ENGLISH HINDI Monday, February 02, 2026
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
मेयर सौरभ जोशी ने किया 19 वर्षीय प्राची की पलेठी पुस्तक ईस्ट डायरेक्शन का विमोचनस्टार्टअप, डीप टेक और डेटा सेंटर का नया गढ़ बनेगा हरियाणा, पंचकूला बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली : नायब सिंह सैनीगैंडे की रक्षा से विकास की पटरी तक: असम ने संरक्षण की मिसाल कायम कीइनकम टैक्स में कोई राहत न देने से व्यापारियों को निराशामिराकल हीलिंग बंद करो व पाखंडवाद मुर्दाबाद के नारों से गुंजायमान हो गया प्लाजा का माहौलप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हलवारा एयरपोर्ट का उद्घाटन करने 1 फरवरी को आएंगे पंजाब20 एचसीएस अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल, सरकार ने जारी किए आदेशराइट टू सर्विस कमीशन ने प्रभावित आवंटी मनोज वशिष्ठ को 5,000 रुपये तक का मुआवज़ा देने के दिए आदेश
हरियाणा

महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय की लापरवाही, आरटीएस कमीशन ने 15 हजार के जुर्माने व शिकायतकर्ता को 5 हजार मुआवजा देने के आदेश

December 18, 2025 04:13 PM

संजय कुमार मिश्रा / चंडीगढ़

हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने नूंह जिले से संबंधित एक मामले में आरटीएस समय-सीमा के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। नूंह निवासी शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत समय पर आवेदन किया, लेकिन निर्धारित आरटीएस अवधि के बावजूद उन्हें योजना का लाभ काफी देरी से प्रदान किया गया।

आयोग ने पाया कि योजना का लाभ लाभार्थी को छह माह से अधिक की देरी से प्रदान किया गया, जो आरटीएस अधिनियम की भावना के विपरीत है।

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि जांच में सामने आया कि आवेदन 25 जुलाई, 2024 को सरल पोर्टल पर जमा किया गया था, लेकिन आवश्यक यूनिक कोड समय पर जनरेट न होने के कारण लाभ का भुगतान 16 अप्रैल, 2025 को किया जा सका। डीपीओ, नूंह द्वारा बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद डब्ल्यूसीडीपीओ, नूंह-2 कार्यालय से यूनिक कोड समय पर जारी नहीं किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने सहायक की भूमिका को मुख्य रूप से देरी के लिए जिम्मेदार पाया। आयोग ने यह भी अवलोकन किया कि सुनवाई के दिन उनके आचरण से आधिकारिक कर्तव्यों के प्रति लापरवाही परिलक्षित हुई।

आयोग ने हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत सहायक पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है तथा शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। कुल 20,000 रुपये की राशि सहायक के वेतन से वसूल की जाएगी, जिसमें से 15,000 रुपये राज्य कोष में जमा होंगे और 5,000 रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे।

आयोग ने डीपीओ, नूंह को आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट दस्तावेजी प्रमाण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, संबंधित अवधि में डब्ल्यूसीडीपीओ के प्रभार को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग कोटे के अंतर्गत नियुक्ति होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाए। अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हरियाणा ख़बरें
स्टार्टअप, डीप टेक और डेटा सेंटर का नया गढ़ बनेगा हरियाणा, पंचकूला बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली : नायब सिंह सैनी 20 एचसीएस अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल, सरकार ने जारी किए आदेश राइट टू सर्विस कमीशन ने प्रभावित आवंटी मनोज वशिष्ठ को 5,000 रुपये तक का मुआवज़ा देने के दिए आदेश सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन मुख्यमंत्री नायब सैनी का जन्मदिन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया सैन सभा पंचकूला को बड़ी उपलब्धि, 1000 वर्ग मीटर प्लॉट का ऐतिहासिक अलॉटमेंट बीबीएमबी चेयरमैन की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी की क्या है भाजपा ज्वाइन करने की मजबूरी! कहां से मिला थ्रेट लोहड़ी के शुभ अवसर पर पानीपत में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, 100 से अधिक मरीजों को मिला लाभ सतबीर सिंह को लगाया सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के लिए मेला प्रशासक भारतीय किसान संघ पंचकुला की जिला व खंड कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक सम्पन्न