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एस्ट्रोलॉजी

उत्तर भारत की बजाय पूर्वोत्तर भारत में बहुत कम समय दिखाई देगा 2021 का प्रथम खग्रास चंद्रग्रहण 26 मई बुधवार को

May 23, 2021 08:20 PM

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़, 9815619620

26 मई,बुधवार को वैशाख पूर्णिमा पर पहला चंद्रग्रहण , सायंकाल,पश्चिमी  बंगाल, अरुणाचल, नागालैंड, आसाम, त्रिपुरा, मेघालय में बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा। भारत के शेष भागों में यह नहीं दिखेगा। भारत के अलावा  यह ग्रहण, जापान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, बर्मा आस्ट्रे्लिया , दक्षिणी अमरीका,प्रशांत व हिन्दमहासागर में भी दिखेगा। चंद्रमा पर आंशिक ग्रहण दोपहर में करीब सवा तीन बजे शुरू होगा और शाम को 7  बजकर 19 मिनट तक रहेगा। पूरब में 26 मई की शाम आसमान पर पूर्ण चंद्रग्रहण के ठीक बाद एक दुर्लभ विशाल व सुर्ख चंद्रमा ;सुपर ब्लड मूननजर आएगा। 

ग्रहण आरंभ- 15ः15, खग्रास आरंभ-16ः40 , ग्रहण मध्य- 16ः49, ग्रहण समाप्त--16ः58 ग्रहण समाप्त-18ः23

ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण अनुराधा/ ज्येष्ठा नक्षत्र तथा बृश्चिक राशि  में लग रहा है। अतः बृश्चिक राशि वालों को अधिक सचेत रहना चाहिए। 

चंद्रग्रहण का सूतक- इस ग्रहण का सूतक, 26 मई, 2021 की सुबह 6 बजकर 15 मिनट से आरंभ हो जाएगा। परंतु जहां जहां यह ग्रहण दिखेगा वहीं यह मान्य होगा। क्योंकि यह ग्रहण भारत के उत्तर, पश्चिम, पंजाब, राजस्थान,  उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में नहीं दिखेगा अतः वहां सूतक नहीं लगेगा। 

आज का ज्वलंत प्रशन- कोरोना का क्या होगा?

ज्योतिष में शनि को बीमारी , अस्पताल, दवा पर खर्चे , मृत्यु आदि से भी जोड़ा गया है। जैसे ही 2019 में गुरु- शनि का संगम हुआ, कोरोना का जन्म हो  गया। ज्योतिषी एक जगह आकलन ठीक नहीं कर पाए। गुरु राहू के नक्षत्र में  था जो धोखा देता है। लगता है काम हो गया किन्तु वह छल कपट या धोखे से वार करता है। यही 2021 के आरंभ में लगा कि कोरोना जा रहा है, जिंदगी पटड़ी पर आ रही है ,परंतु राहू ने अपना असली चेहरा दिखा दिया और रुप बदल बदल कर मानव जीवन को नुकसान पहुंचाता गया। 

कोरोना का क्या होगा?: ज्योतिष में शनि को बीमारी , अस्पताल, दवा पर खर्चे , मृत्यु आदि से भी जोड़ा गया है। जैसे ही 2019 में गुरु- शनि का संगम हुआ, कोरोना का जन्म हो  गया। ज्योतिषी एक जगह आकलन ठीक नहीं कर पाए। गुरु राहू के नक्षत्र में  था जो धोखा देता है। लगता है काम हो गया किन्तु वह छल कपट या धोखे से वार करता है। यही 2021 के आरंभ में लगा कि कोरोना जा रहा है, जिंदगी पटड़ी पर आ रही है ,परंतु राहू ने अपना असली चेहरा दिखा दिया और रुप बदल बदल कर मानव जीवन को नुकसान पहुंचाता गया। अक्तूबर 2021 में कोरोना फिर सिर उठा सकता है ; वैज्ञानिक इसे तीसरी  लहर भी कह सकते हैं।कोरोना से मुक्ति अप्रैल 2022 से मिलेगी हालांकि इसका कमोबेश प्रभाव 2023 तक रहेगा।

