ENGLISH HINDI Saturday, August 15, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
22 अगस्त ,शनिवार को मनाएं श्री गणेश जन्मोत्सव, रखें सिद्धि विनायक व्रत, न करें चंद्र दर्शनस्वतंत्रता दिवस पर ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन पंजाब: 9 कृषि-रसायनों की बिक्री पर पाबन्दीए.डी.जी.पी. वरिन्दर कुमार और अनीता पुंज को विलक्षण सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस मैडलवाराणसी में वर्चुअल माध्यम से धनवंतरी चलंत अस्पताल का शुभारंभपूंजीगत खर्च पर सीपीएसई की तीसरी समीक्षा बैठकविशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक और सराहनीय सेवाओं के लिए आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को पुलिस पदक से सम्मानितराष्ट्रपति ने सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों के लिए 84 वीरता पुरस्कारों और अन्य सम्मानों की मंजूरी दी
मनोरंजन

यूएफओ डिजिटल मीडिया के खिलाफ प्रोडक्शन हाउस ने खोला मोर्चा

January 10, 2020 05:46 PM

चंडीगढ़: यूएफओ डिजिटल मीडिया और उसकी सिस्टर कंसर्न स्क्रैबल क्षेत्रीय भाषाओं के साथ भेदभाव करती है। इनसे थिएटर में लगवाने के चार्जेज तो ले लेती है, पर फ़िल्म को निर्धारित समय पर न लगा कर 2-3 दिन बाद सिनेमा हॉल में लगवाती है। इससे प्रोडक्शन हाउस को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उसे मानसिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

क्षेत्रीय भाषा फिल्मो को नही देते तवज्जो यू एफ ओ डिजिटल मीडिया और स्क्रैबल:बड़े बजट और बड़े बैनर की फिल्मों को देते है तरजीह

यह कहना है फ़िल्म प्रोड्यूसर संजय मठारू और किंग्ज़ी छाछी एवम डायरेक्टर हरप्रीत मठारू और फ़िल्म के हीरो और पंजाबी सिंगर इंदरजीत निक्कू का।

पंजाबी मूवी जान तो प्यारा की स्टार कास्ट और प्रोडक्शन टीम ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यू एफ ओ डिजिटल मीडिया और उसकी सिस्टर कंसर्न स्क्रैबल पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनके साथ उनकी फिल्म को 03 जनवरी 2020 को सिनेमाघर में लगवाने के एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन यू एफ ओ ने निर्धारित दिन और समय पर फ़िल्म न लगवा कर इसे 01 दिन बाद सिनेमाघरों में लगवाया। जबकि के सेरा ई सिटी और क्यूब पर ये 4 जनवरी को रिलीज हुई थी।लेकिन इनके पी वी आर और अन्य प्लेटफार्म पर ये 05 जनवरी को रिलीज हुई। जिससे प्रोडक्शन हाउस को देर से रिलीज होने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

फ़िल्म के हीरो विख्यात पंजाबी गायक इंदरजीत निक्कू ने कहा कि ये मीडिया हाउस पहले भी कई बार ऐसा कर चुका है। ये बड़े बैनर और बड़े बजट की फ़िल्म को तरजीह देते है, उन्हें 12-13 शो दे दिए जाते है। जबकि क्षेत्रीय छोटे बजट और नई स्टारकास्ट की फ़िल्म के साथ भेदभाव करते हुए इन्हें सिनेमाघरों में लगवाने के लिए आनाकानी करते है।

फ़िल्म के प्रोड्यूसर संजय मठारू ने कहा कि इनके द्वारा छोटे बजट की फिल्मो को सिंगल स्क्रीन थिएटर में लगवा दिया जाता है, जबकि मल्टीप्लेक्स में उन्हें जगह ही नही दी जाती ।

जबकि ये मीडिया हाउस चार्जेज उनके बराबर ही लेते है। तो फिर ऐसा भेदभाव क्यों। उन्होंने अपने साथ हुए इस धोखे और धक्के को लेकर जब यू एफ ओ के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने उनकी एक न सुनी। जिससे आहत होकर उन्होंने मीडिया का सहारा लेना मुनासिब समझा, ताकि क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के साथ हो रहे भेदभाव को उजागर कर उभरते प्रोडक्शन हाउस को आगाह कर सके, और इन्हें सबक सिखा सके।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और मनोरंजन ख़बरें
वायरल ओरिजिनल्स ने अकुल के नए गीत ‘बहाना’ को किया लॉकडाउन में बिछड़े लवर्स को समर्पित यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप ने नामी इंडियन म्यूजिक कंपनी देसी मेलोडीज से की ग्लोबल भागेदारी की घोषणा स्टार अकेडमी की स्टार रुची महाजन नेटफिक्स सिरीज बुलबुल मे दिखेंगी म्यूजिक कंपोजर मिथुन ने एमएक्स प्लेयर के टाइम्स ऑफ म्यूजिक पर खुलासा किया- कैसे बना “तुम ही हो” गाना कुछ ऐसा बनाने की कोशिश— जो मूड को करेगा शांत: माईल मनु सिंह अब म्यूजिक ट्रैक "तेरे हंजू" में नए अवतार में अवकाश मान ने अपना नया ट्रैक ’जट्ट दी स्टार’ लॉकडाउन में फ्रंट पर काम करने वाले हीरोज को किया समर्पित अवकाश मान वायरल औरिजिनल के साथ 14 मई को लॉंच करेंगे दूसरा पंजाबी ट्रैक जट्ट दी स्टार अपने नए पंजाबी ट्रैक -ड्रीम- के प्रचार हेतु माणिक भटेजा पहुंचे सिटी ब्यूटीफुल छुप छुप कर किए थियेटर से हासिल किया मुकाम : मनु सिंह