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खेल

साहसिक खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयास

July 07, 2019 05:52 PM

शिमला, (विजयेन्दर शर्मा)

हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों को व्यापक बढ़ावा देकर इस दिशा में नए आयाम स्थापित किए हैं और इस प्रदेश ने भारत के ‘एडवेंचर हब’ रूप में विश्वभर में अपनी पहचान बनाई है।

साहसिक खेलों व साहसिक पर्यटन में नाम अर्जित करने के अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण व संबद्ध खेल संस्थान, मनाली का विशेष योगदान रहा है।

पैराग्लाईडिंग पॉयलट की योग्यता की जांच करने के लिए भी संस्थान द्वारा एक प्रोसिटी मशीन स्थापित की गई है जो ग्लाईडर की क्षमता की जांच करती है। इन गतिविधियों के अलावा संस्थान द्वारा उपभोक्ताओं को 150 रुपये देने पर पांच लाख रुपये तक का बीमा व पॉयलटों को 550 रुपये सालाना प्रीमियम अदा करने पर 10 लाख रुपये की बीमा सुविधा प्रदान की जा रही है।

साहसिक खेलों और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण व संबद्ध खेल संस्थान की स्थापना मनाली में सन् 1961 में की थी। इस संस्थान के माध्यम से सरकार देश के स्कीयर, ट्रेकर और पर्वतारोहियों को विशेष प्रशिक्षण कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। यह संस्थान सरकार द्वारा हिमांच्छादित पर्वतों तथा कठिन ट्रेकिंग मार्गों पर चलाए जाने वाले बचाव एवं राहत कार्यों में भी सहायता प्रदान करता है क्योंकि संस्थान के पास बचाव कार्य के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित श्रमशक्ति/अमला मौजूद है।

प्रदेश की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, राज्य सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अनेक साहसिक गतिविधियां को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। यह प्रदेश पर्यटकों को मनमोहक दृश्य और अद्भुत अनुभवों के साथ-साथ, अविस्मरणीय साहसिक अनुभव भी उपलब्ध करवाता है। खेल प्रेमी पैराग्लाईडिंग, रिवर राफटिंग, ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और जोरबिंग जैसी गतिविधियां का आनन्द ले सकते हैं।

राज्य सरकार ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तत्तापानी और लारजी बांध जल क्रिड़ाएं आरम्भ करने के लिए चिन्हित किया है। पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान मनाली को इन स्थलां पर शीघ्र आवश्यक अधोसंरचना और अन्य सुविधाओं को सृजित करने का कार्य सौंपा गया है। इन स्थानों पर पर्यटकों को हाइड्रो फोलिंग, वाटर स्कूटर तथा जेट वेटोर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

प्रदेश में साहसिक खेलों को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं तथा समय-समय पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे है। इसी कड़ी में अभी हाल ही के अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली में 25 लोगों को 14 दिवसीय राफटिंग कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया तथा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को राफटिंग लाईसेंस जारी किए गए।

पैराग्लाईडिंग पॉयलट की योग्यता की जांच करने के लिए भी संस्थान द्वारा एक प्रोसिटी मशीन स्थापित की गई है जो ग्लाईडर की क्षमता की जांच करती है। इन गतिविधियों के अलावा संस्थान द्वारा उपभोक्ताओं को 150 रुपये देने पर पांच लाख रुपये तक का बीमा व पॉयलटों को 550 रुपये सालाना प्रीमियम अदा करने पर 10 लाख रुपये की बीमा सुविधा प्रदान की जा रही है।

साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष मार्च माह में अतंरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धा का सफल आयोजन किया, जिसमें विश्व के विभिन्न देशों की 40 टीमों ने ट्रेकिंग, मैराथन, मांउटेन बाईकिंग तथा राफटिंग जैसे साहसिक खेलों में भाग लिया। इन साहसिक खेलों के दौरान आयोजित दौड़ 450 किलोमीटर की दूरी तय कर जंजैहली से होते हुए मनाली से शिमला पहुंची। यह आयोजन राज्य को साहसिक खेलों के गंतव्य के रूप में लोकप्रिय बनाने में सहायक सिद्ध हुआ है।
यही नहीं, अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली की राफटिंग टीम ने इस वर्ष जून माह में तुर्की में आयोजित वर्ल्ड राफटिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिससे प्रदेश को विश्वस्तर पर पहचान मिली है।
खेल एवं युवा सेवा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने जानकारी दी है कि हिमाचल प्रदेश अगले वर्ष आयोजित होने वाले पहले एशियन राफटिंग चैम्पियनशिप कप की मेज़बानी के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक सुनियोजित ढंग से साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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