ENGLISH HINDI Tuesday, June 28, 2022
Follow us on
 
कविताएँ

विधान विधि का

May 28, 2020 06:11 AM

- रोशन


वो सृजनकर्ता
कब दंडित करता है
और
कब नवाज़ता है
इसे भला
कौन जानता है
जो मानता है
वो जानता नहीं
जो जानता वो
पहचानता नहीं
जो पहचानता है
वो बोलता नहीं
देखता है
खेल सब
पहचान का है
जो पहचान गया
वो तर गया
तुरता नहीं है
बस!
इससे आगे
कोई खेल नहीं है...

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें