ENGLISH HINDI Sunday, November 30, 2025
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
थिएटर आर्ट्स द्वारा लाइट एंड साउंड शो गुरु तेग बहादुर सिमरिये आयोजितमहान संगीत कभी पुराना नहीं होता : अमिताभ सेनगुप्तानृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज को मिला उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट दायित्व, अनुयायियों में खुशी की लहरकॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नौकरी से निकालना दुर्भाग्यपूर्ण : प्रो. लक्ष्मीकांता चावलापहला स्वर्गीय सरदार सावन सिंह ट्रॉफी मेन सीनियर्स क्रिकेट टूर्नामेंट 10 दिसंबर से मनीमाजरा में आयोजित विशेष सेवा शिविर में सैंकड़ों लोगों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभडीएवी कॉलेज में डॉग बिहेवियरिस्ट और ट्रेनर जगतार सिंह ने एनिमल सेफ्टी पर उपयोगी सेशन दियाअंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा पवेलियन को मिला स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल
धर्म

अक्षरधाम में मनाए गए गोवर्धनपूजा और अन्नकूट महोत्सव

October 28, 2022 12:15 PM

अबोहर, फेस2न्यूज ब्यूरो:
पिछले पाँच दिनों से दिल्ली के अक्षरधाम में उत्सवों की शृंखला मनाई जा रही है। धन-त्रयोदशी, हनुमान चतुर्दशी, दीपावली के बाद श्री गोवर्धनजी पूजन तथा अन्नकूट उत्सव भी बड़े हर्षोल्लास से मनाए गए। इस पर्व में हजारों भाविक जन पधारे।
अक्षरधाम परिसर की रोनक देखते ही बनती थी। सम्पूर्ण परिसर को फूलों के तोरण से सजाया गया था। संतों ने वैदिक महापूजाविधि से गोवर्धन जी का पूजन किया। मंडप में ही गोमाता की अर्चना कर उनकी मंत्रों से स्तुति की गई। भारत की प्राचीन सनातन परंपरा में गोवर्धन पूजा का बड़ा महत्त्व है। भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के कोप से गोकुलवासियों की रक्षा की थी। तबसे गोवर्धन जी की पूजा प्रचलित हुई। भगवान की शरणागति के साथ प्रकृति के प्रति प्रेम का भी यह अनुपम उदाहरण है। आज समग्र विश्व में यह उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। भारतीय सनातन संस्कृति और धर्म के वैश्विक प्रचारक परम पूज्य महंतस्वामी महाराज की प्रेरणा से अक्षरधाम संस्थान के विश्वभर के सभी मंदिरों में यह उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
इसके साथ ही यह समय फसल की कटाई का है। भक्तों की भावना होती है कि पहली फसल के व्यंजन बनाकर भगवान को अर्पण करें। भगवान के मंदिरों में लगनेवाले इस अन्न के कूट अर्थात् पर्वत को ही अन्नकूट उत्सव कहते हैं। भक्तजन सैंकड़ों व्यंजन बनाकर भगवान के समक्ष थाल में सजाते हैं। अंत में उसी भोग में से भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।
विश्वप्रसिद्ध दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में भारतीय सनातन धर्म के सभी उत्सव बड़ी गरिमा से मनाए जाते हैं। इस उत्सव का लाभ लेने के लिए सम्पूर्ण विश्व से श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और धर्म ख़बरें
श्री सत्य साई बाबा की 100वीं जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई श्रीराम कथा में केवट प्रसंग व भरत मिलाप के मार्मिक वर्णन से नम हुई आंखें श्री रेणुका जी झील पर प्रतिदिन आरती की पहल सराहनीयः राज्यपाल गुरु नानक के संदेश किरत करो, नाम जपो, वंड छको को अपनाना जरूरी : प्राचार्य डॉ. जसविंदर सिंह मन को प्रसन्न रखना सबसे बड़ा तप : सुधांशु जी महाराज खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव श्री श्याम संकीर्तन करके मनाया सनातन संस्कृति के तीन पायदान यज्ञ, दान व तप : सुधांशु महाराज मठ मंदिर में गोपाष्टमी धूमधाम से मनाई गई तिरुपति के आध्यात्मिक सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मऋषि गुरुवानंद का चंडीगढ़ प्रवास 6 दिसंबर से श्री हनुमंत धाम में श्री हनुमान जयंती उत्सव 24 से