Tuesday, 09 June 2026
Breaking News
हिमाचल महासभा की कार्यकारिणी की बैठक में भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा की तय  एस्पायर संस्थान 15 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को प्रदान करेगा निःशुल्क कोचिंग मुख्यमंत्री ने ‘एस्पायर टैलेंट हंट’ का पोस्टर जारी किया प्रथम स्वर्गीय चौधरी भजन लाल ट्रॉफी उत्तर क्षेत्र अंडर-14 संयुक्त लड़के एवं लड़कियों का क्रिकेट टूर्नामेंट 17 जून से पंचकूला में सजा श्री बालाजी महाराज का दिव्य दरबार, महंत दिनेश पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं की समस्याओं का किया समाधान किसी को मुझे आज़माना नहीं है प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव है : कमांडेंट कमल सिसोदिया 5 सिग्नल बटालियन, केरिपुबल, हैल्लोमाज़रा में किया गया वृक्षारोपण डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे 'अवैध बस्ती', बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें ओआरसी सैनिक अकादमी के दो छात्रों का राष्ट्रीय सैनिक विद्यालयों में चयन "पेड़-पौधों में भी प्राण हैं,धरती की शान हैं...इनको बचाओ, हरा-भरा बनाओ और स्वस्थ जीवन पाओ"
चर्चा Trending

भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है: सुमित शास्त्री

Read in:Hindi

(MOREPIC1)(MOREPIC2)(MOREPIC3)(MOREPIC4) ज्वालामुखी (विजयेन्द्र शर्मा) 

ज्वालामुखी के प्राचीन अष्टभुजी मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस के अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के कथा व्यास पंडित सुमित शास्त्री महाराज ने भगवान के चौबीस अवतारों के बारे में वर्णन किया। वहीं ज्ञान भक्ति में अंतर के बारे में बताया और महाभारत कथा राजा परीक्षित की कथा सुनाई जिसे सुनकर पंडाल में बैठे श्रोता भाव विभोर हो गए।

पंडित सुमित शास्त्री महाराज ने कहा कि भागवत कथा के सुनने से व्यक्ति में उत्तम चरित्र का निर्माण होता है और वह स्वयं को सफल बनाकर धर्म के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाता है। कथा में पहुंचे मेयर गौरव गोयल ने भी श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में भागवत कथा का बड़ा महत्व है और इसके सुनने से मनुष्य में धर्म भक्ति का संचार और अच्छे संस्कारों की उत्पत्ति होती है।(SUBHEAD)

उन्होंने राम जन्म एवं कृष्ण जन्म व बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 24 लाख की योनियों में भटकने के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है। जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है तब तक प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तब राम का जन्म हुआ । जब कंस ने सारी मर्यादाऐं तोड़ी तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है।

इस अवसर पर सुषमा सूद, राजेश सूद , आनंद गोयल , सुभाष सूद, शांति शर्मा , निरुपमा सूद , स्वाति गोयल , शामली सूद , रेणु सूद और पारस सूद व बडी तादाद में श्रोता उपस्थित रहे।