चंद्रग्रहण कोरोना काल में , 26 मई को वृश्चिक राशि में लग रहा है और 23 मई 2021 को शनि वक्री हो गए हैं। इससे संक्रमण में कुछ कमी दिखनी आरंभ हो जाएगी। मान्यता है वक्री होने से शनि कमजोर पड़ जाते हैं। शनि  महाराज 141 दिन उल्टे चलेंगे। धनु, मकर और कुंभ वालों पर साढ़ेसाती चल रही है और मिथुन व तुला राशि पर शनि की ढैयया चल रही है। 11 अक्तूबर 2021 से शनि मार्गी हो जाएंगे और 2023 तक मकर राशि में ही रहेंगे। 

अक्तूबर 2021 में कोरोना फिर सिर उठा सकता है ; वैज्ञानिक इसे तीसरी  लहर भी कह सकते हैं। भारत इस महामारी से लड़ने में पूर्ण सक्षम रहेगा। परंतु कोरोना से मुक्ति अप्रैल 2022 से मिलेगी हालांकि इसका कमोबेश प्रभाव 2023 तक रहेगा।

ग्रहण का असर

भारत में कोई भी ग्रहण लगने पर ज्योतिष में उसका असर बताने की प्रथा सदियों से प्रचलित रही है और लगभग हर भारतीय विश्वास करे या न करे  फिर भी अपने बारे जानने की उत्सुकता बनी रहती है। विज्ञान इसे खगोलीय घटना मानता है परंतु ज्योतिष शास्त्र इस तथ्य से कब मना करता है ? खगोल विज्ञान ,ग्रहण का विभिन्न लोगों पर इसका प्रभाव नहीं बता सकता, वैदिक शास्त्र सदियों से बताता आ रहा है। चंद्र का संबंध जल से है तो ज्योतिष यह भी बताता है कि ‘फुल मून’ या ‘ब्लू मून’ या चंद्र ग्रहण पर सुनामी या आज वर्तमान में तौकते नामक चक्रवात की तरह ऐसे समुद्री तूफान या भूकंप या प्राकृतिक आपदाएं कब औेर क्यों आएंगे। ग्रहणों पर भविष्यवाणियों का आधार मेदनीय ज्योतिष होता है, व्यक्तिगत तौर पर आपके जन्मांग , दशा आदि पर भी ध्यान रखना होगा। ज्योतिष में मान्यता है कि किसी भी ग्रहण से 41 दिन पहले और 41 दिन बाद तक ग्रहण का प्रभाव प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, भूकंप, भूस्ख्लन में दिखता रहता है। जैसे तौकते नामक समुद्री तूफान ग्रहण से एक हफता पहले आ गया। 

2021 में पड़ने वाले 4 अन्य ग्रहण

1.चंद्रग्रहण--26 मई, बुधवार 2. सूर्यग्रहण-10 जून, वीरवार3.चंद्रग्रहण- 19 नवंबर, शुक्रवार 4. सूर्यग्रहण- 4 दिसंबर, शनिवार 

चंद्र  ग्रहण का , चंद्र राशि अनुसार कैसा रहेगा आपका आने वाला 41 दिन तक का समय ?

मेष: चंद्र ग्रहण थोड़े परेशानियों वाले संकेत दे रहा है. अपनी परेशानियों की वजह से गुस्सा दिखाने की जगह शांत रहें. स्वास्थ्य के हिसाब से थोड़ा मुश्किल समय है, इसलिए सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. धन लाभ के लिए ये समय शुभ संकेत दे रहा है. चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्र जप करना शुभ रहता है। आप इस समय में ऊॅं हं हनुमंते नम: का जप करें।

वृषभ: स्वास्थ्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन साथ ही कुछ रुके हुए कार्य पूर्ण होने और मनोकामनाएं पूरी होने के संकेत मिल रहे हैं. वैवाहिक जीवन में अशांति हो सकती है लेकिन वित्तीय लाभ के लिए अच्छा समय है. संयम बनाए रखें और किसी को कठोर शब्द न बोलें. पार्टनर की सेहत का भी विशेष ध्यान रखें. जहां तक संभव हो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और व्यर्थ के खर्चों से बचें.

