरकार आने के बाद बीते दो साल और चार महीने में राज्य और इसके लोगों के लिये कुछ नहीं किया।' अमरिंदर ने कहा कि राज्य की पिछली बीजेपी-अकाली दल सरकार ने राज्य को कर्ज के बोझ तले दबा दिया था और इसके बावजूद बीजेपी ने पंजाब के लोगों को उन्हीं के हाल पर छोड़ दिया।' बता दें कि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर 19 मई को चुनाव के सातवें चरण में वोटिंग कराई जानी है।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपना 1977 में पहला चुनाव लड़ा था तो विधानसभा डेराबसी में कुछ नहीं था अब यहाँ बड़ी बड़ी इमारते खड़ी होने के बावजूद जीरकपुर में बिजली, पानी, अस्पताल व फायरब्रिगेड न होने पर हैरानी जताई और इशारों-इशारों में कहा कि चुकी चुनाव आयोग के चलते वे कोई घोषणा नहीं कर सकते लेकिन आप समझ लें कि मैं क्या कहना चाहता हूं।  
 

पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस मिशन 13 के अंतर्गत एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की मदद के लिए विधायक और मंत्रियों को चेतावनी भरी जिम्मेदारियां भी सौंप दी हैं। लेकिन पार्टी को पटियाला सीट पर ही सबसे ज्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है।
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पटियाला संसदीय सीट कैप्टन अमरिंदर सिंह का गृह क्षेत्र है। 2014 में आम आदमी पार्टी के डा. धरमवीर गांधी जो अब नया पंजाब पार्टी व पंजाब डेमोक्रेटिक एलायंस से चुनाव लड़ रहे है ने परनीत कौर को शिकस्त दी थी। परनीत कौर को इस बार भी मुख्य चुनौती डा. गांधी से ही मिल रही है। हालांकि इस सीट पर अकाली-भाजपा गठबंधन की ओर से सुरजीत सिंह रखड़ा और आम आदमी पार्टी ने नीना मित्तल को उतारा है। परनीत कौर को पटियाला शहर से भरपूर समर्थन मिल रहा है लेकिन डा. गांधी इस संसदीय सीट के नाभा व साथ लगते ग्रामीण इलाकों में अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं। किसानों को अफीम उगाने की अनुमति दिए जाने की उनकी मांग को किसान व ट्रक यूनियनें बहुत पसंद कर रहे हैं। वहीं गांधी डेराबस्सी, राजपुरा क्षेत्र में मतदाताओं के संपर्क में हैं जोकि अकाली दल का क्षेत्र रहा है।
इस बार दीपइंदर सिंह ढिल्लों कांग्रेसी उम्मीदवार सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर के लिए प्रचार कर रहे हैं। पिछले चुनाव में दीपइंदर सिंह ढिल्लों पटियाला लोकसभा सीट से अकालीदल के उम्मीदवार थे, जबकि परनीत कौर से करीब 4 हजार वोट से पीछे रहते हुए तीसरे नंबर पर रहे थे।

विगत चुनाव में पटियाला लोक सभा सीट से डॉ. धर्मवीर गांधी करीब 3 लाख 65 हजार 664 वोट लेकर विजयी रहे थे। इस बार गांधी भी आप में नहीं हैं और दीपइंदर ढिल्लों भी अकाली दल छोड़ कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। डेराबस्सी हलके में अकालीदल के एन के शर्मा इस गढ़ को अकालीदल के पक्ष में भुना पाएंगे ये मुश्किल भरा दिखाई दे रहा है।

डॉ. धर्मवीर गांधी ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पानी, बिजली, अस्पताल व फायर बर्गेड की उपयुक्त सुविधा न होने पर हैरानी जताने के बयान पर कहा कि अगर ढाई साल से राज्य के मुख्यमंत्री को यह ही नहीं पता कि इस क्षेत्र में की क्या समस्याएं हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं जबकि दो साल से ही यह तय था कि उनकी पत्नी परनीत कौर पटियाला लोकसभा हल्के से चुनाव लड़ेंगी जिसके लिए बाकायदा बिना किसी संविधानिक पड़ के मुख्यमंत्री की पत्नी उद्घाटन दर उद्घाटन करती चली गईं जबकि जमीनी हकीकत में वह उद्घाटन केवल जुमले बन कर रह गए जिसमें से एक उदहारण जीरकपुर के फ्लाईओवर के नीचे सौन्दर्यकरण के नाम पर किया गया उद्घाटन है जो आज भी विकास की राह देख रहा है।

मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा कर्मचारियों ने मीडिया से की बदसलूकी
मुख्यमंत्री के शहर में दौरे के चलते सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे जिसके चलते खुद आईजी वी.नीरजा से लेकर एसएसपी हरचरन सिंह बुल्लर तक रैली स्थल पर भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। उनके आने से पहले सड़कों पर से ट्रैफिक गायब था और ट्रैफिक पुलिस वाले थ्रीविहलर्स को भगाते हुए दिखाई दिए मानो यह दिखाने की कोशिश की गई कि ट्रैफिक की कोई समस्या ही नहीं है। वहीं रैली स्थल पर हर आने व जाने वाले के लिए 4 मैटल डिटेक्टर गेट लगा हर एक कि गहन चैकिंग की गई सिगरेट-बीड़ी व तंबाकू उत्पाद वहीं फिकवा दिए गए। वहीं मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा कर्मी जरूरत से ज्यादा ही डिफेंसिव दिखे और इलेक्शन कमीशन के कर्मचारियों तक को मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे से बाहर रखने पर उतारू थे। मुख्यमंत्री का एक निजी सुरक्षा कर्मचारी इलेक्शन कमीशन व मीडियाकर्मियों से ही उलझ गया और बदसलूकी करते हुए उनसे उनके इडेंटटी कार्ड मांगने लगा जब उन्होंने अपने इडेंटटी कार्ड दिख दिए तो कहने लगा कि यह नहीं वह अपना निजी पहचान पत्र दिखाए जिसपर मीडियाकर्मियों ने आपत्ति जताई तो डीएसपी डेराबसी सिमरनजीत सिंह लंग ने बीच बचाव कर माहौल को शांत किया।

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