Sunday, 24 May 2026
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श्रीरामजन्मभूमि अयोध्या में श्रीरामजी की प्रतिष्ठा निमित्त अक्षरधाम में भव्य उद्घोष सभा संपन्न

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अबोहर, राज सदोष:
अयोध्या की श्रीरामजन्मभूमि पर नूतन भव्य मंदिर में भगवान श्रीरामजी की प्रतिष्ठा महोत्सव निमित्त 15 जनवरी तक के पूरे देश में सांस्कृतिक चेतना के जागरण हेतु एक विराट भक्ति अभियान का सूत्रपात स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली से किया गया।
बाबा रामदेव (पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार), गोविन्ददेव गिरि (रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास, अयोध्या) तथा भद्रेश स्वामी (स्वामिनारायण शोध संस्थान, अक्षरधाम, नई दिल्ली) के संयुक्त तत्त्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में विश्वप्रसिद्ध संत, महात्मा, धर्मगुरु एवं विद्वान महानुभावों ने भाग लिया।
मंचस्थ मनीषियों में स्वामी पुण्यानंद गिरि, परमात्मानंद सरस्वती, ज्ञानानंद जी, श्रीबालकानंद गिरि, प्रणवानंद सरस्वती, म.मं. श्रीविश्वेश्वरानंद गिरि, गोपालशरणदेवाचार्य, आचार्य श्रीलोकेश मुनि, च पत राय (श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या), नृपेन्द्र मिश्रा (श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या), आलोक कुमार (विश्व हिन्दू परिषद) आदि उपस्थित रहे।
अक्षरधाम संस्थान के प्रमुख महंतस्वामी महाराज ने आशीर्वचन प्रेषित किए कि भगवान रामचन्द्र का चरित्र सम्पूर्ण जगत के लिए प्रेरणादायी है। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर की प्रतिष्ठा के निमित्त यह भक्ति अनुष्ठान समग्र विश्व में आध्यात्मिक मूल्यों का संचार करेगा।
अक्षरधाम मंदिर के प्रभारी मुनिवत्सल स्वामीजी ने समग्र कार्यक्रम के व्यवस्थापन में सुचारु योगदान दिया । बीएपीएस अक्षरधाम के बालप्रवृत्ति के बालकों ने वैदिक शांतिगान से सभा का श्रीगणेश किया।
गोविंददेव गिरी महाराज ने कहा कि हनुमान चालीसा का जाप भक्तों की अशुभ क्रिया और अशुभ विचारों से रक्षा करेगा। जैन आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि 4 अप्रैल को भगवान महावीर जयंती है और उस शुभ दिन से मैं स्वयं भी हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू करूंगा। आलोक कुमार ने कहा कि हनुमान चालीसा के पाठ से भारत का विश्वगुरु बनना तय है । प्रणवानन्द सरस्वती ने कहा कि मैं दलितों और आदिवासियों के पास जा जाकर, भगवान राम और हनुमानजी को उनके जीवन तक पहुंचाने का संकल्प करता हूं।
भद्रेश स्वामी ने कहा कि राम जन्मभूमि में मंदिर का निर्माण तो हो रहा है परन्तु श्री राम के प्रति श्रद्धा बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। गोपालशरणदेवाचार्य ने कहा कि हनुमान जी विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा पूजनीय हैं। पुण्यानंद गिरी ने कहा कि हनुमान चालीसा पाठ से धार्मिक चेतना पुन: जागरूक होगी। स्वामी रामदेव ने कहा कि हनुमान चालीसा की गूंज सालों तक विश्व में गूंजेगी।