ENGLISH HINDI Monday, March 23, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
'शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा'महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर करने और उनके प्रति समाज में जागरूकता फैलाने हेतु सम्मान समारोह आयोजितप्री-प्राइमरी वार्षिक समारोह में नन्हे-मुन्नों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग52वीं अखिल भारतीय शहीद भगत सिंह ट्रॉफी अंडर-16 डे नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट 20 अप्रैल से बैलेंसिंग प्रोग्रेस एंड एथिक्स : एआई इन एजुकेशन एंड मेन्टल हेल्थ सपोर्ट विषय पर सेमिनार आयोजितहरियाणा पुलिस ने लॉन्च किया ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप, रंगदारी कॉल्स पर लगेगी लगाम , देश में पहली अनूठी पहल चिकित्सा लापरवाही में आईवी अस्पताल दोषी, मृतक 19 वर्षीय छात्रा गुरप्रीत कौर के परिवार को 45 लाख का मुआवजा देने के आदेशचिकित्सा लापरवाही में आईवी अस्पताल दोषी, मृतक 19 वर्षीय छात्रा गुरप्रीत कौर के परिवार को 45 लाख का मुआवजा देने के आदेश
राष्ट्रीय

'शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा'

March 23, 2026 09:54 AM

 मनमोहन सिंह

जगदंबा प्रसाद मिश्र हितैषी की 1916 या 1917 में लिखी ये पंक्तियां आज भी याद हैं। खास कर आज के दिन जब हम अपने शहीदों को याद कर रहे हैं, इन पंक्तियों को दोहराना ज़रूरी है। क्योंकि जो देश अपने शहीदों और उनके इतिहास को याद नहीं रखते उन्हें फिर इतिहास भी याद नहीं रखता। तबाह हो जाते हैं वे मुल्क।

लेकिन हम आज पूरी श्रद्धा से सर झुका कर अमर शहीद भगत सिंह,शिव राम राजगुरु और सुखदेव थापर को याद कर रहे हैं। जिन्हें उस समय की अंग्रेज़ी हुकूमत ने डर और घबराहट में सभी परंपराएं तोड़ कर आज ही के दिन संध्या के समय फांसी पर लटका दिया था।

वे लोग चले गए पर विचार नहीं मरा करते। उनकी शहादत और उनके विचार आज भी हमारी नौजवान पीढ़ी के लिए 'लाईट हाऊस' हैं। आज इन तीनों को गए 95 साल गुज़र चुके हैं लेकिन जो सपने इन्होंने आज़ाद भारत के लिए देखे थे वे पूरे नहीं हुए हैं। उनके सपनों का भारत हमें बनाना है। देश के लिए मरने वाले सभी शहीदों को नमन।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
अलविदा कह गए दोस्त, यादों से कहाँ बिछुड़ते हैं…! खास खबर: जरूरत 18 हजार पैसेंजर ट्रेन की, चल रही हैं सिर्फ 13 हजार कृष्ण राज अरुण बने न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के कार्यकारी अध्यक्ष दादी हृदयमोहिनी की पांचवी पुण्य तिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि पहल कदमी: राजिंदर गुप्ता ने निजी सोशल मीडिया पर राज्यसभा में उठाया मुद्दा चटगांव हिल ट्रैक्ट्स: क्या पूर्वोत्तर भारत के लिए उभरती सुरक्षा चुनौती? होली : बुराई पर अच्छाई की जीत........ गैंडे की रक्षा से विकास की पटरी तक: असम ने संरक्षण की मिसाल कायम की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कैसे हासिल करें सफलता , शिक्षा जगत के माहिर मोटीवेटर चरणजीत कुमार मित्तल दिए टॉप-10 टिप्स सिंगापुर से आई बुरी खबर: क्या जुबीन को न्याय मिलेगा?