ENGLISH HINDI Wednesday, April 01, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
सेवामुक्त होने वाले पुलिसकर्मियों का सेवाकाल 31 मई तक बढ़ायाकोरोना : पहले कैदियों को रिहा किया, अब नशामुक्ति केंद्रों से नशेडिय़ों को भेजा जाएगा घर14 अप्रैल तक बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान: मुख्यमंत्रीगड़बड़झाला: दवा के नाम पर प्रशासन की आंखों में धूल झौंक रहे नगर परिषद अधिकारी व ठेकेदारगुरु का लंगर आई हॉस्पिटल ने प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों में लंगर वितरण कियादिल्ली में गैर-सरकारी संस्थाओं से हिमाचलवासियों की मदद का अनुरेाधहरियाणा में 70,000 लोगों की क्षमता के 467 राहत शिविर स्थापितमरकज की तबलीगी जमात से लौटे नागरिकों की तुरंत दे सूचना: डीसी
कविताएँ

और बता क्या लिखूं

January 09, 2019 12:58 PM

— रोशन

दर्द लिखूं या गीत लिखूं
मनमौजी मन की प्रीत लिखूं

लिखना पढ़ना मैं क्या जानू
दिल कहता है कुछ नवनीत लिखूं

चहूं ओर मचे घमासान में
आग लिखूं या शीत लिखूं

जाने वाले हमराहियों की
हार लिखूं या जीत लिखूं

हमने जो पाया और खोया
वो जश्न लिखूं या मात लिखूं

बता क्या ओ मेरे मीत लिखूं
नव सृजन करूं या अतीत लिखूं

सज्जा संवरा सवेरा हो या फिर
सांझ की वेला वो व्यथित लिखूं

प्रभु के दिए हुए का जिकर करूं
या पग—पग पर मिले आघात लिखूं

नव पगडंडियों का निर्माण करूं या
वही पुरानी पुरखों की रीत लिखूं

मनमौजी मन की प्रीत लिखूं
हार लिखूं या जीत लिखूं ।

संपादक, फेस2न्यूज

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें