अंधविश्वास, धोखाधड़ीपूर्ण धार्मिक गतिविधियों और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विशाल रोष प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया
फेस2न्यूज /चण्डीगढ़
पंजाब बचाओ मोर्चा (पीबीएम) द्वारा आज अध्यक्ष तेजस्वी मिन्हास के नेतृत्व में सेक्टर 17 स्थित प्लाजा में अंधविश्वास, धोखाधड़ीपूर्ण धार्मिक गतिविधियों और पंजाब में कथित अवैध धार्मिक धर्मांतरण के खिलाफ एक विशाल रोष प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य उन तथाकथित “स्वयंभू बाबाओं” और “चमत्कारी पास्टरों” के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना था, जिनमें अंकुर नरूला जैसे नाम शामिल हैं, जो व्यक्तिगत और आर्थिक लाभ के लिए झूठे चमत्कारों, भ्रामक प्रचार और डर फैलाने का आरोप झेल रहे हैं।
इस प्रदर्शन में पंजाब भर से आए ईसाई नेताओं, किसान मोर्चा, छात्र संगठनों, बार एसोसिएशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में प्रलोभन, धोखाधड़ी, दबाव और गलत प्रस्तुति के माध्यम से धर्मांतरण किए जा रहे हैं, जो एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य के सामाजिक संतुलन और जनसांख्यिकीय ढांचे के लिए गंभीर खतरा हैं।
सभा को संबोधित करते हुए श्री तेजस्वी मिन्हास ने आरोप लगाया कि अंकुर नरूला, सोनिया नरूला, हरप्रीत देओल सहित कुछ व्यक्ति बिना वैध एफसीआरए लाइसेंस के विदेशी फंडिंग प्राप्त कर रहे हैं और इस धन का उपयोग आक्रामक प्रचार, निजी ब्रांडिंग और जनता को गुमराह करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हजारों गरीब और कमजोर लोग झूठे चमत्कारों और इलाज के वादों के कारण मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से शोषित हो रहे हैं।
मिन्हास ने पंजाब सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इन गतिविधियों पर कार्रवाई करने के बजाय ऐसे तत्वों को मंच, संरक्षण और राज्य स्तरीय आयोजनों में स्थान देकर परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस का दुरुपयोग असहमति और विरोध को दबाने के लिए किया जा रहा है तथा इस मुद्दे को उठाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
मिन्हास ने पंजाब सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इन गतिविधियों पर कार्रवाई करने के बजाय ऐसे तत्वों को मंच, संरक्षण और राज्य स्तरीय आयोजनों में स्थान देकर परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस का दुरुपयोग असहमति और विरोध को दबाने के लिए किया जा रहा है तथा इस मुद्दे को उठाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
प्रदर्शन में उपस्थित ईसाई नेताओं ने एक स्वर में कहा कि तथाकथित चमत्कारी प्रचारकों द्वारा ईसाई धर्म का दुरुपयोग और अपहरण किया जा रहा है, जो सच्चे ईसाइयों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, ऑर्थोडॉक्स, सीएनआई , मेथोडिस्ट, सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट और साल्वेशन आर्मी जैसे पारंपरिक ईसाई संप्रदायों ने समाज में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सेवा संस्थान स्थापित कर ऐतिहासिक योगदान दिया है, जिन्हें अब अनुचित रूप से हाशिए पर धकेला जा रहा है।
अंत में पंजाब बचाओ मोर्चा ने अंधविश्वास, धार्मिक धोखाधड़ी और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि संगठन सामाजिक सद्भाव, कानून के शासन और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से संघर्ष जारी रखेगा।