फेस2न्यूज/चंडीगढ़
पजाब-हरियाणा बार काऊंसिल के चुनाव के लिये प्रत्याशियों ने अपने अपने मत पक्के करने के लिए सघन जन अभियान चलाया। इसी सिलसिले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की एडवोकेट नेहा जॉली कक्कड़ ने पंजाब एवं हरियाणा के साथ-साथ चण्डीगढ़ की सभी कहचरियों में जाकर सभी वकीलों से मुलाकात की और उन्हें पूरा विश्वास दिलाया कि अगर वे जीतीं तो अपने सारे कार्यकाल में वे सभी वकीलों की भलाई के लिए ही कार्यरत्त व समर्पित रहेंगी।
नेहा जॉली कक्कड़ ने अपने घोषणा पत्र में पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ बार काउंसिल के सभी युवा वकीलों के लिये आरम्भ के पहले तीन वर्षों तक 15,000/-रुपए स्टाईपैंड भत्ता दिलाने का वादा किया है। उनके मुताबिक युवा वकीलों को करियर के पहले शुरूआती तीन वर्षों में भारी आर्थिक संकट का सामना करना पडता है क्योंकि आमदन कोई नही होती बल्कि खर्चे अधिक होने शुरू हो जाते है। उन्होंने तो यह भी बताया कि इस भारी आर्थिक संकट की गंभीर समस्या के कारण भारी संख्या में युवा वकील अपने कैरियर के पहले तीन वर्षों में वकालत का पेशा मजबूर होकर छोड जाते है। उनका सब से पहला प्रयास होगा कि नए युवा वकीलों को कम से कम तीन वर्ष तक 15,000/ रुपए स्टाइपेंड भत्ता सुनिश्चित किया जाए। सभी, वकीलों का समूह बीमा योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेंशन संबंधी योजनाओं को अनिवार्यता लागू करवाने का वायदा किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने न्यायालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया तांकि अधिवक्ता निर्भय होकर पीड़ित को न्याय दिला सके। इसके अलावा जिला बार एसोसिएशनों और बार काउंसिल के बीच बेहतर समन्वय और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना, अधिवक्ताओं के लिए डिजिटल सुविधाओं, लाइब्रेरी और रिसर्च संसाधनों का विस्तार करवाना, महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण तथा विशेष सुविधाओं की व्यवस्था करवाना, अधिवक्ताओं की पेशेवर समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित और प्रभावी तंत्र विकसित करना, बार और बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण और मजबूत संवाद स्थापित करना व अधिवक्ताओं की गरिमा, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए मजबूत और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व प्रदान करने के भी वायदे किए।
उल्लेखनीय है कि बीसीपीएच के मतदाता अत्यंत शिक्षित, अनुभवी और जागरूक हैं, जो किसी भी प्रकार के भ्रम या दिखावे में आने के बजाय ईमानदारी, कर्मठता और योग्यता को ही प्राथमिकता देते हैं। प्रत्याशी एडवोकेट नेहा जॉली (कक्कड़) ने चुनाव प्रचार के दौरान पंजाब और हरियाणा की विभिन्न जिला अदालतों तथा माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं से व्यापक जनसंपर्क किया है और हर वर्ग के अधिवक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया है। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में 157 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 50 महिला अधिवक्ता भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। चुनावी सरगर्मियों के मध्य अधिवक्ताओं के बीच एडवोकेट नेहा जॉली के नाम को लेकर विशेष उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। युवा अधिवक्ताओं के साथ-साथ महिला अधिवक्ताओं ने भी उन्हें भरपूर समर्थन देने का भरोसा जताया है और प्रथम वरीयता से मतदान करने का आश्वासन दिया है। वहीं विभिन्न न्यायालयों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें विजयी होने का आशीर्वाद दिया है।
एडवोकेट नेहा जॉली (कक्कड़) ने अधिवक्ता समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह स्वयं एक अधिवक्ता होने के नाते अपने साथी अधिवक्ताओं की समस्याओं, अधिकारों और हितों के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बार काउंसिल का निर्माण करना है।
नेहा जॉली (कक्कड़) ने कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन मिलता है, तो वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी और अधिवक्ता समुदाय की आवाज़ को हर मंच पर मजबूती से उठाएंगी।