अखिलेश बंसल/ बरनाला
देशभर में परीक्षाएं फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से शुरु हो रही 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में सफलता कैसे हासिल की जा सकती है, इसके बारे में शिक्षा जगत के माहिर मोटिवेटर चरणजीत कुमार मित्तल जो कि केन्द्रीय विद्यालय बीएसएफ जलालाबाद से बतौर प्रिंसिपल सेवामुक्त हुए हैं वह उच्च क्लासों के छात्र-छात्राओं को टिप्स दे रहे हैं।
यह बताई मूल चुनौतियाः
शिक्षा मोटिवेटर चरणजीत कुमार मित्तल का कहना है कि जैसे ही वार्षिक परीक्षाओं की तारीख तय होती है तो बच्चे खुद ही अपने आप में परीक्षाओं को लेकर मानसिक डर बना लेते हैं। कारण यह है कि बच्चों को इस बात का डर रहता है कि यद्यपि इन परीक्षाओं में उनके मेरिट लेवल के अंक नहीं मिले तो उन्हें बेहतरीन कालेजों में सीटें व दाखिला नहीं मिल सकेगा अतः उनका करियर अंधकारमय हो जाएगा। यही भय बच्चों के परिजनों में भी है।
यह बताए टिप्सः
*मानसिक तौर पर संतुलन बनाएं। * पाठ्यक्रम को दोहराने की समय सारणी तैयार करें। * सिलेबस का पैटर्न अंकों के वेटेज के अनुसार अच्छी तरह से अध्ययन करें।* अपने अपने बोर्ड से संबंधित 10 साल पुराने और नए सैंपल टेस्ट पेपर का अध्ययन लिखित रूप से नियमित समय के अनुसार करें। * चैप्टर के मुताबिक मॉक टेस्ट करें तथा हर चेप्टर के बाद कुछ मिनटों के लिए ब्रेक लें। * अगर किसी भी चैप्टर में कोई समस्या आ रही है तो तुरंत संबंधित अध्यापक से संपर्क कर समस्या का निवारण करवाए।* शारीरिक तौर पर स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (रोजाना 7-8 घंटे नींद लें, पौष्टिक आहार ले)।*खुद पर कॉन्फिडेंस बनाकर रखें, अपनी तुलना किसी से और किसी की तुलना अपने से नहीं करें।* परीक्षाओं को चुनौती मानकर पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी में लगाएं। माता-पिता का प्रतिदिन आशीर्वाद लें।* सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें, अनावश्यक एक्टिविटीज में भाग नहीं लें। दूसरे साथियों या लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दें।
परिजनों की ड्यूटीः
*घर में माहौल शांतिपूर्ण रखें। * बच्चों को अनावश्यक नहीं टोकें। * अपने बच्चों की किसी से तुलना नहीं करें। * अपने बच्चों का आत्मविश्वास बनाने में सहयोग करें। * बच्चों के खाने व पीने का ध्यान रखें, घर पहुंचने वाले रिश्तेदारों से दूरी बनाएं, अपना ज्यादा समय बच्चों पर केन्द्रित करें।
स्कूल व अध्यापकों की ड्यूटीः
प्रसिद्ध मोटिवेटर चरणजीत कुमार मित्तल का कहना है कि ऐसे टिप्स से बच्चे तंदरुस्त परीक्षाएं दे सकेंगे। उनका केवल और केवल एक ही उद्देश्य है कि भारत देश का हर विद्यार्थी उच्चतम शिक्षा हासिल करे, देश शिक्षा क्षेत्र में पूरे विश्व का मुकाबला करे, पूरे विश्व को चुनौती दे सके, भारत देश के अंदर ही रहकर हर फील्ड में रिसर्च करके देश को समृद्धशाली, ताकतवर, हर बेरोजगार के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कर सके। इन्हीं विद्यार्थियों की बदौलत हमारे देश की अर्थव्यवस्था विदेशी डॉलर विदेशी पॉन्ड्स को मात दे सके।
*स्कूल एवं संबंधित सब्जेक्ट के अध्यापक अपने विद्यार्थियों की कमजोरियों को दूर करें।*बच्चों के परिजनों से लगातार संपर्क में रहें, उन्हें बच्चों की फीडबैक देते रहें। * बच्चों का समय समय पर मार्गदर्शन करें तथा उन्हें प्रेरणा देते रहें।
यह बताया मकसद: प्रसिद्ध मोटिवेटर चरणजीत कुमार मित्तल का कहना है कि ऐसे टिप्स से बच्चे तंदरुस्त परीक्षाएं दे सकेंगे। उनका केवल और केवल एक ही उद्देश्य है कि भारत देश का हर विद्यार्थी उच्चतम शिक्षा हासिल करे, देश शिक्षा क्षेत्र में पूरे विश्व का मुकाबला करे, पूरे विश्व को चुनौती दे सके, भारत देश के अंदर ही रहकर हर फील्ड में रिसर्च करके देश को समृद्धशाली, ताकतवर, हर बेरोजगार के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कर सके। इन्हीं विद्यार्थियों की बदौलत हमारे देश की अर्थव्यवस्था विदेशी डॉलर विदेशी पॉन्ड्स को मात दे सके।