Tuesday, 21 July 2026
Breaking News
विश्व कराओके दिवस पर दिव्य कराओके सिंगिंग ग्रुप ने सजाई सुरों की महफ़िल हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बढ़ाई राष्ट्रीय पुरस्कार की राशि, अब डेढ़ लाख​ मिलेंगे, नंबरदारों और आशा वर्कर्स का मानदेय भी बढ़ाया बरनाला में निकली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे केंदीय मंत्री चिराग पासवान, संत निरंजन दास से लिया देश और समाज कल्याण का आशीर्वाद वूमन एंड चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी में किया किया शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन हरियाणा की करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी और टी.एस.एम. स्पोर्ट्स, चंडीगढ़ ने अपने लीग मैच जीते  चंडीगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा,  रथ यात्रा पर निकले भगवान जगन्नाथ, उमड़ा जनसैलाब कुमारहट्टी का दुःखद हादसा और अवारा पशु एथनॉल मिश्रित ईंधन से कार हुई खराब, मारुति सुजुकी देगी नया कार: उपभोक्ता आयोग आकाशवाणी कार्यालय परिसर में पपीता, संतरा, मोरिंगा, आम, कपूर, बांस, जामुन का किया पौधारोपण
हिमाचल Trending

सुक्खू पहली जुलाई को धर्मशाला में अग्निपथ योजना के विरोध में रोष मार्च निकालेंगे

Read in:Hindi

(MOREPIC1) धर्मशाला (विजयेन्दर शर्मा ) 

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू पहली जुलाई को धर्मशाला में अग्निपथ योजना के विरोध में रोष मार्च निकालेंगे। वह योजना का पहले से विरोध कर रहे युवाओं को कांग्रेस पार्टी व अपना समर्थन देंगे। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेंद्र शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि सुखविंदर सुक्खू ने युवाओं के समर्थन में योजना के खिलाफ हल्ला बोलने का निर्णय लिया है, साथ ही केंद्र सरकार से अग्निपथ को तुरंत वापस लेने की मांग की है। सुक्खू ने कहा है कि भाजपा सरकार सिर्फ खोखली बातें करना जानती है। देश के जवानों का मजाक उड़ाया जा रहा है। देश यह कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता है।(SUBHEAD)

सुक्खू के अनुसार हर वर्ष प्रदेश के हजारों युवा सेना भर्ती की तैयारी करते हैं। युवाओं का सपना होता है कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करें। भारत माता के लिए मर मिटने को तैयार नौजवानों को अनुबंध मजदूर की संज्ञा देकर सरकार ने अपनी युवा विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। तीनों सेनाओं में 2,55,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं। भाजपा सरकार ने 2 वर्षों से सेनाओं की भर्ती रोक रखी है, जिससे युवाओं में भारी बेचैनी है। कृषि विरोधी काले कानूनों की तरह ही सरकार को इस योजना को भी वापस लेना पड़ेगा।