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पंजाब

3 व्यक्तियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने धारीवाल हत्याकांड मामला सुलझाया

April 01, 2020 08:20 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब पुलिस ने अशोक कुमार के कत्ल का मामला सुलझा लिया है जिसको 10 फरवरी, 2020 को गुरदासपुर जिले के धारीवाल क्षेत्र में अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मार दी थी।
जानकारी देते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि दोषियों को 27 मार्च वाले दिन पुलिस थाना शाहपुर कंडी, जिला पठानकोट की एक टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था। दोषियों की पहचान जगमीत सिंह उर्फ मीत पुत्र नरिन्दर सिंह निवासी पब्बाराली कलाँ पुलिस थाना डेरा बाबा नानक, जिला गुरदासपुर, लवप्रीत सिंह उर्फ लव पुत्र लखबीर सिंह निवासी झांज्यें खुर्द पुलिस थाना फतेहगढ़ चूडिय़ाँ, गुरदासपुर और राजिन्दर सिंह उर्फ निक्कू पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गुन्नोपुर पुलिस थाना भैनी मिया खान, जिला गुरदासपुर के तौर पर हुई है।
दोषियों से एक 9 एम.एम. पिस्तौल के साथ दो मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस और एक 30 बोर पिस्तौल समेत 18 जिंदा कारतूस बरामद किये गए हैं, जिसके लिए एक अलग केस दर्ज किया गया है।
डीजीपी ने बताया कि मुलजिमों को कत्थू नंगल और दसूहा से एक आई20 कार और एक मोटरसाईकल छीनने के मामले में भी शामिल पाया गया है। जिक्रयोग्य है कि मुलजिम जगमीत सिंह और लवप्रीत सिंह गाँव ढिल्लवां, जिला बटाला के पूर्व सरपंच दलबीर सिंह के कत्ल के केस में भी वांछित था।
बताने योग्य है कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किये गए हमले में अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि शिव सेना नेता हनी महाजन गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। थाना धारीवाल में आइपीसी की धारा 302, 307, 34 और आर्मज एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
डीजीपी के अनुसार, अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि हमले का कंट्रैक्ट खतरनाक गैंगस्टर सुखमीत पाल सिंह उर्फ सुख भिखारिवाल पुत्र सुलक्खण सिंह निवासी भिखारिवाल पुलिस थाना कलानौर, जिला गुरदासपुर द्वारा दिया गया था। सुख भिखारिवाल धारीवाल क्षेत्र में शराब के कारोबार को कंट्रोल करना चाहता था और उसको डर था कि हनी महाजन उसकी योजनाओं में रुकावट डाल सकता है। इसलिए वह हनी महाजन को खत्म करना चाहता था, जबकि अशोक कुमार अनजाने में मारा गया जो हमले के समय महाजन के साथ था।
डीजीपी ने बताया कि सुख भिखारिवाल ने यह कंट्रैक्ट मनदीप सिंह उर्फ दीप और हरजिन्दर सिंह उर्फ जींदा को दिया था जिन्होंने बाद में जगमीत सिंह, लवप्रीत सिंह और राजिन्दर सिंह उर्फ निक्कू को यह जुर्म करने के लिए कहा।
जांच में आगे यह बात सामने आई कि धारीवाल की घटना वाले दिन मुलजिमों ने इस वारदात की शुरूआत गुरदासपुर में किराये के मकान से की, जिसका प्रबंध रजिन्दर सिंह उर्फ निक्कू ने किया था। सफेद सविफट कार और हथियारों का प्रबंध हरजिन्दर सिंह ने किया था। घटना वाली जगह पर पहुँचने पर लवप्रीत सिंह और जगमीत सिंह ने हनी महाजन और अशोक कुमार दोनों पर गोलियाँ चलाईं।

 
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