कोविड काल से सीनियर सिटिज़न्स, स्टूडेंट्स, खिलाड़ियों और मरीज़ों के लिए बंद हुई रेल सहूलियते आज तक नहीं हुई बहाल, अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत पेंडिंग कामों को जल्दी से जल्दी पूरा कराने और नॉन-एसी ट्रेनों में बढ़ोतरी करना :सांसद मीत हेयर
अखिलेश बंसल /नई दिल्ली
देश में सिर्फ 13 हजार पैसेंजर ट्रेनें ही चल रही हैं, जबकि जरूरत 18 हजार ट्रैनों की है। यह खुलासा संगरूर से लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर ने सदन में रेल मंत्रालय की ग्रांट्स की मांगों पर बहस में हिस्सा लेते हुए किया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते कहा कि कोविड काल के दौरान रेलवे ने सीनियर सिटिज़न्स, स्टूडेंट्स, खिलाड़ियों और मरीज़ों को मिलती सहूलियते बंद कर दी थी जो आज तक बहाल नहीं की गई।
सांसद मीत हेयर ने लोकसभा में कहा कि देश में हर दिन 2 करोड़ से ज़्यादा लोग ट्रेनों में सफ़र करते हैं और लाखों लोगों को वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश की 97% आबादी साधारण (नॉन-एसी) ट्रेनों में सफर करती है और सिर्फ 3% लोग महंगी एसी या वंदे भारत ट्रेनों में सफर करते हैं। इसलिए आम लोगों की सुविधा के लिए नॉन-एसी ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए क्योंकि इस समय 18,000 की जगह सिर्फ 13,000 पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। उन्होंने पंजाब के रेलवे यात्रियों से जुड़े मुद्दे उठाते कहा अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत पेंडिंग कामों को जल्दी से जल्दी पूरा कराने और नॉन-एसी ट्रेनों में बढ़ोतरी करने की जरूरत है।
सांसद ने कोविड के दौरान तपा मंडी स्टेशन पर रोकी गई ट्रेनों ( नांदेड़ साहिब एक्सप्रेस, ऋषिकेश एक्सप्रेस ) को बहाल करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि श्री गंगानगर से ऋषिकेश जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में बहुत ज़्यादा लोग सफर करते हैं, इसलिए इसमें कम से कम 5 एक्स्ट्रा जनरल कोच और 1 वातानुकूलित चेयर कार जोड़ी जाए। उन्होंने बरनाला शहर के अंदर सेखा फाटक और खुदी रोड से हंडियाया रोड के बीच फाटक पर अंडरब्रिज बनाने की भी मांग की।
सांसद मीत हेयर ने रेल मंत्री से अपील की कि सीनियर सिटिजन, स्टूडेंट्स, खिलाड़ियों और मरीजों को ट्रेन किराए में जो छूट कोविड महामारी के दौरान बंद कर दी गई थी, उसे तुरंत प्रभाव से फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने संगरूर लोकसभा इलाके से जुड़े ज़रूरी मुद्दे पर बात करते कहा कि अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत संगरूर, सुनाम और धूरी स्टेशनों को चुना गया था, लेकिन यहां काम अभी भी पेंडिंग है। पिछले 7 महीनों से धूरी में कोई स्पेशल मालगाड़ी शुरू नहीं की गई है, जिससे धूरी, बरनाला और संगरूर के साइलो पूरी तरह भर गए हैं। आने वाले सीजन में नई फसल रखने की जगह नहीं है, इसलिए जल्द ही दूसरा इंतज़ाम किया जाना चाहिए।
सांसद ने कोविड के दौरान तपा मंडी स्टेशन पर रोकी गई ट्रेनों ( नांदेड़ साहिब एक्सप्रेस, ऋषिकेश एक्सप्रेस ) को बहाल करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि श्री गंगानगर से ऋषिकेश जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में बहुत ज़्यादा लोग सफर करते हैं, इसलिए इसमें कम से कम 5 एक्स्ट्रा जनरल कोच और 1 वातानुकूलित चेयर कार जोड़ी जाए। उन्होंने बरनाला शहर के अंदर सेखा फाटक और खुदी रोड से हंडियाया रोड के बीच फाटक पर अंडरब्रिज बनाने की भी मांग की।