मिथुन: ग्रहण शुभ संकेत लेकर आएगा. इस राशि के लोगों के खर्चों में थोड़ी कटौती होगी. शत्रु पर विजय प्राप्त करेंगे और परिश्रम अधिक करना पड़ेगा किंतु सफलता मिलेगी. जहां तक हो सके तर्क-वितर्क से बचें. धन- लाभ होने के योग बन रहे हैं।कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। वाद- विवाद से दूर रहना होगा।

कर्क: इस समय में आप अधिक आध्यात्मिक हो जाएंगे. ईश्वर भक्ति की और ध्यान केंद्रित करेंगे और मानसिक तनाव से बचेंगे. नौकरी या व्यापार में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं. चिकित्सा मुद्दों के लिए सचेत होने की आवश्यकता है. धन लाभ होगा लेकिन समाज में अपयश की प्राप्ति हो सकती है. ऊॅं शब्द का उच्चारण करते रहने से मन शांत रहेगा। 

सिंह: रिश्तों के लिए अच्छा समय है. व्यापार में सफलता मिलने के संकेत हैं. मामूली आर्थिक नुकसान के साथ, वित्त और खर्च होने के संकेत हैं. नौकरी के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें सफलता मिलेगी. परिवार से सहयोग मिलेगा, आर्थिक रूप से सफलता मिलेगी. ग्रहण अच्छे प्रभाव लेकर आएगा. • व्यापार में लाभ होगा।परिवार के सदस्यों का ध्यान रखें।कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करने से लाभ मिलेगा। 

कन्या: नौकरी में वृद्धि और स्थिरता प्राप्त कर सकते हैं. पेशे में भाग्य और आर्थिक लाभ मजबूत होगा. जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और अपने आसपास के लोगों के साथ धैर्य रखें. इस राशि के लोगों को परिश्रम अधिक करना पड़ेगा किंतु आमदनी कम होगी. व्यर्थ के खर्चे करने से बचें. आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।नौकरी और व्यापार में तरक्की के योग भी बन रहे हैं।कार्यों में सफलता मिलेगी। 

तुला: तुला राशि के लोगों को धन की प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए फिजूल खर्चों से बचें. स्वास्थ्य के क्षेत्र में हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव संभव हैं किंतु कोई बड़ी बीमारी होने का कोई संकेत नहीं है. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पार्टनर की सेहत के प्रति भी सचेत रहें.

वृश्चिक: अपने स्वास्थ्य और मानसिक तनाव का ध्यान रखें. जीवन साथी के साथ वाद-विवाद और मतभेद के संकेत है. आर्थिक नुक्सान होने के भी संकेत मिल रहे हैं इसलिए फिजूल के खर्चों को नियंत्रित करें. ईश्वर की भक्ति में लीन होने की कोशिश करें सफलता अवश्य मिलेगी. इस दौरान आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होंगी. करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. बादविवाद में फंस सकते हैं. मातापिता की सेहत बिगड़ सकती है

धनु: वाद -विवाद से बचें और वाणी पर नियंत्रण रखें. खर्चों पर नियंत्रण रखने की भी आवश्यकता है आर्थिक नुकसान के संकेत दे रहा है. शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा.

मकर:. अनपेक्षित प्रेम का संचार होगा. आर्थिक लाभ के लिए भी आपके लिए अच्छा समय है. पार्टनर के साथ संबंध अच्छे रहेंगे धैर्य रखें और ध्यान करें. संतान के सुख की प्राप्ति होगी, विद्या अध्ययन कर रहे लोगों को विद्या के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. • आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। नौकरी और व्यापार में सफलता हासिल करेंगे।स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां दूर होंगी। इस दौरान आर्थिक पक्ष मजबूत बनेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रशंसा होगी. व्यापार में तरक्की मिलेगी. नई योजनाएं बनाएंगे.

कुंभ राशि: कुंभ राशि के लोगों के लिए यह चंद्र ग्रहण थोड़ा कष्टप्रद साबित हो सकता है. बिजनेस में हानि हो सकती है. कोई भी काम समझदारी से करें. वाहन को सावधानी से चलाएं. सिर दर्द से परेशान हो सकते हैं. माता को कष्ट मिलने के संकेत मिल रहे हैं, साथ ही थोड़े शुभ संकेत भी मिल सकते हैं जैसे भूमि, वाहन से लाभ मिल सकता है. व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. यह समय आपके लिए बहुत अच्छा नहीं है इसलिए कार्यस्थल पर सामंजस्य बनाकर रखें. अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए हनुमान जी का ध्यान करें।

मीन : बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अधिक देखभाल की आवश्यकता है. वाद-विवाद से बचें और गलतफहमी को दूर करने के लिए संवाद करने का प्रयास करें. कोर्ट कचहरी के मामलों में अगर फंसे हुए हैं तो विजय प्राप्त होने के संकेत हैं. • भाग्य का साथ मिलेगा।धन -लाभ होने के योग भी बन रहे हैं।इस समय परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

 
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