दीपक सिंह/ चंडीगढ़
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, सेक्टर-50, चंडीगढ़ द्वारा दिनांक 19 फरवरी 2026 को 60 विद्यार्थियों के लिए नई दिल्ली का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा जागरूक एवं नैतिक मतदान के महत्व को सुदृढ़ करना था।
इस यात्रा को कॉलेज की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) निशा अग्रवाल एवं वाइस-प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) पूनम अग्रवाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्राचार्या प्रो. (डॉ.) निशा अग्रवाल ने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की नोडल अधिकारी डॉ. रेनुका मेहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और अपने मत की शक्ति को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि “एक वोट” लोकतंत्र की दिशा और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में कितना महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को बताया गया कि उनका मत उन प्रतिनिधियों को चुनने में सहायक होता है, जो देश की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्थाओं तक पहुँचते हैं और निष्पक्ष एवं भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की स्थापना में योगदान देते हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. रेनुका मेहरा एवं श्री गगनप्रीत सिंह के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम इंडिया गेट का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों ने ईमानदारी, निष्ठा एवं राष्ट्रसेवा की भावना को बनाए रखने की शपथ भी ली।
इसके उपरांत, श्रीमती रेखा शर्मा (पी.एस. टू एम.पी.) एवं श्री अंकित के सहयोग से विद्यार्थियों ने संसद भवन परिसर में पुराने एवं नए लोकसभा कक्ष, राज्यसभा कक्ष, संयुक्त बैठक कक्ष तथा नई संसद पुस्तकालय का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने स्पीकर की बैठक व्यवस्था, सत्तापक्ष एवं विपक्ष की भूमिका, संसदीय अधिकारियों के कार्य तथा निम्न सदन के लिए लाल एवं उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए हरे रंग के प्रतीकात्मक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।
विद्यार्थियों को विधेयकों के प्रारूपण, चर्चा, पारित होने तथा कानून में परिवर्तित होने की प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी दी गई। भ्रमण का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र एवं विभाग द्वारा आयोजित अल्पाहार के साथ हुआ। यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुई और उन्हें अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक एवं उत्तरदायी बनने की प्रेरणा मिली।