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विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त है वसंत पंचमी

February 09, 2021 10:19 AM

  मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़,9815619620

इस वर्ष शुभ ग्रहों का तालमेल ठीक न होने के कारण विवाह के शुभ मुहूर्त 12 दिसंबर, 2020 से लेकर 24 अपै्रेल 2021 तक उपलब्ध नहीं हैं। विवाह की उत्सुकता से प्रतीक्षा करने वालों के लिए शुभ समाचार लेकर आया है वंसंत। इस दिन अर्थात 16 फरवरी को दूल्हे घोड़ी चढ़ सकेंगे, दुलहनें डोली पर सवार हो सकेंगी। इस दिन कई सामाजिक संस्थाएं सामूहिक विवाहों का आयोजन भी कर रही हैं और मैरिज पैलेस, डेस्टीनेशन, क्म्युनिटी हॉल्स, होटल ,बैंड बाजे, पुरोहित आदि पूरी तरह से बुक हैं।

16 फरवरी को वसंत पंचमी पर ज्योतिष के अनुसार , सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि तथा रवियोग एक साथ हैं और मंगलकारी दिन मंगलवार भी है। इसके अलावा मकर राशि में 4 ग्रह- गुरु, शनि,शुक्र तथा बुध एक साथ होंगे तथा मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान रहेंगे और यह सब मीन राशि व रेवती नक्षत्र के अधीन होगा।

बसंत पंचमी के दिन आपको माता सरस्वती की पूजा के लिए कुल 05 घंटे 47 मिनट का समय मिलेगा। आपको इसके मध्य ही सरस्वती पूजा करनी चाहिए। 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बीच सरस्वती पूजा का मुहूर्त बन रहा है।

बसंत पंचमी के दिन आपको माता सरस्वती की पूजा के लिए कुल 05 घंटे 47 मिनट का समय मिलेगा। आपको इसके मध्य ही सरस्वती पूजा करनी चाहिए। 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बीच सरस्वती पूजा का मुहूर्त बन रहा है।

बसन्त पंचमी शुभ मुहूर्त: 

मंगलवार, फरवरी 16, 2021 

बसन्त पंचमी सरस्वती पूजा मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक 

अवधि- 05 घण्टे 37 मिनट्स 

बसन्त पंचमी मध्याह्न का क्षण- 12:35 

पञ्चमी तिथि प्रारम्भ- फरवरी 16, 2021 को 03:36 बजे 

पञ्चमी तिथि समाप्त- फरवरी 17, 2021 को 05:46 बजे

क्या क्या कर सकते हैं वसंत पंचमी पर ?

सगाई या विवाह कर सकते हैं।
नया कारोबार आरंभ कर सकते हैं।
गृह प्रवेश,मकान की नींव डाल सकते हैं।
नया वाहन, बर्तन ,सोना, घर, नए वस्त्र, आभूषण,वाद्य यंत्र, म्युजिक सिस्टम आदि खरीदने का शुभ दिन है।
किसी नए कोर्स में एडमिशन, विदेश जाने के लिए आवेदन या संबंधित परीक्षा ।
लांग अर्म इन्वेस्टमेंट, दीर्घकालीन निवेश, बीमा पालिसी, बैंक खाता आदि।
कोई नवीन कार्य आरंभ करें, शिक्षा या संगीत से संबंधित,
क्यों खास है बसंत पंचमी ?
· बसंत पंचमी के दिन को माता पिता अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की शुरुआत के लिए शुभ मानते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तो इस दिन बच्चे की जिह्वा पर शहद से ए बनाना चाहिए इससे बच्चा ज्ञानवान होता है व शिक्षा जल्दी ग्रहण करने लगता है।

· बच्चों को उच्चारण सिखाने के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ माना जाता है।

· 6 माह पूरे कर चुके बच्चों को अन्न का पहला निवाला भी इसी दिन खिलाया जाता है।

· चूंकि बसंत ऋतु प्रेम की रुत मानी जाती है और कामदेव अपने बाण इस ऋतु में चलाते हैं इस लिहाज से अपने परिवार के विस्तार के लिए भी यह ऋतु बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए बसंत पंचमी को परिणय सूत्र में बंधने के लिए भी बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है व बहुत से युगल इस दिन अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत करते हैं।

