ENGLISH HINDI Wednesday, February 25, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
अंतरराष्ट्रीय पैथोलॉजी कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर एम. एस. बल का सम्मानश्री साईं पालकी को अपने घर में निमंत्रण देने ड्रॉ 26 को मां सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप कालका ने किया संगीतमय कार्यक्रम जशन-ए-गीत का आयोजनरोज़ फेस्टिवल में 10 रुपये के नए नोटों के लिए मारामारी, लगी लंबी कतारेंहिमाचल महासभा ने धनास में स्वच्छता अभियान चलायासेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया गुप्ता मेमोरियल लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में बैंक ऑफ़ बड़ौदा से 6 रन के मामूली अंतर से हारीराज्यपाल ने मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता कीक्या असम विधानसभा चुनाव पर जुबिन गर्ग का मुद्दा छाया रहेगा?
धर्म

प्राचीन गुग्गा माडी मंदिर में लखदाता पीर का वार्षिक उत्सव का आयोजन

May 19, 2022 05:19 PM

  चंडीगढ़, आर के शर्मा 

सेक्टर 36 बी ए स्थित प्राचीन गुग्गा माडी मंदिर में लखदाता पीर के वार्षिक उत्सव मंदिर के गद्दीनशीन महंत, विश्वकर्मा समाज, चंडीगढ़ के शंकराचार्य व सूर्यवंशी अंतर्राष्ट्रीय अखाड़़ा के जगतगुरू जयकृष्ण नाथ तथा मंदिर की सह-संचालिका व विश्वकर्मा महिला मंडल की महामंडलेश्वर माता सुरिंद्रा देवी के सानिध्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्सव में शामिल हुए दूर-दर्राज से आये श्रद्धालु भगवान के मधुर भजन, कीर्तन व प्रवचन सुनकर निहाल हो गये।

उत्सव का शुभारंभ भव्य हवन के साथ किया गया जिसके पश्चात विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम के दौरान शहर की विभिन्न भजन मंडलियों ने अपने भजनों के द्वारा प्रभु नाम का आनंद बरसाया। जबकि दूसरी और मंदिर की सह-संचालिका व विश्वकर्मा महिला मंडल की महामंडलेश्वर माता सुरिद्रा देवी ने भगवान विश्वकर्मा व गणेश वंदना से उत्सव को प्रारंभ करते हुए मधुर भजनों से संगत को निहाल किया । इसके साथ म्यूजिक पर कुमार साहिल एंड पार्टी द्वारा भजनों में चार चांद लगाने में पूर्ण सहयोग दिया।

इसी कड़ी में राम दरबार के बिट्टू कव्वाल, साहिल एंड पार्टी ने भी भक्तों का समा बांधा। अंत में संगत और आए हुए समस्त संत समाज को सम्मानित करते हुए सभी का श्रीमती सीमा रानी द्वारा धन्यवाद किया गया ।

इस अवसर पर मंदिर के गद्दीनशीन महंत, विश्वकर्मा समाज, चंडीगढ़ के शंकराचार्य व सूर्यवंशी अंतर्राष्ट्रीय अखाड़़ा के जगतगुरू जयकृष्ण नाथ जी ने प्रभु नाम की महत्ता समझाते हुए उत्सव में शामिल हुए श्रद्धालुओं को प्रभु नाम में मन से जुड़े रहने को प्रेरित किया और धर्म के मार्ग पर चलते हुए और संसार के साथ अलौकिक जगत का मार्ग भी सुगम बनाए रखने पर प्रवचन देते हुए उत्सव को प्रारंभ किया। वहीं माता सुरिंद्रा देवी ने अपनी मधुर वाणी से संगत को ईमानदारी और सत्यनिष्ठ रहकर धर्म की शिक्षा पर जोर दिया। योगी सूरज नाथ जी ने संगत को संतो के साथ जुड़े रहने के साथ साथ नाम सिमरन सत्संग जनसेवा में लगे रहने को प्रेरित करते हुए अपनी वाणी द्वारा वातावरण को शुद्धता व शांति प्रदान की। अंबाला से आए हुए स्वामी ज्ञान नाथ जी ने संगत को प्रभु से आत्मा को जोड़ने की शिक्षा दी। महामंडलेश्वर राजनाथ जी, ने संत समाज के साथ संगत को जुड़ कर रहने का संदेश दिया। गंगा नाथ जी के अलावा अन्य संत समाज भी सम्मेलन में उपस्थित हुए।।जिनका सम्मान किया गया।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और धर्म ख़बरें
श्री साईं पालकी को अपने घर में निमंत्रण देने ड्रॉ 26 को महाशिवरात्रि महोत्सव पर विधिविधान से किया पूजन व विशाल भंडारा महाशिवरात्रि पर श्री हनुमंत धाम में 11000 से अधिक श्रद्धालुओं को पंचमुखी रुद्राक्ष का गान्ना बांधा महर्षि दयानन्द सरस्वती जी का 202वां जन्मोत्सव भव्यता एवं श्रद्धा के साथ संपन्न महाशिवरात्रि: शिव–शक्ति के मिलन और आत्मजागरण की पावन रात्रि भक्ति और मुक्ति का पवित्र साधन है शिव शक्ति कथा : नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज वृंदावन में आयोजित भागवत कथा में लीलाधर शर्मा को सम्मानित किया महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में निकाली प्रभातफेरी, ठंड के बावजूद दिखा भोले के भक्तों का जोश धर्म सम्मेलन में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई अमेरिकन हिंदू संगठन द्वारा प्रारंभ श्री सनातन धर्म संपर्क यात्रा फाजिल्का पहुंची