ENGLISH HINDI Saturday, June 19, 2021
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
तीन संगठनों ने 26 जून को इमरजेंसी का काला दिन मनाने का किया आह्वान21 जून तथा 22 जून को बिजली बंद"कोरोना से हारा" जैसे शब्दों का प्रयोग करने वाले चैनलों ने किया पद्मश्री मिल्खा सिंह का अपमान: सोशल मीडियाबलात्कार एवं हत्या मामले में आरोपी को आजीवन/ जीवनपर्यंत कारावासचंडीगढ़ के मेयर रवि कांत शर्मा के साथ लगातार चौथे महीने विधवाओं को किया मासिक राशन का वितरण 21 जून को निर्जला एकादशी ,योग दिवस और सबसे लंबा दिन एक साथ ?रोपड़ पुलिस द्वारा जाली रैमडेसिविर बनाने वाले करोड़ों रुपए के अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाशसूचना और प्रसारण मंत्रालय के जनसंपर्क ब्यूरो द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रतियोगिताओं का आयोजन
संपादकीय

लॉक डाउन में प्रीपेड मोबाइल को वैलिडिटी एक्सटेंशन का लाभ डी टी एच उपभोक्ता को क्यो नहीं

April 19, 2020 12:04 PM

संजय कुमार मिश्रा

 देशव्यापी लॉक डाउन में उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों को देखते हुए टेलीकॉम कंपनियों ने रेगुलेटरी अथॉरिटी के सलाह पर अपने प्रीपेड मोबाइल सेवाओं की वैधता (जो लॉक डाउन पीरियड में समाप्त हो रही थी) को 3 मई 2020 तक बढ़ाने की घोषणा की है ताकि उपभोक्ता को रिचार्ज नहीं होने के कारण भी उसकी इनकमिंग कॉल जारी रहेगी और वो सेवा से जुड़े रहेंगे। लेकिन रिचार्ज की समस्या तो डीटीएच उपभोक्ताओं को भी है फिर उनके लिए ना तो ट्राई ने और ना ही कंपनियों ने कोई समुचित उपाय किए।

टाटा स्काई ने तो अपने उपभोक्ताओं को उधार की सुविधा प्रदान की है, लेकिन एयरटेल डिजिटल टी वी ने गिनती के चार चैनल जैसे रसोई एवं फिटनेस आदि को अपने ग्राहकों को मुफ्त में देने की घोषणा की है ताकि उपभोक्ता का कनेक्शन चालू रहे और कंपनियों का मीटर घूमता रहे।

एयरटेल डिजिटल टी वी ने तो अपने कई उपभोक्ता के टी वी रिचार्ज नहीं हो पाने के कारण बंद कर दिए, ऐसे ही चंडीगढ़ ट्राइसिटी में जीरकपुर के एक उपभोक्ता ने हमारे संवाददाता को बताया कि लॉक डाउन में उसके टीवी का रिचार्ज 18 अप्रैल को समाप्त हो गया और वो सोच ही रहे थे कि अब टीवी को कैसे रिचार्ज किया जाय तभी एयरटेल डिजिटल कंपनी से टैक्स्ट मैसेज आ गया टीवी बंद होने का।

सवाल ये भी है कि इस लॉक डाउन में जब सभी दुकानें एवम् प्रतिष्ठान बंद है और रिचार्ज की समस्या कमोबश सभी को है तो फिर ट्राई एवं टेलीकॉम कंपनियों द्वारा प्रीपेड मोबाईल उपभोक्ता एवम् डी टी एच उपभोक्ताओं के बीच अंतर की एक लकीर खींचना उचित है ? (संजय कुमार मिश्रा, सूचना के अधिकार और उपभोक्ता मामलों के कर्मठ कार्यकर्ता,  पत्रकार  हैं)   

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और संपादकीय ख़बरें