· गृह प्रवेश से लेकर नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है।

· इस दिन कई लोग पीले वस्त्र धारण कर पतंगबाजी भी करते हैं। 

पेन, काॅपी, किताबों की भी पूजा

बसंत पंचमी के दिन पेन, काॅपी, किताबों की भी पूजा की जाती है। ऐसा करने से देवी सरस्वती वरदान प्रदान करती हैं। भारत देश के सरस्वती, विष्णु और शिव मंदिरों में इस त्योहार का उत्साह सर्वाधिक होता है। अधिकांश स्थानों पर मेले आयोजित किए जाते हैं, जो मुख्यतः संबंधित देवी-देवता को ही समर्पित होते हैं।

कैसे करें बसंत पंचमी पूजा ?
प्रात:काल स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें। मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात क्लश स्थापित कर भगवान गणेश व नवग्रह की विधिवत पूजा करें। फिर मां सरस्वती की पूजा करें। मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन व स्नान कराएं। फिर माता का श्रंगार कराएं माता श्वेत वस्त्र धारण करती हैं इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं। प्रसाद के रुप में खीर अथवा दुध से बनी मिठाईयां चढा सकते हैं। श्वेत फूल माता को अर्पण किये जा सकते हैं। विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम व पुस्तकों का दान करें।

संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगा कर मां की आराधना कर सकते हैं व मां को बांसुरी भेंट कर सकते हैं।

देवी सरस्वती के इस मन्त्र का जाप करने से ‘‘श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा'' असीम पुण्य मिलता है।

राशियों पर असर : क्या करें खास...?

1. मेष :

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां की पूजा के दौरान सरस्वती कवच पाठ जरूर करें। ऐसा करने से बुद्धि की प्राप्ति होगी. इसके अलावा एकाग्रता की कमी भी ठीक हो जाएगी. 

2. वृषभ :

मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उनको सफेद चंदन का तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें. ऐसा करने से ज्ञान में बढ़ोतरी होने के साथ ही जो भी समस्याएं हैं, उनसे निजात मिलेगी. 

3. मिथुन :

मां सरस्वती को हरे रंग का पेन (कलम) अर्पित करें और उससे ही अपनी सभी कार्यों को पूरा करें। ये कार्य आपकी लिखने संबंधी समस्याएं को समाप्त करने में मददगार होगा। 

4. कर्क :

मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए. संगीत क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले छात्रों को ऐसा करने से बहुत अधिक फायदा होगा. 

5. सिंह राशि :

मां सरस्वती की पूजा के दौरान गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें. ऐसा करने से विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की इच्छा पूरी हो जाएगी. 

6. कन्या :गरीब बच्चों में पढ़ने की सामाग्री बांटे, जिसमें पेन, पेंसिल किताबें आदि शामिल हों. अगर आप ऐसा करते हैं तो पढ़ाई में आ रही आपकी परेशानी को दूर किया जा सकता है. 

7. तुला :

किसी ब्राह्मण को सफेद कपड़ें दान में दें. यदि छात्र ऐसा करते हैं तो उन्हें वाणी से जुड़ी किसी परेशानी से निजात मिल सकती है और आपकी वाणी में मधुरता आएगी. 

8. वृश्चिक :

अगर याद्दाश्त से संबंधित कोई परेशानी है तो इसे आप मां सरस्वती की आराधना करके इसे दूर कर सकते हैं. मां सरस्वती की पूजा के बाद लाल रंग का पेन उन्हें अर्पित करें. 

9. धनु :

पीले रंग की कोई मिठाई अर्पित करें. इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ जाएगी. साथ ही आपकी उच्च शिक्षा की इच्छा भी मां सरस्वती अवश्य पूरी करेंगी. 

10. मकर :

निर्धन व्यक्तियों को सफेद रंग का अनाज दान करें। ऐसा करने से मां सरस्वती आपके बुद्धिबल में विकास होगा. 

11. कुंभ :

गरीब बच्चों में स्कूल बैग और दूसरी जरूरी चीजें दान करें। मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहेगी और आपका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा. 

12. मीन :

छोटी कन्याओं में पीले रंग के कपड़े दान करें। इससे आपके करियर में आने वाली समस्याओं का निवारण होगा। आपके ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहेगा। 

-मदन गुप्ता सपाटू, मो-9815619620,-458,सैक्टर 10, पंचकूला

 
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