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चंडीगढ़

सब्ज़ी मंडी फड़ी विक्रेताओं ने समस्याओं को लेकर और मांगों के समर्थन में एस डी एम को सौंपा ज्ञापन पत्र

August 07, 2020 05:55 PM

चंडीगढ़ : एक तो पहले से ही कोरोना संकट से मंदी का आलम है। ऊपर से चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम द्वारा रेहड़ी फड़ी सब्ज़ी विक्रेताओं से धक्का किया जा रहा है। एतराज करने पर डंडों से पीटा जाता है। चंडीगढ़ प्रशासन से विनती है कि देश के प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी ने कहा था कि कोरोना संकटकाल में किसी की भी नौकरी और रोजगार नहीं छीना जायेगा, मगर सेक्टर 26 सब्ज़ी मंडी में ज्यादातर सब्ज़ी विक्रेताओं को न तो सेक्टर 17 सब्ज़ी मंडी में जगह दी गई और न ही हमारी फ़रियाद सुनी जा रही है, जिससे की हमारे परिवार की नौबत भूखे मरने की आ गई है।

ये दुखद फरियाद सब्ज़ी फड़ी विक्रेताओं ने सेक्टर 17 में डीसी कार्यालय में एसडीएम सेंट्रल को ज्ञापन पत्र सौंपते समय कही। फड़ी विक्रेताओं ने डीसी कार्यालय में प्रवेश वर्जित होने के चलते पब्लिक विंडो के मार्फ़त एसडीएम तक भेजा।

महोदय हम लोग सेक्टर 17 सब्ज़ी मंडी में फड़ी लगा सब्ज़ी और फल बेचने वाले हैं और वो लोग पिछले 20-25 साल से सेक्टर 26 सब्ज़ी मंडी में फड़ी लगा सब्ज़ी बेच कर, अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे है। हम सब लगभग 100 से अधिक परिवार है, जो फड़ी लगा कर रोजागर कर रहे थे। लेकिन कोरोना के दौरान सेक्टर 26 से सेक्टर 17 में शिफ्ट होने से उनका धंधा ही चौपट हो गया है, और अब बेरोजगार हो गए हैं लेकिन कोरोना के दौरान सेक्टर 26 से सेक्टर 17 में शिफ्ट होने से उनका धंधा ही चौपट हो गया है।

शुरू शुरू में तो उन्हें फड़ी लगाने ही नही दी गयी। अब अगर वो फड़ी लगाते है तो नगर निगम के कारिंदे आकर उनका सामान ज़ब्त कर लेते है। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। फड़ी सब्ज़ी विक्रेताओं का कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो अपना धंधा कैसे चला पाएंगे। कैसे अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर पाएंगे। उनकी तो भूखे मरने की नौबत आ गयी है। वो तो फेस मास्क पहन, सोशल डिस्टेन्सिंग जैसे सरकारी दिशा निर्देशों की पालना भी कर रहे है। बल्कि खरीदारों को भी इनके प्रति जागरूक करते है।

उन्होंने कहा कि जब उनकी तरफ से नगर निगम और पुलिस का विरोध किया जाता है, तो उन्हें बुरी तरह से डराया धमकाया जाता है। इसके अलावा उनका जो सामान ज़ब्त किया जाता है, न तो उसकी कोई रसीद दी जाती है और न ही उसे कौन से स्टोर में भेजा जाता है।  नगर निगम और पुलिस कर्मियों द्वारा उनके यहां से सब्जी और फल ज़ब्त कर लिए जाते है और शायद उसे वो आपस मे ही बांट लेते है। क्योंकि पड़े पड़े तो उन फल सब्ज़ियों के खराब होने के आसार है। अगर नगर निगम ने उनके साथ ये धक्केशाही बंद न की तो उनके आने वाला वक़्त बद से भी बदतर हो जायेगा और भीख मांग कर परिवार का भरण पोषण करने के लिए नौबत परिवार संग सड़क पर आने वाली हो जाएगी 

इस अवसर पर बाबू राम, नंदू, श्रीपाल, तारा सिंह, हरिचंद, अरुण, लाल मन, अमरजीत सिंह, मुहम्मद आरिफ, अमज़द, जगदीश, अनिल कुमार, बंटी भाटियाऔर नन्हे सिंह सहित श्रीपाल और गिरिराज भी मौजूद थे ।

 
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