हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और पुलिस द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शिकायतकर्ता की ओर से मामले की पैरवी सुशांत गुप्ता एवं एडवोकेट देविंदर राजपूत ने की. माननीय जस्टिस ने अराधना साहनी ने दोनों पक्षों की दलीलों सुन कर आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी.
सुभाष जिंदल/ चंडीगढ़।
50 किलो प्रतिबंधित मांस की बरामदगी के मामले में आरोपी नूर मोहम्मद को किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल पाई है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2025 को पुलिस ने आरोपी नूर मोहम्मद को 50 किलो पॉलीथिन में भरे मांस के साथ पकड़ा था। प्रारंभिक जांच के आधार पर उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 299 के तहत एफआईआर नंबर 106 दर्ज की गई थी। उसी समय आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने बेल पर छोड़ दिया था।
इसके बाद बरामद मांस का सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया, जहां जांच रिपोर्ट में मांस को प्रतिबंधित श्रेणी का पाया गया। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ पंजाब प्रतिबंधित गौ हत्या एक्ट की धारा 8 के तहत नोटिस जारी किया गया।
मामले में आगे कार्यवाही के दौरान आरोपी ने निचली अदालत, चंडीगढ़ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे 15 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद आरोपी ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की।
इस याचिका पर 19 जनवरी 2026 को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की माननीय जस्टिस अराधना साहनी ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ आवश्यक है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित मांस से जुड़ा नेटवर्क कौन संचालित कर रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और पुलिस द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शिकायतकर्ता की ओर से मामले की पैरवी सुशांत गुप्ता एवं एडवोकेट देविंदर राजपूत ने की. माननीय जस्टिस ने अराधना साहनी ने दोनों पक्षों की दलीलों सुन कर आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी.