Tuesday, 25 August 2026
Breaking News
काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस  योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली बनाएं : बाबूलाल जुनेजा  महाराष्ट्र की नेत्रहीनों ने, भारत-पाक सरहद पर किया रक्षा बंधन कार्यक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी परीक्षा में चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो वायरल होने का मामला, देवेश मौदगिल ने राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग की रक्षाबंधन पर 32 फुट वीर हनुमान जी के लिए तैयार की जा रही है सवा 12 फीट से अधिक लंबी राखी कंगाल हो गया बलटाना का इंडस बैंक! छोटी छोटी खुशियां ही जीवन हैं मेरा हरियाणा कप के लिए पहला ऑल इंडिया गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज़ टूर्नामेंट पलवल में 10 अक्टूबर से सुखना झील पर पर्यावरण जागरूकता रैली गौड़िया मठ में भगवान राधा माधव जी की छह दिवसीय झूलन यात्रा का शुभारंभ
राष्ट्रीय Trending

पर्ल ग्रुप के निदेशक हरचंद सिंह गिल गिरफ्तार

Read in:Hindi

(MOREPIC1) नई दिल्ली, फेस2न्यूज:

विदेश में रहने वाले भगोड़े लोगों को वापस लाने के लिए सीबीआई द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत गिल को फिजी से प्रत्यर्पित करके सोमवार देर रात देश लाया गया। सीबीआई का दावा है कि पिछले साल इस ऑपरेशन को शुरू किए जाने के बाद से लगभग 30 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत लाया गया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पर्ल ग्रुप के निदेशक हरचंद सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया है। गिल को पर्ल्स ग्रुप द्वारा कथित रूप से किए गए कई करोड़ रुपए के पोंजी घोटाले की जांच के तहत फिजी से भारत प्रत्यर्पित किया गया है।

(SUBHEAD)अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विदेश में रहने वाले भगोड़े लोगों को वापस लाने के लिए सीबीआई द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत गिल को फिजी से प्रत्यर्पित करके सोमवार देर रात देश लाया गया। सीबीआई का दावा है कि पिछले साल इस ऑपरेशन को शुरू किए जाने के बाद से लगभग 30 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत लाया गया था।

इस ऑपरेशन का उद्देश्य इंटरपोल की मदद से अपराधियों और भगोड़ों का पता लगाना और उन्हें वापस लाना है। एजेंसी ने 19 फरवरी, 2014 में करोड़ों निवेशकों को निवेश के बदले जमीन देकर ठगने के आरोप में पर्ल्स ग्रुप और उसके संस्थापक निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ जांच शुरू की थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि देशभर में निवेशकों को धोखा देकर कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की ठगी की।