Tuesday, 06 October 2026
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साहित्य, कला के उत्थान बिना संस्कृति का वितान सिकुड़ कर रह जाएगा : डॉ. सुमिता मिश्रा

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(MOREPIC1) फेस2न्यूज/चंडीगढ़

भाषा, साहित्य और संस्कृति के उन्नयन हेतु चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी द्वारा साहित्य और कला महोत्सव लिटेराटी के वसंत संस्करण का शनिवार को बेअंत सिंह मेमोरियल सोसाइटी, सेक्टर 42, चंडीगढ़ में आयोजन हुआ। महोत्सव में कला, साहित्य जगत के जाने माने हस्तियों ने हिस्सा लिया। संक्रान्त सानू, अश्वथ भट्ट, नीलम मान सिंह, रानी बलबीर कौर, डॉ. चंदर त्रिखा, ख़ुशवंत सिंह, नील कमल पुरी, मनमोहन सिंह, प्रिय हजेला जैसे नामचीन लेखकों ने महोत्सव में बतौर वक्ता शामिल हुए और विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखें।

चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी (सीएलएस) की चेयरपर्सन डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि लिटेराटी का ध्येय अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विविध पहलुओं को उजागर कर उसे युवाओं के बीच लेकर जाना है। हमें अपने अतीत, संस्कार और संस्कृति पर गर्व होना चाहिये। आने वाले भारत की पहचान इन्हीं से है। यह महोत्सव आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आयोजित होगा। (SUBHEAD)

इस संबंध में जानकारी देते हुए श्री दिलबाग जी ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध लेखक और उद्यमी संक्रांत सानू के मुख्य भाषण से हुई। सानू, द इंग्लिश मीडियम मिथ: डिसमेंटलिंग बैरियर टू इंडियाज ग्रोथ के लेखक हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और उसकी वैश्विक पहुंच विषय पर अपनी बात रखी।

मुख्य उद्बोधन के पश्चात् डॉ. चंदर त्रिखा, निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी ने अपनी रचनात्मक यात्रा के बारे बताया, लेखक खुशवंत सिंह और नील कमल पुरी क्रमशः अपने नवीनतम उपन्यासों, ओपियम टॉफी और ठेका टेल्स के बारे में विस्तार से बात की। रंगमंच की हस्तियां नीलम मान सिंह और रानी बलबीर कौर ने रंगमंच और उसके कलाकारों के जीवन की बारीकियों पर चर्चा की। हार्पर कॉलिन्स द्वारा प्रकाशित बेस्टसेलर उपन्यास लेडीज़ टेलर की लेखिका प्रिया हजेला से वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा दत्त ने उनके उपन्यास पर चर्चा की।

लेखक मनमोहन सिंह जो कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष हैं जिन्हें उनके उपन्यास निर्वाण के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सुशोभित किया गया है, ने अपनी रचना प्रक्रिया के गहराई से बताया।

महोत्सव के अंतिम सत्र में बॉलीवुड अभिनेता अश्वथ भट्ट ने भारतीय फिल्म उद्योग में अपने विशद अनुभव के बारे में बताया। भट्ट को हाल ही में मिशन मजनू, राज़ी और हैदर जैसी फिल्मों में देखा गया था।

दिनभर चले इस कार्यक्रम में सीएलएस, ट्राईसिटी के स्कूली बच्चों के लिए 'इंद्रधनुष के रंग' नामक एक पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें बच्चों की विस्तृत भागीदारी रही।

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