राज सदोष/अबोहर।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन आबू रोड में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान शांतिवन के विशाल मैदान में ब्रह्माकुमारीज संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके संतोष दीदी ने कहा कि जैसे पतंगों की डोर मनुष्य के हाथ में होती है। वह जितना ही कुशलता से उड़ाता है उतना ही वह पतंग उंचे आसमान में उड़ती है। इसलिए हमें उड़ती पतंग से सीख लेते हुए जीवन को श्रेष्ठ कर्म की उंचाईयों पर ले जाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने लोगों से कहा कि उड़ाने भरते समय बहुत सम्भलने की जरुरत है। इसलिए जितना सतर्क होकर आनन्दित होकर पतंग की डोर संभालते है। ऐसे ही जीवन की डोर को संभालते रहना चाहिए।
महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि हमारा जीवन एक पतंग की तरह है। जिसकी डोर परमातमा के हाथों में सौंपने से जीवन खुशहाल हो जाता है। उतार चढ़ाव का दौर पूरे लाईफ चलता है। ऐसे में घबराने की बजाए संयमित होकर संभालने की जरुरत है।
अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय ने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाए देते हुए जीवन में खुश रहने की गुण बताये। कार्यक्रम में विज्ञान एवं अभियन्ता प्रभाग के अध्यक्ष मोहन सिंघल, ह्दय रोग विशेषज्ञ डाॅ सतीष गुप्ता ने कहा कि मनुष्य का जीवन बहुत उत्तम और श्रेष्ठ है। इसलिए इसे पूरा संभालना चाहिए।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने आसमान में पतंग तो उड़ाये साथ ही देर तक थिरकते रहे। लोगों को गुड़ तिल खिलाकर बधाई दी गयी। कार्यक्रम में बीके सुधीर, बीके सतीष, बीके ईश्वर समेत कई लोग उपस्थित थे।