Thursday, 24 September 2026
Breaking News
दशलक्षण पर्व में श्रद्धालुओं ने सांसारिक परिग्रह, मोह एवं आसक्ति से दूर रहते हुए आत्मा की ओर उन्मुख होने का संकल्प लिया लोगों की सेवा करना ही मुख्य मानवता का धर्म होना चाहिए : प्रदीप बत्रा बांग्लादेश के चट्टोग्राम हिल ट्रैक्ट्स में शांति समझौते के बावजूद बढ़ती चुनौतियां किसी नेता की इंतज़ार में कल्पा का 'सुसाइड प्वाइंट' एक मकबूल गीत जो मेरी समझ से बाहर है भारतीय पद्म विभूषण सम्मान 2026-27 से सम्मानित हुए डॉ. अतुल मलिकराम  "वंदे मातरम्" के 150 वर्ष, विद्या भारती के विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गूँज रहा विद्यालय परिसर  पावन दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम त्याग लक्षण की श्रद्धापूर्वक आराधना की गई 7वां रमा अत्रे विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 29 सितंबर से चंडीगढ़ में उत्तम तप लक्षण पर श्रद्धा और संयम की आराधना
राष्ट्रीय Trending

पर्ल ग्रुप के निदेशक हरचंद सिंह गिल गिरफ्तार

Read in:Hindi

(MOREPIC1) नई दिल्ली, फेस2न्यूज:

विदेश में रहने वाले भगोड़े लोगों को वापस लाने के लिए सीबीआई द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत गिल को फिजी से प्रत्यर्पित करके सोमवार देर रात देश लाया गया। सीबीआई का दावा है कि पिछले साल इस ऑपरेशन को शुरू किए जाने के बाद से लगभग 30 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत लाया गया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पर्ल ग्रुप के निदेशक हरचंद सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया है। गिल को पर्ल्स ग्रुप द्वारा कथित रूप से किए गए कई करोड़ रुपए के पोंजी घोटाले की जांच के तहत फिजी से भारत प्रत्यर्पित किया गया है।

(SUBHEAD)अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विदेश में रहने वाले भगोड़े लोगों को वापस लाने के लिए सीबीआई द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत गिल को फिजी से प्रत्यर्पित करके सोमवार देर रात देश लाया गया। सीबीआई का दावा है कि पिछले साल इस ऑपरेशन को शुरू किए जाने के बाद से लगभग 30 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत लाया गया था।

इस ऑपरेशन का उद्देश्य इंटरपोल की मदद से अपराधियों और भगोड़ों का पता लगाना और उन्हें वापस लाना है। एजेंसी ने 19 फरवरी, 2014 में करोड़ों निवेशकों को निवेश के बदले जमीन देकर ठगने के आरोप में पर्ल्स ग्रुप और उसके संस्थापक निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ जांच शुरू की थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि देशभर में निवेशकों को धोखा देकर कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की ठगी की।