Saturday, 15 August 2026
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भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है: सुमित शास्त्री

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(MOREPIC1)(MOREPIC2)(MOREPIC3)(MOREPIC4) ज्वालामुखी (विजयेन्द्र शर्मा) 

ज्वालामुखी के प्राचीन अष्टभुजी मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस के अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के कथा व्यास पंडित सुमित शास्त्री महाराज ने भगवान के चौबीस अवतारों के बारे में वर्णन किया। वहीं ज्ञान भक्ति में अंतर के बारे में बताया और महाभारत कथा राजा परीक्षित की कथा सुनाई जिसे सुनकर पंडाल में बैठे श्रोता भाव विभोर हो गए।

पंडित सुमित शास्त्री महाराज ने कहा कि भागवत कथा के सुनने से व्यक्ति में उत्तम चरित्र का निर्माण होता है और वह स्वयं को सफल बनाकर धर्म के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाता है। कथा में पहुंचे मेयर गौरव गोयल ने भी श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में भागवत कथा का बड़ा महत्व है और इसके सुनने से मनुष्य में धर्म भक्ति का संचार और अच्छे संस्कारों की उत्पत्ति होती है।(SUBHEAD)

उन्होंने राम जन्म एवं कृष्ण जन्म व बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 24 लाख की योनियों में भटकने के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है। जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है तब तक प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तब राम का जन्म हुआ । जब कंस ने सारी मर्यादाऐं तोड़ी तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है।

इस अवसर पर सुषमा सूद, राजेश सूद , आनंद गोयल , सुभाष सूद, शांति शर्मा , निरुपमा सूद , स्वाति गोयल , शामली सूद , रेणु सूद और पारस सूद व बडी तादाद में श्रोता उपस्थित रहे।