पहले दिन से ही 10 से 12 उड़ानों को संभालने की क्षमता के साथ हलवारा एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से करेगा सीधा संपर्क
अखिलेश बंसल/ लुधियाना/बरनाला।
पंजाब के लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्र का वर्षों पुराना सपना 1 फरवरी को साकार होगा। बरनाला-लुधियाना स्टेट हाईवे पर हलवारा में निर्मित हुए शहीद-ए-आजम सरदार करतार सिंह सराभा एयरपोर्ट का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। गौरतलब हो कि यह उद्घाटन पंजाब के बुनियादी ढांचे के विकास में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे लुधियाना ही नहीं बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ी एयर कनेक्टिविटी की सौगात मिलेगी।
एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के पीछे गुप्ता का हाथः
हलवारा एयरपोर्ट की शुरुआत के पीछे राज्यसभा सांसद और सम्मानित उद्योगपति पद्मश्री राजिंदर गुप्ता द्वारा निरंतर प्रयास करना बताया जा रहा है। उन्होंने राज्यसभा के अपने कार्यकाल के पहले ही दिन संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास के लिए एयरपोर्ट की आवश्यकता पर जोर दिया था। उनके हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया था, जो अब प्रधानमंत्री द्वारा एयरपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के साथ पूरा हो रहा है।
दो लाख यात्रियों को संभालने की होगी सालाना क्षमताः
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पंजाब सरकार के संयुक्त उपक्रम से विकसित इस नए टर्मिनल भवन पर 54.67 करोड़ रुपए की लागत लगी है। करीब 2,000 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल में एप्रन और अन्य सहायक सुविधाएं शामिल हैं। इसकी पीक-ऑवर क्षमता लगभग 300 यात्रियों की है, जबकि सालाना करीब दो लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी।
गुप्ता ने किया प्रधानमंत्री का आभार व्यक्तः
प्रधानमंत्री श्री नरेन्दर मोदी जी का आभार जताते हुए राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मालवा क्षेत्र, विशेषकर लुधियाना, पंजाब की औद्योगिक रीढ़ है, जहां हजारों मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और एमएसएमई कार्यरत हैं। स्थानीय एयरपोर्ट न होने के कारण व्यापारियों और उद्यमियों को चंडीगढ़ या अमृतसर जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती थी। हलवारा से उड़ानें शुरू होने से कारोबार सुगम होगा, नए निवेश आकर्षित होंगे और निर्यात-आयात गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
दशकों तक नहीं था यहां कोई वाणिज्यिक एयरपोर्टः
संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने यह भी बताया कि लुधियाना अकेले देश के औद्योगिक उत्पादन में 72,000 करोड़ से अधिक का योगदान देता है और यहां 1.5 लाख से ज्यादा एमएसएमई हैं, फिर भी दशकों तक यहां कोई वाणिज्यिक एयरपोर्ट नहीं था। इसके साथ ही पंजाब की 22–25 लाख की मजबूत एनआरआई आबादी, छात्रों, मेडिकल यात्रियों और उद्यमियों की जरूरतों को भी उन्होंने रेखांकित किया।
प्रतिदिन करीब 2,500 यात्रियों और पहले दिन से ही 10–12 उड़ानों को संभालने की क्षमता के साथ यह एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क देगा। गौरतलब हो हलवारा एयरपोर्ट का उद्घाटन रोजगार सृजन, पर्यटन को बढ़ावा, अन्य एयरपोर्ट्स पर दबाव कम करने और मालवा क्षेत्र को राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों से मजबूती से जोड़ने की दिशा में एक बड़े उत्प्रेरक के रूप में देखा जा रहा है।