फेस2न्यूज/चण्डीगढ़ :
सेक्टर-20 में आयोजित धर्म सम्मेलन के अवसर पर आयोजित वैचारिक सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने सनातन धर्म, राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और ऐतिहासिक चेतना पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मंजीत कौर, पूर्व प्राचार्य, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, चंडीगढ़ ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिहाड़े के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के गौरवशाली इतिहास का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का बलिदान मानवता, धर्म और स्वतंत्रता की रक्षा का अद्वितीय उदाहरण है।
इस अवसर पर नरेश, विभाग प्रचारक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान को रेखांकित करते हुए समाज में एकता, सेवा और संस्कारों के महत्व पर बल दिया।
तमन्ना शर्मा, हरियाणा व पंजाब प्रांत प्रचार प्रमुख एवं महिला समन्वय की प्रांत सह संयोजिका (पंजाब प्रांत) ने अपने संबोधन में संघ के पंच परिवर्तन विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और स्वावलंबन की आवश्यकता बताई।
बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर ने समाज से सनातन धर्म के मूल्यों पर चलने का आग्रह किया और युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। मठ मंदिर से वामन जी महाराज ने भी धर्म, संस्कार और सेवा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न मठों, मंदिरों, संप्रदायों एवं सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना था।