ENGLISH HINDI Sunday, February 08, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
स्टार ऑफ ट्राइसिटी के एनुअल सेरेमनी व प्री-वैलेंटाइन पार्टी में दिखेगा ग्लैमर, सम्मान और प्यार का जश्नफिल्म घूसखोर पंडित के शीर्षक को लेकर विवाद, नेटफ्लिक्स इंडिया और नीरज पांडे के खिलाफ शिकायतदिल्ली की 42 वर्षीय भारतीय पर्वतारोही ज्योति शर्मा ने रचा इतिहासआम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की सरेआम हत्यास्कूलों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर एक मार्च से लगेगा प्रतिबंधः मुख्यमंत्रीकनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की मुलाकात, निवेश, नवाचार और कौशल विकास पर हुई सार्थक चर्चाहरियाणा में एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार का तबादलासूरजकुंड मेले में दिखा दक्षिण भारत की चित्रकला का वैभव
राष्ट्रीय

फ्लाइट कैंसिल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था न देना गंभीर सेवा दोष, स्पाइसजेट एयरलाइन पर लगा 60 हजार रुपये का जुर्माना

December 24, 2025 11:14 AM

कंज्यूमर कोर्ट अजमेर का महत्वपूर्ण फैसला. 

फेस2न्यूज /अजमेर
अजमेर के एक दंपति को अयोध्या से जयपुर के लिए बुक की गई फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रा की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने को गंभीर सेवा दोष मानते हुए अजमेर की उपभोक्ता अदालत ने स्पाइसजेट एयरलाइंस पर साठ हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

पीड़ित परिवादी नारीशाला रोड निवासी मनीष शर्मा ने एडवोकेट तरुण अग्रवाल के जरिए वाद पेश कर बताया कि उसने अपने व अपनी पत्नी का स्पाइसजेट एयरलाइंस में 30 मार्च 2024 का अयोध्या से जयपुर के लिए IXIGO वेब पोर्टल के माध्यम से टिकट बुक करवाया था। यात्रा की तारीख से 2 दिन पूर्व उनके पास फ्लाइट रद्द होने का मैसेज आया जिसमें फ्लाइट रद्द होने का कारण नहीं बताया गया था। शर्मा ने एयरपोर्ट जाकर फ्लाइट रद्द होने का कारण व वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में जानकारी ली तो कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे पाया। अचानक फ्लाइट रद्द होने से परिवादी व उसकी पत्नी भारी परेशानी में आ गए क्योंकि उस समय अयोध्या में लाखों यात्री रामला  के दर्शन हेतु आए हुए थे।

इसी स्थिति का पूर्व आभास करते हुए तथा अपने स्वास्थ्य कारणों व सुविधा में आराम हेतु एक माह पूर्व फरवरी में ही टिकट बुक करवाया था ताकि उन्हें यात्रा में कोई परेशानी ना हो। किंतु फ्लाइट रद्द होने से परिवादी व उसकी पत्नी को किराए की टैक्सी कर अजमेर आना पड़ा जो कि बड़ा कष्टदायक रहा है साथ ही अनावश्यक खर्च भी वहन करना पड़ा। इसके अतिरिक्त एयरलाइंस द्वारा टिकट की राशि भी विलंब से व टुकड़ों में लौटाई गई।

परिवादी के वकील द्वारा आयोग के समक्ष रखे तथ्यों, न्यायिक दृष्टांतों व दस्तावेजों के आधार पर आयोग ने पाया कि सेवा प्रदाता द्वारा सेवा का वचन देकर उसे समय पर उचित एवं अपेक्षित रूप में प्रदान नहीं करना सेवा में दोष है।

एयरलाइंस की जवाबदेही..

आयोग का दृढ़ मत है कि हवाई यात्रा केवल एक व्यावसायिक लेन-देन नहीं है बल्कि उपभोक्ता के समय, विश्वास एवं जीवन की योजनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा है। इससे संबंधित लापरवाही को आयोग किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगा। आयोग यह भी आवश्यक समझता है कि वर्तमान प्रकरण में विपक्षी एयरलाइन की लापरवाही केवल टिकट रद्दकरण अथवा विलंबित रिफंड तक सीमित नहीं रही है बल्कि उसके परिणाम स्वरुप परिवादी एवं उसकी पत्नी के बेशकीमती क्षण, पूर्वनियोजित यात्रा, मानसिक शांति, पारिवारिक समय तथा विश्वास भी व्यर्थ हुए जिसकी मुद्रा में वास्तविक भरपाई संभव नहीं है। उपभोक्ता के समय एवं मानसिक शांति का मूल्य मात्र धनराशि से नहीं आका जा सकता है।

एयरलाइंस की आंतरिक/ प्रशासनिक प्रक्रिया का बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जा सकता। आधुनिक उपभोक्ता व्यवस्था में एयरलाइन से केवल परिवहन नहीं बल्कि समय, सुरक्षा और भरोसे की सेवा अपेक्षित होती है। टिकट मूल्य प्राप्त कर सेवा प्रदान नहीं करना या रिफंड में अनावश्यक विलंब करना उपभोक्ता के साथ आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न के समान है।

आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमावत, सदस्य जयश्री शर्मा व दिनेश चतुर्वेदी ने परिवाद स्वीकार कर स्पाइसजेट एयरलाइंस को आदेश दिया कि वह परिवादी को हुई मानसिक वेदना, आर्थिक संताप, भारी असुविधा एवं सेवा दोष के प्रति कर स्वरूप ₹50000 एवं वादव्यय स्वरूप ₹10000 आदेश की तिथि से 45 दिन में अदा करें। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की सेवा में कमी अथवा उपभोक्ता अधिकारों के प्रकरण पुनः संज्ञान में आते हैं तो आयोग केवल प्रतिकार तक सीमित न रहकर दंडात्मक लागत एवं उपभोक्ता कल्याण कोष में राशि जमा जैसे कठोर आदेश पारित करेगा।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
गैंडे की रक्षा से विकास की पटरी तक: असम ने संरक्षण की मिसाल कायम की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कैसे हासिल करें सफलता , शिक्षा जगत के माहिर मोटीवेटर चरणजीत कुमार मित्तल दिए टॉप-10 टिप्स सिंगापुर से आई बुरी खबर: क्या जुबीन को न्याय मिलेगा? पतंगों से सीखे जीवन की उंची और सुखद उड़ान-संतोष दीदी ई एस आई डिस्पेंसरी पंचकूला की दादागिरी- नियम मनवाऊंगा लेकिन मांगने पर नियम की कॉपी नहीं दिखाऊंगा तीन सवाल, जो बना सकता है प्रशासन को जिम्मेवार और बदल सकता है आपका लाइफस्टाइल ब्र.कु. नवीना बहन के दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह का आयोजन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज को मिला उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट दायित्व, अनुयायियों में खुशी की लहर बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के मायने खास खबरः 14 साल में भारत में डेंगू के करीब 27 लाख केस